{"_id":"69da3c385b42acab44090d65","slug":"protest-against-new-school-timetable-karnpryag-news-c-48-1-kpg1001-122694-2026-04-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamoli News: स्कूलों की नई समय सारणी का विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamoli News: स्कूलों की नई समय सारणी का विरोध
Sat, 11 Apr 2026 05:49 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Sat, 11 Apr 2026 05:49 PM IST
विज्ञापन
उत्तराखंड स्टेट प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन ने प्राथमिक शिक्षा को भेजा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। बीते छह अप्रैल से स्कूलों के लिए शुरू हुई नई समय सारणी के विरोध में प्राथमिक शिक्षक भी आ गए हैं। उत्तराखंड स्टेट प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन चमोली इकाई ने प्राथमिक शिक्षा निदेशक को ज्ञापन भेजकर पुरानी समय सारणी के अनुरूप ही स्कूलों के संचालन की मांग की।
नई समय सारणी के अनुसार ग्रीष्मकाल में पौने आठ बजे से स्कूल शुरू होगा और दोपहर 2 बजकर 5 मिनट पर छुट्टी होगी जबकि शीतकाल में समय सुबह 8 बजकर 50 मिनट पर शुरू होगा और तीन बजकर 10 मिनट पर बंद होगा। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष दिगंबर नेगी, जिलामंत्री मुकेश नेगी, कोषाध्यक्ष प्रेम सिंह आदि का कहना है कि पहाड़ में बच्चे दूरस्थ गांवों से स्कूल पहुंचते हैं। शीतकाल में सुबह आठ बजे स्कूल पहुंचना बच्चों के लिए संभव नहीं है। वह भी तब जब गांवों के पास जंगली जानवरों का भय रहता है जबकि ग्रीष्मकाल में स्कूल बंद होने के वक्त तेज गरमी रहती है। ऐसे में नई समय सारणी बच्चों के स्वास्थ्य के साथ ही सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ है। उन्होंने पुरानी व्यवस्था पर ही स्कूलों के संचालन की मांग की। ज्ञापन देने वालों में मोहन रावत, महिपाल चौहान, यदुबीर बिष्ट, जगदीप रावत, रणबीर नेगी, प्रेम नौटियाल, सुशील राज, फ़ियाज अहमद, श्वेता रावत, पानू चौहान, विजय सिमल्टी, बलबीर बधानी, विजय निराला आदि शामिल हैं।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। बीते छह अप्रैल से स्कूलों के लिए शुरू हुई नई समय सारणी के विरोध में प्राथमिक शिक्षक भी आ गए हैं। उत्तराखंड स्टेट प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन चमोली इकाई ने प्राथमिक शिक्षा निदेशक को ज्ञापन भेजकर पुरानी समय सारणी के अनुरूप ही स्कूलों के संचालन की मांग की।
नई समय सारणी के अनुसार ग्रीष्मकाल में पौने आठ बजे से स्कूल शुरू होगा और दोपहर 2 बजकर 5 मिनट पर छुट्टी होगी जबकि शीतकाल में समय सुबह 8 बजकर 50 मिनट पर शुरू होगा और तीन बजकर 10 मिनट पर बंद होगा। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष दिगंबर नेगी, जिलामंत्री मुकेश नेगी, कोषाध्यक्ष प्रेम सिंह आदि का कहना है कि पहाड़ में बच्चे दूरस्थ गांवों से स्कूल पहुंचते हैं। शीतकाल में सुबह आठ बजे स्कूल पहुंचना बच्चों के लिए संभव नहीं है। वह भी तब जब गांवों के पास जंगली जानवरों का भय रहता है जबकि ग्रीष्मकाल में स्कूल बंद होने के वक्त तेज गरमी रहती है। ऐसे में नई समय सारणी बच्चों के स्वास्थ्य के साथ ही सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ है। उन्होंने पुरानी व्यवस्था पर ही स्कूलों के संचालन की मांग की। ज्ञापन देने वालों में मोहन रावत, महिपाल चौहान, यदुबीर बिष्ट, जगदीप रावत, रणबीर नेगी, प्रेम नौटियाल, सुशील राज, फ़ियाज अहमद, श्वेता रावत, पानू चौहान, विजय सिमल्टी, बलबीर बधानी, विजय निराला आदि शामिल हैं।
विज्ञापन