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Chamoli News: कालीमठ की काली मां नमो नमा...
Tue, 19 Nov 2024 07:21 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Tue, 19 Nov 2024 07:21 PM IST
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गौचर मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देते कलाकार। स्रोत: जागरूक पाठक
फोटो
गढ़ रत्न नरेंद्र सिंह नेगी और अनिल बिष्ट के भजनों और गीतों के नाम रही गौचर मेले की पांचवीं सांस्कृतिक संध्या
संवाद न्यूज एजेंसी
गौचर। राजकीय औद्योगिक विकास एवं सांस्कृतिक मेले की पांचवीं सांस्कृतिक संध्या गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी और साथी कलाकारों के नाम रही। ओम नमः भद्रांणी नमः रुद्राणी ब्रह्माणी नमोस्तुते... से शुरू हुई गढ़रत्न की सांस्कृतिक संध्या में लोकगीतों पर देर रात तक दर्शक पंडाल में झूमते रहे। लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी और अनिल बिष्ट की टीम ने अपने लोकगीतों के साथ ही कालीमठ की काली मां नमो नमा..., हिमवंत देश होला त्रिजुगी नारेण... की देव स्तुतियां पेश की।
सांस्कृतिक संध्या में धरति हमारा गढ़वाल की..., बसंत ऋतू मां ऐई..., जिदेरी घस्येरि ब्वोल्यू मान..., न दौड़ न दौड़ ते उंदारि का बाटा... आदि लोकगीतों ने जहां उत्तराखंड के लोकजीवन की झलक दिखाई वहीं भोल जब फिर रात खुललि धरति मां नई पौध जमलि..., मिंत निं रौलु म्येरा भुलों तुम दगड़ि ईं गीत राला... की मार्मिक प्रस्तुति ने दर्शकों को भावुक कर दिया। लोकगायक अनिल बिष्ट ने म्येरा गों की मधुलि हर्चि देहरादून मां, दगड़ू निभै जा आदि गीतों की प्रस्तुति दी। इससे पूर्व लोकगायिका खुशी जोशी और लोकगायक गोविंद दिगारी की टीम ने अल्मोड़ा अंग्रेज आयो टैक्सी मां.., हाय हाय रे मिजाज..., दूर बड़ी दूर बर्फीला डांडा... और राम सिया राम सिया राम जय जय राम... से भगवान राम और हनुमान की महिमा का मंचन किया। सांस्कृतिक संध्या में लोकगायक अनुराग शाह, चमोली जनजाति सांस्कृतिक कला परिषद और डाॅ. हरिकृष्ण वैष्णव चल बैजयंती लोकनृत्य टीमों ने पांडव नृत्य, बिरजू म्येरो मन लगीग्ये, स्वर्ग तारा हो जुन्याली रात, हिल मां चांदी को बटन आदि लोकगीतों से मेला मंच को गढ़-कुमाऊं संस्कृति का संगम बना दिया। पत्रकार गणेश खुगशाल गणी ने गढ़वाली में कार्यक्रम का संचालन किया। इस मौके पर मेलाधिकारी एसडीएम कर्णप्रयाग संतोष कुमार पांडेय, तहसीलदार सुधा डोभाल, व्यापार संघ अध्यक्ष राकेश लिंगवाल, पूर्व पालिकाध्यक्ष मुकेश नेगी, आईटीबीपी के जवान और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
इंसेट
गोष्ठी में महिला अधिकारों पर चर्चा
मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी की जयंती पर मेला पंडाल में महिला सशक्तिकरण पर गोष्ठी हुई। गोष्ठी में वक्ताओं ने महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक सरोकारों पर विचार व्यक्त किए। गोष्ठी में ब्लॉक प्रमुख चंद्रेश्वरी रावत, तहसीलदार सुधा डोभाल, डाॅ. सुमन ध्यानी, दमयंती रतूड़ी, हिमानी वैष्णव, अंजू बिष्ट, मनोरमा नैनवाल, ममता नयाल, पवित्रा बिष्ट आदि मौजूद थे।
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पत्रकारों ने उठाईं समस्याएं
गौचर में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में पत्रकारों ने जिले भर की सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य सहित अन्य समस्याओं को उठाया। इस दौरान अफसरों की ओर से मीडिया के फोन न उठाए जाने की शिकायत भी की गई। सम्मेलन में अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, एसडीएम संतोष कुमार पांडेय, सूचना अधिकारी रविंद्र नेगी सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
269 दुकानों में से 70 दुकानें और 40 स्टॉल रह गए खाली
कर्णप्रयाग। 72वें राजकीय औद्योगिक विकास मेले में इस बार समिति की सभी दुकानें नहीं बिक पाईं। मेले में इस बार 269 दुकानें लगनी थीं जिसमें से 70 दुकानें और 40 स्टॉल खाली रह गए। यही नहीं मेला बाजार में इस बार भीड़ भी कम देखने को मिली। हालांकि सोमवार और मंगलवार को मेले में अधिक भीड़ होती है मगर इस बार रौनक कम रही। सभी दुकानें न बिकने पर समिति को इस बार नुकसान होने की आशंका है।
राजकीय गौचर मेले का आयोजन प्रशासन करता है। मेलाधिकारी संतोष कुमार पांडेय ने बताया कि सात दिवसीय इस मेले में समिति दुकानों को बेचकर, स्टॉलों से, खेल तमाशों और अन्य स्रोतों से मेला आयोजन करती है। इन सब पर करीब डेढ़ से पौने दो करोड़ तक पहुंच गया है लेकिन इस बार गौचर मेले में रौनक कम रही। मेला समिति दुकानों के आवंटन सहित अन्य से 54 लाख के आसपास व्यय कर चुकी है जबकि 74 लाख के करीब अभी देनदारियां है। संवाद
