{"_id":"65ce1f165ab9a0b26d0f8aa1","slug":"made-studies-interesting-through-self-efforts-gopeshwar-news-c-47-1-sdrn1001-104589-2024-02-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamoli News: स्वयं से प्रयासों से पढ़ाई को बनाया रुचिकर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamoli News: स्वयं से प्रयासों से पढ़ाई को बनाया रुचिकर
Thu, 15 Feb 2024 07:56 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Thu, 15 Feb 2024 07:56 PM IST
विज्ञापन
फोटो
गोपेश्वर/देवाल। चमोली जिले के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय वीणा की शिक्षिका कुसुमलता गड़िया का चयन शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार के लिए हुआ है। थराली ब्लॉक के जोलाकोट (बुढजोला) गांव की कुसुमलता गड़िया वर्ष 2015 से उच्च प्राथमिक विद्यालय वीणा में तैनात हैं। उन्होंने आठ साल में विद्यालय को गुणवत्तापरक शिक्षा का केंद्र बना दिया। स्वयं के संसाधनों से उन्होंने विद्यालय में लर्निंग कॉर्नर, पेंटिंग, टीएलएम, ऑनलाइन क्लासेज, वाॅल पेंटिंग, पोस्टर अभियान के जरिए छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापरक शिक्षा से जोड़ा है। कुसुमलता का कहना है कि शिक्षा बेवजह थोपी नहीं जानी चाहिए बल्कि उसे रुचिकर बनाकर पढ़ाया जाना चाहिए। इसके अलावा विद्यालय में शिक्षा के लिए स्वस्थ माहौल होना जरूरी है। कुसुमलता ने स्कूल की दीवारों पर जो भी चित्र उकेरे, उन्हें क्यूआर कोड से जोड़ दिया, इसका फायदा यह हुआ कि गूगल के माध्यम से उन चित्रों से संबंधित वीडियो व महत्वपूर्ण जानकारी मोबाइल फोन पर प्रसारित हो जाएगी। संवाद
विज्ञापन
गोपेश्वर/देवाल। चमोली जिले के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय वीणा की शिक्षिका कुसुमलता गड़िया का चयन शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार के लिए हुआ है। थराली ब्लॉक के जोलाकोट (बुढजोला) गांव की कुसुमलता गड़िया वर्ष 2015 से उच्च प्राथमिक विद्यालय वीणा में तैनात हैं। उन्होंने आठ साल में विद्यालय को गुणवत्तापरक शिक्षा का केंद्र बना दिया। स्वयं के संसाधनों से उन्होंने विद्यालय में लर्निंग कॉर्नर, पेंटिंग, टीएलएम, ऑनलाइन क्लासेज, वाॅल पेंटिंग, पोस्टर अभियान के जरिए छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापरक शिक्षा से जोड़ा है। कुसुमलता का कहना है कि शिक्षा बेवजह थोपी नहीं जानी चाहिए बल्कि उसे रुचिकर बनाकर पढ़ाया जाना चाहिए। इसके अलावा विद्यालय में शिक्षा के लिए स्वस्थ माहौल होना जरूरी है। कुसुमलता ने स्कूल की दीवारों पर जो भी चित्र उकेरे, उन्हें क्यूआर कोड से जोड़ दिया, इसका फायदा यह हुआ कि गूगल के माध्यम से उन चित्रों से संबंधित वीडियो व महत्वपूर्ण जानकारी मोबाइल फोन पर प्रसारित हो जाएगी। संवाद