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Chamoli News: जैंसाल गांव में भी कई मकानों को हुआ नुकसान
Thu, 17 Aug 2023 06:37 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Thu, 17 Aug 2023 06:37 PM IST
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कई लोगों के रसाई घर और शौचालय ध्वस्त
संवाद न्यूज एजेंसी
पीपलकोटी। चमोली जिले के दशोली क्षेत्र में 13 अगस्त को आई आपदा ने जैंसाल गांव में भारी तबाही मचाई। यहां कई ग्रामीणें के घरों में मलबा घुस गया जबकि कई लोगों के रसोई घर और शौचालय ध्वस्त हो गए।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव के चंद्रमणी कुलसारी का शौचालय, रसोई ध्वस्त हो गए हैं। साथ ही घर में मलबा घुसा है। संतोष कुलसारी का रसोई घर, रविंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, बहादुर सिंह, दुर्गा प्रसाद, पुरुषोतम जैंसाली, महेश जैंसाली के शौचालय ध्वस्त हो गए और घरों में मलबा घुस गया। वहीं सत्यप्रसाद पुरोहित, रविंद्र सिंह, सुरेश चंद्र की गोशालाओं में मलबा घुसा है। जबकि कई ग्रामीणों के घरों को आंशिक क्षति पहुंची है। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में दो पैदल पुल और तीन छोटी डाट पुलिया भी बह गए हैं। कृषि भूमि को भारी क्षति पहुंची है। दूसरी तरफ गाड़ी गांव के ग्वाड़ तोक में अरविंद सिंह, रविंद्र सिंह व राकेश सिंह की घरों में भी मलबा आया।
वहीं पीपलकोटी में 20 घरों में घुसे मलबे को हटाने के लिए प्रशासन ने मजदूर लगाए हैं। बृहस्पतिवार को किरूली, कौंज पोथनी, गरुड़ गंगा, पाखी, बिरही, थराली के पैनगढ़ व पीलपकोटी के बंड क्षेत्र में प्रशासन ने आपदा प्रभावितों को राशन किट बांटे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किरूली, कौंजपोथनी व बिरही आदि गांवों में लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। संवाद
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टीम नहीं पहुंच पाई गांव, दूर से ही देखी स्थिति
थराली। तहसील प्रशासन, जिला आपदा राहत एवं बचाव दल, बिजली व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने आपदा प्रभावित क्षेत्र सोल का दौरा किया। निरीक्षण के बाद प्रशासन और जिला आपदा प्रबंधन की टीम बेबस नजर आई। रतगांव क्षेत्र के लिए कोई भी रास्ता नहीं होने के कारण दो किमी दूर से ही गांव को निहारती रहे। तहसीलदार प्रदीप नेगी ने बताया कि डुंगरी के बाद बुरसोल और रतगांव को पहुंचने के लिए पैदल रास्ता भी नहीं है। प्रशासन की टीम किसी तरह पैदल ढाढरबगड़ तक पहुंची और नुकसान का जायजा लिया। जिला आपदा प्रबंधन की टीम ने ढाढरबगड़ नदी पर पुल बनाने की संभावना से इन्कार किया। टीम में एसडीएम रविंद्र जुवांठा, कानूनगो जगदीश गैरोला, पटवारी राजेश्वरी, सोल विकास समिति के अध्यक्ष चरण सिंह, गेरूड़ के प्रधान जगमोहन सिंह यूपीसीएल के एसडीओ अतुल कुमार आदि मौजूद थे। संवाद
आधे रास्ते से लौटे विधायक राजेंद्र भंडारी
गोपेश्वर। आपदा प्रभावित कौंज-पोथनी क्षेत्र के निरीक्षण को जा रहे बदरीनाथ विधायक राजेंद्र भंडारी को भी आधे रास्ते से लौटना पड़ा। विधायक से मिलने कई ग्रामीण कुजौं मेकोट के मोटर पुल तक पहुंचे। विधायक ने कहा कि जिला प्रशासन से प्रभावित गांवों के पुनर्वास के लिए कहा जाएगा। ग्रामीणों की हरसंभव मदद की जाएगी। ग्रामीणों ने विधायक को अपनी आपबीती सुनाई। कहा कि क्षेत्र में पेयजल, सड़क, बिजली और संचार सेवा ठप पड़ी है। इस पर विधायक ने जिलाधिकारी को फोन कर क्षेत्र में राहत बचाव कार्य शुरू करवाने के लिए कहा। दूसरी ओर ब्लॉक दशोली के निजमुला घाटी में पांचवें दिन बिजली व्यवस्था सुचारु हो पाई। ऐसे में , सैंजी, ब्यारा, निजमुला, मोली, मानुरा, गौंणा, धार कुमाला, दुर्मी, पगना, पाणा, ईराणी, झींझी आदि गांवों के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। ऊर्जा निगम के ईई अमित सक्सेना ने बताया कि आपदा प्रभावित कौंथ-पोथनी क्षेत्र में भी बिजली लाइन दुरुस्त करने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
