गैरसैंण। स्थायी राजधानी गैरसैंण के लिए आंदोलन को गति देने के लिए संघर्ष समिति ने दूसरे चरण की रणनीति तैयार की गई है। राजधानी की मांग के लिए 20 जुलाई से नौ नवंबर तक लगातार धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
यहां आयोजित बैठक में आंदोलनकारियों ने विधानसभा परिसर में अविलंब निर्माण कार्य पूरा करने, आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और गैरसैंण को जिला घोषित करने की मांग भी उठाई। कहा गया कि पूर्व विधायक डा. एपी मैखुरी, जीतराम टम्टा, राजेंद्र भंडारी, रानीखेत के पूर्व विधायक मदन बिष्ट मार्गदर्शक मंडल में होंगे। राजधानी संघर्ष समिति के अध्यक्ष नारायण बिष्ट के नेतृत्व में आंदोलन में सुरेश बिष्ट, सुरेंद्र बिष्ट और नगर पंचायत अध्यक्ष पुष्कर सिंह रावत संचालन समिति में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। निर्णय लिया गया कि 20 जुलाई से पांच सितंबर तक विधानसभा कर्णप्रयाग के 11 लोग प्रतिदिन धरना देंगे। छह से 10 तक थराली, 11 से 15 तक बदरीनाथ, 16 से 25 तक द्वारहाट, 26 से 30 रुद्रप्रयाग, 1 से 5 पौड़ी, 6 से 10 अल्मोड़ा, 11 से 15 अक्तूबर बागेश्वर, 16 से 20 चंपावत, 21 से 25 टिहरी और उत्तरकाशी, 27 से 31 देहरादून, 1 से 3 नवंबर तक पिथौरागढ़, 4 से 6 नवंबर नैनीताल, 7 से 9 नवंबर राज्य स्थापना दिवस तक ऊधमसिंहनगर, हरिद्वार के लोग रामलीला मैदान गैरसैंण में धरना देंगे।