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Chamoli News: मलबा आने से दो हाईवे बंद, ग्रामीणों ने तय किया 25 किमी का अतिरिक्त सफर
Tue, 15 Sep 2026 06:42 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Tue, 15 Sep 2026 06:42 PM IST
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फोटो
कर्णप्रयाग-नौटी मार्ग नौ घंटे, नैनीताल हाईवे एक घंटे बाद हुआ बहाल
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। सोमवार रात हुई भारी बारिश के कारण कर्णप्रयाग क्षेत्र में दो प्रमुख मार्ग बंद हो गए। स्थिति यह रही कि कर्णप्रयाग-नौटी मार्ग नौ घंटे बाद खुला जबकि कर्णप्रयाग-नैनीताल हाईवे एक घंटे में बहाल हो गया। कर्णप्रयाग-नौटी मार्ग बंद रहने के कारण ग्रामीणों को जसपुर-डुंग्री के रास्ते करीब 25 किमी का सफर अतिरिक्त तय कर गंतव्य तक पहुंचना पड़ा।
कर्णप्रयाग-नौटी मोटर मार्ग चौंडली में मलबा आने से सोमवार रात करीब दो बजे बंद हो गया था। ग्रामीणों ने बताया कि लोनिवि गौचर के कर्मचारियों ने जेसीबी की मदद से नौ घंटे बाद पूर्वाह्न करीब ग्यारह बजे सड़क खोली। इस दौरान नौटी, नैणी, नंदासैंण, पुनगांव और बिसोणा के ग्रामीणों को आदिबदरी-उज्ज्वलपुर मार्ग से आवाजाही करनी पड़ी जिससे उन्हें परेशानी हुई। नरेंद्र सिंह ने बताया कि इस मार्ग पर कई संवेदनशील स्थान हैं। लोनिवि गौचर से कई बार मार्ग दुरुस्त करने करने का आग्रह कर चुके हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं बारिश से कर्णप्रयाग-नैनीताल हाईवे भी सिमली के राड़खी गदेरे और पेट्रोल पंप पर मलबा आने से रात करीब तीन बजे बंद हो गया था। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग के अपर सहायक अभियंता प्रदीप नेगी ने बताया कि यह मार्ग सुबह चार बजे तक खोल दिया गया।
टटेश्वर मंदिर की रसोई, दीवार क्षतिग्रस्त
कर्णप्रयाग। सोमवार रात हुई भारी बारिश से डिम्मर स्थित टटेश्वर महादेव मंदिर की रसोई और सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। महंत योगेशानंद ने नुकसान की पुष्टि की। ग्राम प्रधान विनीता डिमरी ने मरम्मत के लिए खंड विकास अधिकारी को पत्र देने की बात कही। अधिकारियों ने निरीक्षण कर जल्द निर्माण का आश्वासन दिया है। संवाद
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बाईपास मार्ग पर भूस्खलन, बड़े वाहनों की आवाजाही रोकी
गोपेश्वर। नगर के बाईपास मार्ग के क्षतिग्रस्त हिस्से में भूस्खलन थमने का नाम नहीं ले रहा है। बारिश होते ही यहां भूस्खलन सक्रिय हो रहा है जिससे आवाजाही में खतरा बना हुआ है। स्थिति को देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने बाईपास पर बड़े वाहनों की आवाजाही रोक दी है।
चारधाम यात्रा के दौरान केदारनाथ से बदरीनाथ जाने वाले यात्रा वाहनों को इसी बाईपास से भेजा जाता है। इसके अलावा नगर क्षेत्र में जाम की स्थिति बनने पर भी वाहनों की आवाजाही बाईपास से कराई जाती है। ऐसे में मार्ग क्षतिग्रस्त होने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। व्यापार संघ के पूर्व अध्यक्ष अंकोला पुरोहित ने बताया कि मार्ग पर कई जगह भूधंसाव भी हो रहा है। उन्होंने भूस्खलन क्षेत्र के शीघ्र ट्रीटमेंट की मांग की। वहीं लोनिवि के ईई तनुज कांबोज ने बताया कि भूस्खलन क्षेत्र के ट्रीटमेंट के लिए जिला प्रशासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। जल्द क्षेत्र का स्थायी उपचार किया जाएगा।
जान जोखिम में डालकर जा रहे स्कूली बच्चे
गोपेश्वर। चमोली-कुंड हाईवे पर बैरागना में मंगलवार को दिनभर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती रही। सुबह चार बजे भारी मात्रा में मलबा आने से हाईवे बंद हो गया। एनएच की दो जेसीबी ने करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद सुबह आठ बजे हाईवे सुचारु किया। इसके बाद अपराह्न तीन बजे फिर मलबा आने से आवाजाही थम गई और शाम छह बजे हाईवे खोला जा सका। पहाड़ी से लगातार भूस्खलन होने के कारण हाईवे के दोबारा बंद होने का खतरा बना हुआ है। ग्राम प्रधान सृष्टि राणा ने बताया कि हाईवे पर अभी बड़ी मात्रा में मलबा पड़ा है। स्कूली बच्चों और राहगीरों को गदेरे व मलबे के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। राइंका बैरागना के छात्र-छात्राएं भी जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। एनएच के अधिशासी अभियंता ओंकार पांडेय ने बताया कि पहाड़ी से बार-बार मलबा आने के कारण हाईवे बाधित हो रहा है। जल्द हाईवे खोल दिया जाएगा। संवाद
