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भूस्खलन से गंगोत्री हाईवे समेत कई मार्ग बंद
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मूसलाधार बारिश के कारण हुए भूस्खलन से गंगोत्री हाईवे समेत कई संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। मार्ग बंद होने से दर्जनों गांवों की यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई है। संबंधित विभागों की ओर से सभी मार्गों को खोलने का प्रयास किया जा रहा है।
सोमवार रात की बारिश के कारण थिरांग, डबरानी व रीडा तोक में भारी भूस्खलन से गंगोत्री हाईवे पर यातायात ठप हो गया है। मंगलवार को बीआरओ कर्मचारी हाईवे खोलने पहुंचे लेकिन मलबा अधिक होने के कारण हाईवे नहीं खोला जा सका। ऐसे में हाईवे किनारे कई वाहन फंसे होने के साथ ही उपला टकनौर क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांवों का भी मुख्यालय से संपर्क कट गया है। उधर, भूस्खलन के कारण सौरा-सारी मार्ग के अलावा भुक्की-कुज्जन-तिहार मार्ग भी एक बार फिर से बाधित हो गया है, जिससे ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि गंगोत्री हाईवे समेत अन्य दोनों बाधित मार्गों को खोलने का काम चल रहा है।
फिर बंद हुआ जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग
बड़कोट। जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग भी भूस्खलन से एक बार फिर बंद हो गया है। अनोज उनियाल, आशुतोष उनियाल, विवेक उनियाल आदि तीर्थपुरोहितों ने बताया कि भैरव मंदिर, भिंडियाली गाड़ व घोड़ा पड़ाव के निकट भारी मलबा पत्थर जमा होने के कारण यमुनोत्री धाम का पैदल मार्ग अवरुद्ध हुआ है। पुरोहितों व श्रद्धालुओं को मलबे के ढेर के ऊपर से ही जोखिम भरी आवाजाही करनी पड़ रही है। उन्होंने प्रशासन से पैदल मार्ग को जल्द सुचारु करने के साथ ही एसडीआरएफ के जवानों को भी तैनात करने की मांग की। उधर, लोनिवि के जेई रविंद्र चौहान ने बताया कि मार्ग को खोलने के लिए मजदूरों को भेजा जा रहा है। संवाद
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लामबगड़ में दो दिन बाद सुचारु हुआ हाईवे
जोशीमठ। बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में दो दिन बाद मंगलवार को सुचारु हुआ। हाईवे सुचारु होने पर सेना के जवानों और बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं के साथ ही स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
रविवार को तड़के हाईवे पर मलबा और बोल्डर आने से वाहनों की आवाजाही थम गई थी। एनएच की जेसीबी के जरिए मलबा हटाया गया और दोपहर में वाहनों की आवाजाही सुचारु करवाई गई, लेकिन फिर बारिश होने पर अपराह्न तीन बजे हाईवे बंद हो गया था। लगातार मौसम खराब रहने के कारण सोमवार को भी हाईवे नहीं खोला जा सका, जिस कारण सेना के जवानों और बदरीनाथ धाम जा रहे श्रद्धालुओं ने करीब एक किलोमीटर की दूरी पैदल नापी। मंगलवार को मौसम सामान्य होने के कारण पूर्वाह्न ग्यारह बजे हाईवे सुचारु हुआ और वाहनों की आवाजाही सुचारु हुई।
देवाल-थराली मार्ग बंद, एंबुलेंस सहित सैकड़ों वाहन फंसे
देवाल। देवाल-थराली मार्ग मंगलवार को पूर्णा व नंदकेशरी के बीच चट्टान टूटने से 12 घंटे तक बंद रहा। सड़क बंद होने से एंबुलेंस सहित सैकड़ों वाहन फंसे रहे। सड़क सोमवार रात को बंद हो गई थी जिसे मंगलवार शाम को करीब 4.30 बजे जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर बहाल किया जा सका। इस दौरान देहरादून, हल्द्वानी, थराली, ग्वालदम को जाने वाले सैकड़ों वाहन फंसे रहे। सड़क बंद होने के कारण देवाल आदि जगहों से भक्तगण नंदकेशरी मेले में नहीं जा सके।