पीपलकोटी। चमोली जिले के दशोली क्षेत्र में 13 अगस्त को आई आपदा ने जैंसाल गांव में भारी तबाही मचाई। यहां कई ग्रामीणें के घरों में मलबा घुस गया जबकि कई लोगों के रसोई घर और शौचालय ध्वस्त हो गए।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव के चंद्रमणी कुलसारी का शौचालय, रसोई ध्वस्त हो गए हैं। साथ ही घर में मलबा घुसा है। संतोष कुलसारी का रसोई घर, रविंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, बहादुर सिंह, दुर्गा प्रसाद, पुरुषोतम जैंसाली, महेश जैंसाली के शौचालय ध्वस्त हो गए और घरों में मलबा घुस गया। वहीं सत्यप्रसाद पुरोहित, रविंद्र सिंह, सुरेश चंद्र की गोशालाओं में मलबा घुसा है। जबकि कई ग्रामीणों के घरों को आंशिक क्षति पहुंची है। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में दो पैदल पुल और तीन छोटी डाट पुलिया भी बह गए हैं। कृषि भूमि को भारी क्षति पहुंची है। दूसरी तरफ गाड़ी गांव के ग्वाड़ तोक में अरविंद सिंह, रविंद्र सिंह व राकेश सिंह की घरों में भी मलबा आया।
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वहीं पीपलकोटी में 20 घरों में घुसे मलबे को हटाने के लिए प्रशासन ने मजदूर लगाए हैं। बृहस्पतिवार को किरूली, कौंज पोथनी, गरुड़ गंगा, पाखी, बिरही, थराली के पैनगढ़ व पीलपकोटी के बंड क्षेत्र में प्रशासन ने आपदा प्रभावितों को राशन किट बांटे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किरूली, कौंजपोथनी व बिरही आदि गांवों में लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। संवाद
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टीम नहीं पहुंच पाई गांव, दूर से ही देखी स्थिति
थराली। तहसील प्रशासन, जिला आपदा राहत एवं बचाव दल, बिजली व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने आपदा प्रभावित क्षेत्र सोल का दौरा किया। निरीक्षण के बाद प्रशासन और जिला आपदा प्रबंधन की टीम बेबस नजर आई। रतगांव क्षेत्र के लिए कोई भी रास्ता नहीं होने के कारण दो किमी दूर से ही गांव को निहारती रहे। तहसीलदार प्रदीप नेगी ने बताया कि डुंगरी के बाद बुरसोल और रतगांव को पहुंचने के लिए पैदल रास्ता भी नहीं है। प्रशासन की टीम किसी तरह पैदल ढाढरबगड़ तक पहुंची और नुकसान का जायजा लिया। जिला आपदा प्रबंधन की टीम ने ढाढरबगड़ नदी पर पुल बनाने की संभावना से इन्कार किया। टीम में एसडीएम रविंद्र जुवांठा, कानूनगो जगदीश गैरोला, पटवारी राजेश्वरी, सोल विकास समिति के अध्यक्ष चरण सिंह, गेरूड़ के प्रधान जगमोहन सिंह यूपीसीएल के एसडीओ अतुल कुमार आदि मौजूद थे। संवाद
आधे रास्ते से लौटे विधायक राजेंद्र भंडारी
गोपेश्वर। आपदा प्रभावित कौंज-पोथनी क्षेत्र के निरीक्षण को जा रहे बदरीनाथ विधायक राजेंद्र भंडारी को भी आधे रास्ते से लौटना पड़ा। विधायक से मिलने कई ग्रामीण कुजौं मेकोट के मोटर पुल तक पहुंचे। विधायक ने कहा कि जिला प्रशासन से प्रभावित गांवों के पुनर्वास के लिए कहा जाएगा। ग्रामीणों की हरसंभव मदद की जाएगी। ग्रामीणों ने विधायक को अपनी आपबीती सुनाई। कहा कि क्षेत्र में पेयजल, सड़क, बिजली और संचार सेवा ठप पड़ी है। इस पर विधायक ने जिलाधिकारी को फोन कर क्षेत्र में राहत बचाव कार्य शुरू करवाने के लिए कहा। दूसरी ओर ब्लॉक दशोली के निजमुला घाटी में पांचवें दिन बिजली व्यवस्था सुचारु हो पाई। ऐसे में , सैंजी, ब्यारा, निजमुला, मोली, मानुरा, गौंणा, धार कुमाला, दुर्मी, पगना, पाणा, ईराणी, झींझी आदि गांवों के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। ऊर्जा निगम के ईई अमित सक्सेना ने बताया कि आपदा प्रभावित कौंथ-पोथनी क्षेत्र में भी बिजली लाइन दुरुस्त करने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। संवाद