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नंदा तेरी जात कैलास लिजौला सज धजी के...
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पर्यटन नगरी लोहाजंग में आयोजित औद्योगिक पर्यटन विकास मेले के दूसरे दिन गैरसैंण के पाथा कला मंच, महिला मंगल दलों व शिक्षण संस्थाओं ने शानदार प्रस्तुतियां देकर मेले में चार चांद लगा दिए। कलाकारों ने नंदा तेरी जात कैलास लिजौला सज धजी के... गीत गाकर मेला पंडाल भक्तिमय बना दिया।
पूर्व विधायक स्व. शेर सिंह दानू की स्मृति में आयोजित मेले का शुभारंभ करते हुए पूर्व विधायक प्रोफेसर जीतराम ने कहा कि मेले हमारी संस्कृति के वाहक होते हैं। इसलिए मेलों के संवर्द्धन एवं संरक्षण के लिए सरकार को प्रयास करने चाहिए। उन्होंने प्रथम विश्व युद्ध, आजादी की लड़ाई व पेशावर कांड में शहीद हुए वीर योद्धाओं को नमन किया। मेले में मुंदोली के स्वतंत्रता सेनानी स्व. भजन सिंह की पत्नी खगोती देवी को सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गैरसैंण के पाथा कलामंच, हिमालयन पब्लिक स्कूल देवाल, राइंका मुंदोली, ममंद बांक, मुंदोली सहित विभिन्न शिक्षण संस्थाओं ने देंणा होयां खोली का गणेशा, देंणा होयां मोहरी का नारेणा..., रानीखेत रामढ़ोला..., दादू गोरियां..., मुल मुल केकु हैसण छे तु..., मोहना तेरी मुरली बाजी ग्वाल बालों का संग..., नंदा तेरी जात कैलाश लिजौला..., मेरी बामणी... आदि लोकगीत और लोकनृत्य प्रस्तुत किए। मेले में पशुपालन, उद्यान, कृषि, स्वास्थ्य, बाल विकास और राइंका मुंदोली आदि कई विभागों ने स्टॉल लगाए हैं। बांक गांव की महिला कृषक पुष्पा देवी की उगाई गई सब्जियों को भी लोगों ने खूब खरीदा। इस मौके पर मेलाध्यक्ष इंद्र राणा, संगीता देवी, महावीर बिष्ट, खड़क सिंह, भुवन बिष्ट, प्रेम दानू, मेहरबान सिंह, मोहन सिंह, डा. कृपाल भंडारी, नरेंद्र सिंह, बलवंत सिंह, कृष्णा सिंह, राजेंद्र सिंह, बख्तावर सिंह, पान सिंह, हीरा सिंह, रघुवीर सिंह मौजूद रहे।
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पूर्व विधायक स्व. शेर सिंह दानू की स्मृति में आयोजित मेले का शुभारंभ करते हुए पूर्व विधायक प्रोफेसर जीतराम ने कहा कि मेले हमारी संस्कृति के वाहक होते हैं। इसलिए मेलों के संवर्द्धन एवं संरक्षण के लिए सरकार को प्रयास करने चाहिए। उन्होंने प्रथम विश्व युद्ध, आजादी की लड़ाई व पेशावर कांड में शहीद हुए वीर योद्धाओं को नमन किया। मेले में मुंदोली के स्वतंत्रता सेनानी स्व. भजन सिंह की पत्नी खगोती देवी को सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गैरसैंण के पाथा कलामंच, हिमालयन पब्लिक स्कूल देवाल, राइंका मुंदोली, ममंद बांक, मुंदोली सहित विभिन्न शिक्षण संस्थाओं ने देंणा होयां खोली का गणेशा, देंणा होयां मोहरी का नारेणा..., रानीखेत रामढ़ोला..., दादू गोरियां..., मुल मुल केकु हैसण छे तु..., मोहना तेरी मुरली बाजी ग्वाल बालों का संग..., नंदा तेरी जात कैलाश लिजौला..., मेरी बामणी... आदि लोकगीत और लोकनृत्य प्रस्तुत किए। मेले में पशुपालन, उद्यान, कृषि, स्वास्थ्य, बाल विकास और राइंका मुंदोली आदि कई विभागों ने स्टॉल लगाए हैं। बांक गांव की महिला कृषक पुष्पा देवी की उगाई गई सब्जियों को भी लोगों ने खूब खरीदा। इस मौके पर मेलाध्यक्ष इंद्र राणा, संगीता देवी, महावीर बिष्ट, खड़क सिंह, भुवन बिष्ट, प्रेम दानू, मेहरबान सिंह, मोहन सिंह, डा. कृपाल भंडारी, नरेंद्र सिंह, बलवंत सिंह, कृष्णा सिंह, राजेंद्र सिंह, बख्तावर सिंह, पान सिंह, हीरा सिंह, रघुवीर सिंह मौजूद रहे।
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