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Chamoli News: स्वाद के साथ पोषण से भरपूर है पहाड़ी भोजन
Wed, 07 Oct 2026 04:25 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Wed, 07 Oct 2026 04:25 PM IST
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फोटो
महाविद्यालयों और इंटर कॉलेज में हुआ गढ़भोज कार्यक्रम का आयोजन
मंडुवा, झंगोरा, गहत और भट्ट जैसे अनाजों की प्रदर्शनी लगाई
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्योतिर्मठ। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में गढ़भोज कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पहाड़ी व्यंजनों के साथ चावल, दाल, सब्जियां और अन्य पकवान परोसे गए। मंडुवा, झंगोरा, गहत और भट्ट सहित पारंपरिक अनाजों को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। कहा गया कि पहाड़ी भोजन स्वाद के साथ पोषण से भरपूर है। कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तराखंड के पारंपरिक खाद्य पदार्थों, अनाज और पहाड़ी व्यंजनों के माध्यम से पोषण, स्वास्थ्य और लोक परंपराओं के संरक्षण का संदेश देना रहा।
महाविद्यालय परिसर में विभिन्न पारंपरिक खाद्य पदार्थों की प्रदर्शनी लगाई गई और सामूहिक भोजन का आयोजन हुआ। वक्ताओं ने कहा कि पहाड़ी भोजन स्वाद के साथ पोषण से भरपूर है। स्थानीय अनाजों को दैनिक आहार में शामिल करने से स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा मिलता है। इस दौरान प्राचार्य प्रो. डॉ. पंकज कुमार पांडे, डॉ. सत्यनारायण राव, डॉ. गोपाल कृष्ण सेमवाल, डॉ. नंदन सिंह रावत, डॉ. विवेक रावत, डॉ. नवीन कोली और डॉ. नवीन पंत मौजूद रहे।
देवाल। राजकीय इंटर कॉलेज सवाड़ में भी गढ़भोज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें कक्षा 6 से 12 तक के बच्चों को पहाड़ी व्यंजनों और उनके पोषक तत्वों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में कौड़ी का भात, भट्ट के डुबके जैसे कई पारंपरिक व्यंजन तैयार किए गए। मुख्य अतिथि ग्राम सभा सवाड़ की प्रधान आशा धपोला रहीं। प्रधानाचार्य महेंद्र आर्य, एसएमसी अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह बिष्ट, पूर्व पीटीए अध्यक्ष सोबन सिंह खत्री, शिक्षक सतीश ढौंडियाल, राजकीय शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष दीवान सिंह आदि मौजूद थे।
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व्यंजन में तनीषा और पोस्टर में नेहा प्रथम
अगस्त्यमुनि। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में विद्यार्थियों ने पारंपरिक पोशाक में व्यंजनों और पोस्टरों के जरिये उत्तराखंड की लोक विरासत को प्रस्तुत किया। प्राचार्य प्रो. केसी दुदपुड़ी ने कहा कि गढ़ भोज स्थानीय कृषि, पारंपरिक ज्ञान, संस्कृति और आत्मनिर्भरता से जुड़ा अभियान है। व्यंजन प्रतियोगिता में उड़द की दाल के पकोड़े, अरसा, रोटाने समेत कई पकवान प्रस्तुत किए गए। व्यंजन प्रतियोगिता में तनीषा भंडारी प्रथम, हिमानी ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। पोस्टर प्रतियोगिता में नेहा राणा ने प्रथम, शिखा ने दूसरा और गोल्डी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। निर्णायक दीप्ति राणा, डॉ. मनीषा डोभाल, डॉ. गिरिजा प्रसाद रतूड़ी और डॉ. दुर्गेश नौटियाल रहे। इस मौके पर संयोजक प्रीति मौजूद रहीं। संवाद
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महाविद्यालयों और इंटर कॉलेज में हुआ गढ़भोज कार्यक्रम का आयोजन
मंडुवा, झंगोरा, गहत और भट्ट जैसे अनाजों की प्रदर्शनी लगाई
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्योतिर्मठ। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में गढ़भोज कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पहाड़ी व्यंजनों के साथ चावल, दाल, सब्जियां और अन्य पकवान परोसे गए। मंडुवा, झंगोरा, गहत और भट्ट सहित पारंपरिक अनाजों को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। कहा गया कि पहाड़ी भोजन स्वाद के साथ पोषण से भरपूर है। कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तराखंड के पारंपरिक खाद्य पदार्थों, अनाज और पहाड़ी व्यंजनों के माध्यम से पोषण, स्वास्थ्य और लोक परंपराओं के संरक्षण का संदेश देना रहा।
महाविद्यालय परिसर में विभिन्न पारंपरिक खाद्य पदार्थों की प्रदर्शनी लगाई गई और सामूहिक भोजन का आयोजन हुआ। वक्ताओं ने कहा कि पहाड़ी भोजन स्वाद के साथ पोषण से भरपूर है। स्थानीय अनाजों को दैनिक आहार में शामिल करने से स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा मिलता है। इस दौरान प्राचार्य प्रो. डॉ. पंकज कुमार पांडे, डॉ. सत्यनारायण राव, डॉ. गोपाल कृष्ण सेमवाल, डॉ. नंदन सिंह रावत, डॉ. विवेक रावत, डॉ. नवीन कोली और डॉ. नवीन पंत मौजूद रहे।
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देवाल। राजकीय इंटर कॉलेज सवाड़ में भी गढ़भोज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें कक्षा 6 से 12 तक के बच्चों को पहाड़ी व्यंजनों और उनके पोषक तत्वों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में कौड़ी का भात, भट्ट के डुबके जैसे कई पारंपरिक व्यंजन तैयार किए गए। मुख्य अतिथि ग्राम सभा सवाड़ की प्रधान आशा धपोला रहीं। प्रधानाचार्य महेंद्र आर्य, एसएमसी अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह बिष्ट, पूर्व पीटीए अध्यक्ष सोबन सिंह खत्री, शिक्षक सतीश ढौंडियाल, राजकीय शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष दीवान सिंह आदि मौजूद थे।
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व्यंजन में तनीषा और पोस्टर में नेहा प्रथम
अगस्त्यमुनि। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में विद्यार्थियों ने पारंपरिक पोशाक में व्यंजनों और पोस्टरों के जरिये उत्तराखंड की लोक विरासत को प्रस्तुत किया। प्राचार्य प्रो. केसी दुदपुड़ी ने कहा कि गढ़ भोज स्थानीय कृषि, पारंपरिक ज्ञान, संस्कृति और आत्मनिर्भरता से जुड़ा अभियान है। व्यंजन प्रतियोगिता में उड़द की दाल के पकोड़े, अरसा, रोटाने समेत कई पकवान प्रस्तुत किए गए। व्यंजन प्रतियोगिता में तनीषा भंडारी प्रथम, हिमानी ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। पोस्टर प्रतियोगिता में नेहा राणा ने प्रथम, शिखा ने दूसरा और गोल्डी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। निर्णायक दीप्ति राणा, डॉ. मनीषा डोभाल, डॉ. गिरिजा प्रसाद रतूड़ी और डॉ. दुर्गेश नौटियाल रहे। इस मौके पर संयोजक प्रीति मौजूद रहीं। संवाद