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सोमवार रात की बारिश के कारण थिरांग, डबरानी व रीडा तोक में भारी भूस्खलन से गंगोत्री हाईवे पर यातायात ठप हो गया है। मंगलवार को बीआरओ कर्मचारी हाईवे खोलने पहुंचे लेकिन मलबा अधिक होने के कारण हाईवे नहीं खोला जा सका। ऐसे में हाईवे किनारे कई वाहन फंसे होने के साथ ही उपला टकनौर क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांवों का भी मुख्यालय से संपर्क कट गया है। उधर, भूस्खलन के कारण सौरा-सारी मार्ग के अलावा भुक्की-कुज्जन-तिहार मार्ग भी एक बार फिर से बाधित हो गया है, जिससे ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि गंगोत्री हाईवे समेत अन्य दोनों बाधित मार्गों को खोलने का काम चल रहा है।
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फिर बंद हुआ जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग
बड़कोट। जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग भी भूस्खलन से एक बार फिर बंद हो गया है। अनोज उनियाल, आशुतोष उनियाल, विवेक उनियाल आदि तीर्थपुरोहितों ने बताया कि भैरव मंदिर, भिंडियाली गाड़ व घोड़ा पड़ाव के निकट भारी मलबा पत्थर जमा होने के कारण यमुनोत्री धाम का पैदल मार्ग अवरुद्ध हुआ है। पुरोहितों व श्रद्धालुओं को मलबे के ढेर के ऊपर से ही जोखिम भरी आवाजाही करनी पड़ रही है। उन्होंने प्रशासन से पैदल मार्ग को जल्द सुचारु करने के साथ ही एसडीआरएफ के जवानों को भी तैनात करने की मांग की। उधर, लोनिवि के जेई रविंद्र चौहान ने बताया कि मार्ग को खोलने के लिए मजदूरों को भेजा जा रहा है। संवाद
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लामबगड़ में दो दिन बाद सुचारु हुआ हाईवे
जोशीमठ। बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में दो दिन बाद मंगलवार को सुचारु हुआ। हाईवे सुचारु होने पर सेना के जवानों और बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं के साथ ही स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
रविवार को तड़के हाईवे पर मलबा और बोल्डर आने से वाहनों की आवाजाही थम गई थी। एनएच की जेसीबी के जरिए मलबा हटाया गया और दोपहर में वाहनों की आवाजाही सुचारु करवाई गई, लेकिन फिर बारिश होने पर अपराह्न तीन बजे हाईवे बंद हो गया था। लगातार मौसम खराब रहने के कारण सोमवार को भी हाईवे नहीं खोला जा सका, जिस कारण सेना के जवानों और बदरीनाथ धाम जा रहे श्रद्धालुओं ने करीब एक किलोमीटर की दूरी पैदल नापी। मंगलवार को मौसम सामान्य होने के कारण पूर्वाह्न ग्यारह बजे हाईवे सुचारु हुआ और वाहनों की आवाजाही सुचारु हुई।
देवाल-थराली मार्ग बंद, एंबुलेंस सहित सैकड़ों वाहन फंसे
देवाल। देवाल-थराली मार्ग मंगलवार को पूर्णा व नंदकेशरी के बीच चट्टान टूटने से 12 घंटे तक बंद रहा। सड़क बंद होने से एंबुलेंस सहित सैकड़ों वाहन फंसे रहे। सड़क सोमवार रात को बंद हो गई थी जिसे मंगलवार शाम को करीब 4.30 बजे जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर बहाल किया जा सका। इस दौरान देहरादून, हल्द्वानी, थराली, ग्वालदम को जाने वाले सैकड़ों वाहन फंसे रहे। सड़क बंद होने के कारण देवाल आदि जगहों से भक्तगण नंदकेशरी मेले में नहीं जा सके।