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Chamoli News: थैंग गांव में रिंगाल हस्तशिल्प का प्रशिक्षण शुरू
Tue, 21 Jan 2025 06:36 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Tue, 21 Jan 2025 06:36 PM IST
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फोटो
ज्योतिर्मठ। ब्लॉक ज्योतिर्मठ के थैंग गांव में मंगलवार को रिंगाल हस्तशिल्प का 10 दिवसीय उत्पादन आधारित प्रशिक्षण शुरू हो गया है। इस प्रशिक्षण में ग्रामीणों को रिंगाल के उत्पाद बनाने में पारंगत किया जाएगा। प्रशिक्षण में 30 लोग प्रतिभाग कर रहे हैं।
मंगलवार को नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क और जनदेश स्वैच्छिक संगठन कल्प क्षेत्र भर्की उर्गम की ओर से थैंग गांव में प्रशिक्षण शुरू हुआ। प्रशिक्षण में ग्रामीणों को रिंगाल के विभिन्न डिजाइनों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। चारधाम यात्रा के दौरान आने वाले श्रद्धालु बड़ी संख्या में स्थानीय उत्पाद खरीदते हैं लेकिन रिंगाल के सीमित उत्पाद ही तैयार हो पाते हैं, जिससे लोगों को इसका अधिक लाभ नहीं मिल पाता है। यदि ग्रामीण इसमें दक्ष होते हैं और बेहतर उत्पाद तैयार करते हैं तो उन्हें इसका भरपूर लाभ मिलेगा। इसलिए यह प्रशिक्षण शुरू किया गया। इस अवसर पर उत्तराखंड रेशा एवं बांस परिषद के मुख्य प्रशिक्षक राजेंद्र लाल, वन आरक्षी चंद्र मोहन सिंह, सरपंच वन पंचायत हरजीत सिंह, ग्रामीण ज्योति देवी, मनीषा, देवीलाल, प्रियंका और हरीश आदि मौजूद रहे। संचालन रघुवीर सिंह चौहान ने किया।
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ज्योतिर्मठ। ब्लॉक ज्योतिर्मठ के थैंग गांव में मंगलवार को रिंगाल हस्तशिल्प का 10 दिवसीय उत्पादन आधारित प्रशिक्षण शुरू हो गया है। इस प्रशिक्षण में ग्रामीणों को रिंगाल के उत्पाद बनाने में पारंगत किया जाएगा। प्रशिक्षण में 30 लोग प्रतिभाग कर रहे हैं।
मंगलवार को नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क और जनदेश स्वैच्छिक संगठन कल्प क्षेत्र भर्की उर्गम की ओर से थैंग गांव में प्रशिक्षण शुरू हुआ। प्रशिक्षण में ग्रामीणों को रिंगाल के विभिन्न डिजाइनों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। चारधाम यात्रा के दौरान आने वाले श्रद्धालु बड़ी संख्या में स्थानीय उत्पाद खरीदते हैं लेकिन रिंगाल के सीमित उत्पाद ही तैयार हो पाते हैं, जिससे लोगों को इसका अधिक लाभ नहीं मिल पाता है। यदि ग्रामीण इसमें दक्ष होते हैं और बेहतर उत्पाद तैयार करते हैं तो उन्हें इसका भरपूर लाभ मिलेगा। इसलिए यह प्रशिक्षण शुरू किया गया। इस अवसर पर उत्तराखंड रेशा एवं बांस परिषद के मुख्य प्रशिक्षक राजेंद्र लाल, वन आरक्षी चंद्र मोहन सिंह, सरपंच वन पंचायत हरजीत सिंह, ग्रामीण ज्योति देवी, मनीषा, देवीलाल, प्रियंका और हरीश आदि मौजूद रहे। संचालन रघुवीर सिंह चौहान ने किया।
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