{"_id":"60a693d58ebc3ebb272b29ed","slug":"rain-became-an-obstacle-in-funeral-karnpryag-news-drn379262920","type":"story","status":"publish","title_hn":"अंतिम संस्कार में बाधक बनी बारिश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अंतिम संस्कार में बाधक बनी बारिश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बृहस्पतिवार को दिनभर बारिश के कारण लोगों को अंतिम संस्कार करने में परेशानियों से जूझना पड़ा। अलकनंदा नदी के बढ़ते जलस्तर और भीगी लकड़ियों में मुश्किल से लोग शवों का अंतिम संस्कार कर सके। कर्णप्रयाग में पुलिस ने बारिश के बीच ही एक कोरोना संक्रमित का अंतिम संस्कार किया।
चमोली जिले में दो दिनों से लगातार बारिश जारी है। कर्णप्रयाग के चौकी प्रभारी कमलकांत रतूड़ी ने बताया कि बुधवार को नारायणबगड़ क्षेत्र के एक गांव में होम आइसोलेशन में रह रहे 45 वर्षीय एक व्यक्ति का कोरोना से निधन हो गया था। सूचना पर थराली पुलिस और एसडीआएफ के जवान गांव में पहुंचे और शव को अंत्येष्टि के लिए नारायणबगड़ लाए, लेकिन वहां घाट पर टीनशेड न होने से अंत्येष्टि नहीं हो पाई। फिर भारी बारिश और रात होने के कारण शव को कर्णप्रयाग लाकर मोर्चरी में रखा गया। बृहस्पतिवार को दिनभर तेज बारिश होती रही। दोपहर में अंतिम संस्कार के लिए जब शव को मोर्चरी से पोखरी पुल के नीचे बने घाट पर अलकनंदा नदी किनारे ले जाया गया तो बारिश और ज्यादा तेज हो गई। घंटों तक इंतजार के बाद मुश्किल से कोविड की गाइडलाइन के तहत पीपीई किट पहनकर शव का अंतिम संस्कार किया गया।
विज्ञापन
चमोली जिले में दो दिनों से लगातार बारिश जारी है। कर्णप्रयाग के चौकी प्रभारी कमलकांत रतूड़ी ने बताया कि बुधवार को नारायणबगड़ क्षेत्र के एक गांव में होम आइसोलेशन में रह रहे 45 वर्षीय एक व्यक्ति का कोरोना से निधन हो गया था। सूचना पर थराली पुलिस और एसडीआएफ के जवान गांव में पहुंचे और शव को अंत्येष्टि के लिए नारायणबगड़ लाए, लेकिन वहां घाट पर टीनशेड न होने से अंत्येष्टि नहीं हो पाई। फिर भारी बारिश और रात होने के कारण शव को कर्णप्रयाग लाकर मोर्चरी में रखा गया। बृहस्पतिवार को दिनभर तेज बारिश होती रही। दोपहर में अंतिम संस्कार के लिए जब शव को मोर्चरी से पोखरी पुल के नीचे बने घाट पर अलकनंदा नदी किनारे ले जाया गया तो बारिश और ज्यादा तेज हो गई। घंटों तक इंतजार के बाद मुश्किल से कोविड की गाइडलाइन के तहत पीपीई किट पहनकर शव का अंतिम संस्कार किया गया।
विज्ञापन