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चमोली: सरकार ने किया निराश, प्रभावितों को प्रधानमंत्री से आस
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Iप्रभावित बोले एक माह से हैं शिविरों में, सरकार नहीं ले पाई कोई निर्णयI
I एक माह बाद भी सरकार की ओर से भू-धंसाव से प्रभावित लोगों का पुनर्वास नहीं हो पाया है। प्रभावितों का कहना है कि आखिर कब तक इन राहत शिविरों में रहेंगे। उन्होंने कहा कि अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उम्मीद है कि उनके भविष्य को लेकर कोई उचित निर्णय लिया जाएगा।
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Iशिविरों में रह रहे आपदा प्रभावितों का कहना है कि उन्हें जानकारी मिली है कि प्रधानमंत्री जोशीमठ के मामले में जल्द बैठक करने वाले हैं। इससे उन्हें उम्मीद जगी है कि उनके पुनर्वास को लेकर बेहतर निर्णय लिया जाएगा। कहा कि एक माह से प्रदेश सरकार ने उन्हें शिविरों में रखा है। अब तक कोई निर्णय नहीं होने से उनकी उम्मीद भी टूट चुकी है।
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Iदेवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि तीन जनवरी से हमें प्रशासन ने राहत शिविर में रखा है। एक कमरे में छह लोग रह रहे हैं लेकिन अभी तक विस्थापन को लेकर कोई निर्णय नहीं हो पाया है। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उम्मीद है कि वह जल्द ही उचित निर्णय लेकर हमारी मदद करेंगे।
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Iरजनी देवी का कहना है कि हम यही चाहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जोशीमठ के संबंध में कोई समाधान निकालें। अंशु रावत ने कहा कि एक माह से ज्यादा हो गया परिवार के छह लोग एक कमरे में रह रहे हैं लेकिन उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। अंजलि देवी ने कहा कि शिविर में बच्चों का भविष्य कैसे बन सकता है। अब यहां नहीं रह सकते हैं। जल्द पुनर्वास किया जाना चाहिए।I
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I एक माह बाद भी सरकार की ओर से भू-धंसाव से प्रभावित लोगों का पुनर्वास नहीं हो पाया है। प्रभावितों का कहना है कि आखिर कब तक इन राहत शिविरों में रहेंगे। उन्होंने कहा कि अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उम्मीद है कि उनके भविष्य को लेकर कोई उचित निर्णय लिया जाएगा।
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Iशिविरों में रह रहे आपदा प्रभावितों का कहना है कि उन्हें जानकारी मिली है कि प्रधानमंत्री जोशीमठ के मामले में जल्द बैठक करने वाले हैं। इससे उन्हें उम्मीद जगी है कि उनके पुनर्वास को लेकर बेहतर निर्णय लिया जाएगा। कहा कि एक माह से प्रदेश सरकार ने उन्हें शिविरों में रखा है। अब तक कोई निर्णय नहीं होने से उनकी उम्मीद भी टूट चुकी है।
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Iदेवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि तीन जनवरी से हमें प्रशासन ने राहत शिविर में रखा है। एक कमरे में छह लोग रह रहे हैं लेकिन अभी तक विस्थापन को लेकर कोई निर्णय नहीं हो पाया है। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उम्मीद है कि वह जल्द ही उचित निर्णय लेकर हमारी मदद करेंगे।
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Iरजनी देवी का कहना है कि हम यही चाहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जोशीमठ के संबंध में कोई समाधान निकालें। अंशु रावत ने कहा कि एक माह से ज्यादा हो गया परिवार के छह लोग एक कमरे में रह रहे हैं लेकिन उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। अंजलि देवी ने कहा कि शिविर में बच्चों का भविष्य कैसे बन सकता है। अब यहां नहीं रह सकते हैं। जल्द पुनर्वास किया जाना चाहिए।I