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मलबा हटाते समय पिंडर नदी में गिरी जेसीबी
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शुक्रवार रात को कर्णप्रयाग-ग्वालदम स्टेट हाईवे हरमनी और मींगगदेरे के बीच भारी मलबा आने से बंद हो गया। सड़क खोलने के लिए रात में बीआरओ की जेसीबी मौके पर पहुंची, लेकिन मलबा हटाते समय अंधेरे में पत्थरों की चपेट में आने से जेसीबी पिंडर नदी गिर गई। जेसीबी चालक ने कूदकर अपनी जान बचाई।
नारायणबगड़ व थराली के बीच इन दिनों बीआरओ की ओर से सड़क चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है। शुक्रवार देर रात को कालजाबर में पहाड़ी से मलबा पत्थर आने से सड़क बंद हो गई। शनिवार सुबह दोनों तरफ सैकड़ों वाहनों की लाइन लग गई। देहरादून, श्रीनगर, कर्णप्रयाग, गोपेश्वर आदि जगहों को जाने वाले लोग जाम में फंसे रहे। बीआरओ के कनिष्ठ अभियंता गौतम बिष्ट ने बताया कि देर रात करीब 11 बजे हाईवे खोलने के दौरान एक जेसीबी पहाड़ी से गिर रहे मलबे व पत्थरों के बीच फंस गई। जेसीबी चालक विपिन भट्ट ने जेसीबी से बाहर कूदकर अपनी जान बचा ली। इसके बाद जेसीबी खाई में गिरकर पिंडर नदी में जा गिरी। शनिवार को दोपहर करीब 12 बजे बीआरओ ने कड़ी मशक्कत के बाद सड़क वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया।
घंटों बाद खुले कर्णप्रयाग-नैनीसैंण-ग्वालदम मार्ग
कर्णप्रयाग। मलबा व बोल्डर आने से कर्णप्रयाग-नैनीसैंण मार्ग 14 घंटे तक बंद रहा। लोनिवि ने जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर सड़क पर वाहनों की आवाजाही शुरू कराई। मार्ग बंद होने से कई वाहन फंसे रहे।
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क्षेत्र में दो दिन पहले हुई बारिश और उसके बाद तेज धूप से पहाड़ियां दरक रही हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य बृजेश बिष्ट ने बताया कि शनिवार रात को कर्णप्रयाग-नैनीसैंण मार्ग पर गड़कोट के पास भारी मात्रा में मलबा व पत्थर आ गए। इस दौरान कुनेथ, जस्यारा, कंडारा, खत्याड़ी, किमोली, फलोटा, नैनीसैंण आदि गांवों के लोग सुबह जरूरी कामों के लिए कर्णप्रयाग नहीं आ सके। लोनिवि के ईई एसके गुप्ता ने कहा कि दोपहर एक बजे सड़क से मलबा हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया। संवाद
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नारायणबगड़ व थराली के बीच इन दिनों बीआरओ की ओर से सड़क चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है। शुक्रवार देर रात को कालजाबर में पहाड़ी से मलबा पत्थर आने से सड़क बंद हो गई। शनिवार सुबह दोनों तरफ सैकड़ों वाहनों की लाइन लग गई। देहरादून, श्रीनगर, कर्णप्रयाग, गोपेश्वर आदि जगहों को जाने वाले लोग जाम में फंसे रहे। बीआरओ के कनिष्ठ अभियंता गौतम बिष्ट ने बताया कि देर रात करीब 11 बजे हाईवे खोलने के दौरान एक जेसीबी पहाड़ी से गिर रहे मलबे व पत्थरों के बीच फंस गई। जेसीबी चालक विपिन भट्ट ने जेसीबी से बाहर कूदकर अपनी जान बचा ली। इसके बाद जेसीबी खाई में गिरकर पिंडर नदी में जा गिरी। शनिवार को दोपहर करीब 12 बजे बीआरओ ने कड़ी मशक्कत के बाद सड़क वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया।
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घंटों बाद खुले कर्णप्रयाग-नैनीसैंण-ग्वालदम मार्ग
कर्णप्रयाग। मलबा व बोल्डर आने से कर्णप्रयाग-नैनीसैंण मार्ग 14 घंटे तक बंद रहा। लोनिवि ने जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर सड़क पर वाहनों की आवाजाही शुरू कराई। मार्ग बंद होने से कई वाहन फंसे रहे।
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क्षेत्र में दो दिन पहले हुई बारिश और उसके बाद तेज धूप से पहाड़ियां दरक रही हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य बृजेश बिष्ट ने बताया कि शनिवार रात को कर्णप्रयाग-नैनीसैंण मार्ग पर गड़कोट के पास भारी मात्रा में मलबा व पत्थर आ गए। इस दौरान कुनेथ, जस्यारा, कंडारा, खत्याड़ी, किमोली, फलोटा, नैनीसैंण आदि गांवों के लोग सुबह जरूरी कामों के लिए कर्णप्रयाग नहीं आ सके। लोनिवि के ईई एसके गुप्ता ने कहा कि दोपहर एक बजे सड़क से मलबा हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया। संवाद