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गढ़ रत्न नरेंद्र सिंह नेगी और अनिल बिष्ट के भजनों और गीतों के नाम रही गौचर मेले की पांचवीं सांस्कृतिक संध्या
संवाद न्यूज एजेंसी
गौचर। राजकीय औद्योगिक विकास एवं सांस्कृतिक मेले की पांचवीं सांस्कृतिक संध्या गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी और साथी कलाकारों के नाम रही। ओम नमः भद्रांणी नमः रुद्राणी ब्रह्माणी नमोस्तुते... से शुरू हुई गढ़रत्न की सांस्कृतिक संध्या में लोकगीतों पर देर रात तक दर्शक पंडाल में झूमते रहे। लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी और अनिल बिष्ट की टीम ने अपने लोकगीतों के साथ ही कालीमठ की काली मां नमो नमा..., हिमवंत देश होला त्रिजुगी नारेण... की देव स्तुतियां पेश की।
सांस्कृतिक संध्या में धरति हमारा गढ़वाल की..., बसंत ऋतू मां ऐई..., जिदेरी घस्येरि ब्वोल्यू मान..., न दौड़ न दौड़ ते उंदारि का बाटा... आदि लोकगीतों ने जहां उत्तराखंड के लोकजीवन की झलक दिखाई वहीं भोल जब फिर रात खुललि धरति मां नई पौध जमलि..., मिंत निं रौलु म्येरा भुलों तुम दगड़ि ईं गीत राला... की मार्मिक प्रस्तुति ने दर्शकों को भावुक कर दिया। लोकगायक अनिल बिष्ट ने म्येरा गों की मधुलि हर्चि देहरादून मां, दगड़ू निभै जा आदि गीतों की प्रस्तुति दी। इससे पूर्व लोकगायिका खुशी जोशी और लोकगायक गोविंद दिगारी की टीम ने अल्मोड़ा अंग्रेज आयो टैक्सी मां.., हाय हाय रे मिजाज..., दूर बड़ी दूर बर्फीला डांडा... और राम सिया राम सिया राम जय जय राम... से भगवान राम और हनुमान की महिमा का मंचन किया। सांस्कृतिक संध्या में लोकगायक अनुराग शाह, चमोली जनजाति सांस्कृतिक कला परिषद और डाॅ. हरिकृष्ण वैष्णव चल बैजयंती लोकनृत्य टीमों ने पांडव नृत्य, बिरजू म्येरो मन लगीग्ये, स्वर्ग तारा हो जुन्याली रात, हिल मां चांदी को बटन आदि लोकगीतों से मेला मंच को गढ़-कुमाऊं संस्कृति का संगम बना दिया। पत्रकार गणेश खुगशाल गणी ने गढ़वाली में कार्यक्रम का संचालन किया। इस मौके पर मेलाधिकारी एसडीएम कर्णप्रयाग संतोष कुमार पांडेय, तहसीलदार सुधा डोभाल, व्यापार संघ अध्यक्ष राकेश लिंगवाल, पूर्व पालिकाध्यक्ष मुकेश नेगी, आईटीबीपी के जवान और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
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गोष्ठी में महिला अधिकारों पर चर्चा
मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी की जयंती पर मेला पंडाल में महिला सशक्तिकरण पर गोष्ठी हुई। गोष्ठी में वक्ताओं ने महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक सरोकारों पर विचार व्यक्त किए। गोष्ठी में ब्लॉक प्रमुख चंद्रेश्वरी रावत, तहसीलदार सुधा डोभाल, डाॅ. सुमन ध्यानी, दमयंती रतूड़ी, हिमानी वैष्णव, अंजू बिष्ट, मनोरमा नैनवाल, ममता नयाल, पवित्रा बिष्ट आदि मौजूद थे।
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पत्रकारों ने उठाईं समस्याएं
गौचर में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में पत्रकारों ने जिले भर की सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य सहित अन्य समस्याओं को उठाया। इस दौरान अफसरों की ओर से मीडिया के फोन न उठाए जाने की शिकायत भी की गई। सम्मेलन में अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, एसडीएम संतोष कुमार पांडेय, सूचना अधिकारी रविंद्र नेगी सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
269 दुकानों में से 70 दुकानें और 40 स्टॉल रह गए खाली
कर्णप्रयाग। 72वें राजकीय औद्योगिक विकास मेले में इस बार समिति की सभी दुकानें नहीं बिक पाईं। मेले में इस बार 269 दुकानें लगनी थीं जिसमें से 70 दुकानें और 40 स्टॉल खाली रह गए। यही नहीं मेला बाजार में इस बार भीड़ भी कम देखने को मिली। हालांकि सोमवार और मंगलवार को मेले में अधिक भीड़ होती है मगर इस बार रौनक कम रही। सभी दुकानें न बिकने पर समिति को इस बार नुकसान होने की आशंका है।
राजकीय गौचर मेले का आयोजन प्रशासन करता है। मेलाधिकारी संतोष कुमार पांडेय ने बताया कि सात दिवसीय इस मेले में समिति दुकानों को बेचकर, स्टॉलों से, खेल तमाशों और अन्य स्रोतों से मेला आयोजन करती है। इन सब पर करीब डेढ़ से पौने दो करोड़ तक पहुंच गया है लेकिन इस बार गौचर मेले में रौनक कम रही। मेला समिति दुकानों के आवंटन सहित अन्य से 54 लाख के आसपास व्यय कर चुकी है जबकि 74 लाख के करीब अभी देनदारियां है। संवाद