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कर्णप्रयाग-नौटी मार्ग नौ घंटे, नैनीताल हाईवे एक घंटे बाद हुआ बहाल
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। सोमवार रात हुई भारी बारिश के कारण कर्णप्रयाग क्षेत्र में दो प्रमुख मार्ग बंद हो गए। स्थिति यह रही कि कर्णप्रयाग-नौटी मार्ग नौ घंटे बाद खुला जबकि कर्णप्रयाग-नैनीताल हाईवे एक घंटे में बहाल हो गया। कर्णप्रयाग-नौटी मार्ग बंद रहने के कारण ग्रामीणों को जसपुर-डुंग्री के रास्ते करीब 25 किमी का सफर अतिरिक्त तय कर गंतव्य तक पहुंचना पड़ा।
कर्णप्रयाग-नौटी मोटर मार्ग चौंडली में मलबा आने से सोमवार रात करीब दो बजे बंद हो गया था। ग्रामीणों ने बताया कि लोनिवि गौचर के कर्मचारियों ने जेसीबी की मदद से नौ घंटे बाद पूर्वाह्न करीब ग्यारह बजे सड़क खोली। इस दौरान नौटी, नैणी, नंदासैंण, पुनगांव और बिसोणा के ग्रामीणों को आदिबदरी-उज्ज्वलपुर मार्ग से आवाजाही करनी पड़ी जिससे उन्हें परेशानी हुई। नरेंद्र सिंह ने बताया कि इस मार्ग पर कई संवेदनशील स्थान हैं। लोनिवि गौचर से कई बार मार्ग दुरुस्त करने करने का आग्रह कर चुके हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं बारिश से कर्णप्रयाग-नैनीताल हाईवे भी सिमली के राड़खी गदेरे और पेट्रोल पंप पर मलबा आने से रात करीब तीन बजे बंद हो गया था। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग के अपर सहायक अभियंता प्रदीप नेगी ने बताया कि यह मार्ग सुबह चार बजे तक खोल दिया गया।
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टटेश्वर मंदिर की रसोई, दीवार क्षतिग्रस्त
कर्णप्रयाग। सोमवार रात हुई भारी बारिश से डिम्मर स्थित टटेश्वर महादेव मंदिर की रसोई और सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। महंत योगेशानंद ने नुकसान की पुष्टि की। ग्राम प्रधान विनीता डिमरी ने मरम्मत के लिए खंड विकास अधिकारी को पत्र देने की बात कही। अधिकारियों ने निरीक्षण कर जल्द निर्माण का आश्वासन दिया है। संवाद
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बाईपास मार्ग पर भूस्खलन, बड़े वाहनों की आवाजाही रोकी
गोपेश्वर। नगर के बाईपास मार्ग के क्षतिग्रस्त हिस्से में भूस्खलन थमने का नाम नहीं ले रहा है। बारिश होते ही यहां भूस्खलन सक्रिय हो रहा है जिससे आवाजाही में खतरा बना हुआ है। स्थिति को देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने बाईपास पर बड़े वाहनों की आवाजाही रोक दी है।
चारधाम यात्रा के दौरान केदारनाथ से बदरीनाथ जाने वाले यात्रा वाहनों को इसी बाईपास से भेजा जाता है। इसके अलावा नगर क्षेत्र में जाम की स्थिति बनने पर भी वाहनों की आवाजाही बाईपास से कराई जाती है। ऐसे में मार्ग क्षतिग्रस्त होने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। व्यापार संघ के पूर्व अध्यक्ष अंकोला पुरोहित ने बताया कि मार्ग पर कई जगह भूधंसाव भी हो रहा है। उन्होंने भूस्खलन क्षेत्र के शीघ्र ट्रीटमेंट की मांग की। वहीं लोनिवि के ईई तनुज कांबोज ने बताया कि भूस्खलन क्षेत्र के ट्रीटमेंट के लिए जिला प्रशासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। जल्द क्षेत्र का स्थायी उपचार किया जाएगा।
जान जोखिम में डालकर जा रहे स्कूली बच्चे
गोपेश्वर। चमोली-कुंड हाईवे पर बैरागना में मंगलवार को दिनभर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती रही। सुबह चार बजे भारी मात्रा में मलबा आने से हाईवे बंद हो गया। एनएच की दो जेसीबी ने करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद सुबह आठ बजे हाईवे सुचारु किया। इसके बाद अपराह्न तीन बजे फिर मलबा आने से आवाजाही थम गई और शाम छह बजे हाईवे खोला जा सका। पहाड़ी से लगातार भूस्खलन होने के कारण हाईवे के दोबारा बंद होने का खतरा बना हुआ है। ग्राम प्रधान सृष्टि राणा ने बताया कि हाईवे पर अभी बड़ी मात्रा में मलबा पड़ा है। स्कूली बच्चों और राहगीरों को गदेरे व मलबे के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। राइंका बैरागना के छात्र-छात्राएं भी जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। एनएच के अधिशासी अभियंता ओंकार पांडेय ने बताया कि पहाड़ी से बार-बार मलबा आने के कारण हाईवे बाधित हो रहा है। जल्द हाईवे खोल दिया जाएगा। संवाद