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Chamoli News: बगुवावासा में मिले रात्रि विश्राम की अनुमति
Sun, 18 May 2025 05:56 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Sun, 18 May 2025 05:56 PM IST
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लोगों ने सीएम को भेजा ज्ञापन, कहा पर्यटक यहां रुकेंगे तो बढ़ेगा व्यवसाय
संवाद न्यूज एजेंसी
देवाल। वेदनी-रुपकुंड ट्रेक पर बगुवावासा के पास पथरीले क्षेत्र में रात्रि विश्राम की अनुमति देने की मांग जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से की। हिमालयन इको पर्यटन स्वायित्व सहकारिता के अध्यक्ष भुवन बिष्ट, प्रशासक हुकम बिष्ट, पूर्व डिप्टी रेंजर त्रिलोक बिष्ट आदि ने कहा कि बुग्यालों में नाइट स्टे पर रोक लगाने से करीब 500 से अधिक लोगों का रोजगार प्रभावित हुआ है। अगर यहां पर रात्रि विश्राम की अनुमति दे दी जाए तो पर्यटन व्यवसाय भी बढ़ेगा।
कहा कि हाईकोर्ट ने 21 अगस्त 2018 को बुग्याली क्षेत्र में पर्यटकों के लिए रात्रि विश्राम पर रोक लगा दी थी। प्रतिबंध के कारण पर्यटक रूपकुंड नहीं पहुंच रहे हैं जिससे स्थानीय लोगों का रोजगार प्रभावित हो रहा है। कहा कि रूपकुंड ट्रेक एक दिन में पार नहीं किया जा सकता। इसलिए इसकी ट्रेकिंग के लिए पर्यटकों को वेदनी व बगुवावासा के बीच रात्रि विश्राम करना आवश्यक है। रूपकुंड ट्रेक पर पड़ने वाले बगुवावासा में बहुत बड़ा पथरीला क्षेत्र है जिसका वन विभाग ने निरीक्षण किया है। यहां पर रात्रि विश्राम के लिए पर्याप्त स्थान है और इससे अदालत के आदेश का उल्लंघन भी नहीं होगा। जनप्रतिनिधियों ने बगुवावासा के पास पथरीले क्षेत्र में रात्रि विश्राम की अनुमति दिए जाने की मांग की है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवाल। वेदनी-रुपकुंड ट्रेक पर बगुवावासा के पास पथरीले क्षेत्र में रात्रि विश्राम की अनुमति देने की मांग जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से की। हिमालयन इको पर्यटन स्वायित्व सहकारिता के अध्यक्ष भुवन बिष्ट, प्रशासक हुकम बिष्ट, पूर्व डिप्टी रेंजर त्रिलोक बिष्ट आदि ने कहा कि बुग्यालों में नाइट स्टे पर रोक लगाने से करीब 500 से अधिक लोगों का रोजगार प्रभावित हुआ है। अगर यहां पर रात्रि विश्राम की अनुमति दे दी जाए तो पर्यटन व्यवसाय भी बढ़ेगा।
कहा कि हाईकोर्ट ने 21 अगस्त 2018 को बुग्याली क्षेत्र में पर्यटकों के लिए रात्रि विश्राम पर रोक लगा दी थी। प्रतिबंध के कारण पर्यटक रूपकुंड नहीं पहुंच रहे हैं जिससे स्थानीय लोगों का रोजगार प्रभावित हो रहा है। कहा कि रूपकुंड ट्रेक एक दिन में पार नहीं किया जा सकता। इसलिए इसकी ट्रेकिंग के लिए पर्यटकों को वेदनी व बगुवावासा के बीच रात्रि विश्राम करना आवश्यक है। रूपकुंड ट्रेक पर पड़ने वाले बगुवावासा में बहुत बड़ा पथरीला क्षेत्र है जिसका वन विभाग ने निरीक्षण किया है। यहां पर रात्रि विश्राम के लिए पर्याप्त स्थान है और इससे अदालत के आदेश का उल्लंघन भी नहीं होगा। जनप्रतिनिधियों ने बगुवावासा के पास पथरीले क्षेत्र में रात्रि विश्राम की अनुमति दिए जाने की मांग की है।
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