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नवाचार प्रतियोगिता में गोपेश्वर इंजीनियरिंग कॉलेज दूसरे स्थान पर
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राष्ट्रीय स्तर की वैक्सीन प्रोटेक्शन प्रणाली विकसित करने की नवाचार प्रतियोगिता में गोपेश्वर प्रौद्योगिकी संस्थान दूसरे स्थान पर रहा। इसमें पहले स्थान पर सीएसआईआर रहा है।
एक से पांच जून तक लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) के बैनर तले आईआईएमटी मेरठ की ओर से राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें देश के कई प्रौद्योगिक संस्थानों ने प्रतिभाग किया। प्रौद्योगिक संस्थान गोपेश्वर की ओर से वीपीएटीएस (वैक्सीन संरक्षण और परिवहन प्रणाली) मशीन बनाई गई। जो प्रतियोगिता में दूसरे थान पर रही। संस्थान के मैकेनिकल विभाग के एचओडी हेमंत सिंह चौहान के निर्देशन में मैकेनिकल इंजीनिरिंग के छात्र अक्षय कुमार साहनी ने अपनी सहयोगी रचिता चौधरी के सहयोग से इस नवाचार को तैयार किया है। यह प्रतियोगिता इस उद्देश्य से आयोजित की गई थी कि भविष्य में जब भी कोविड-19 की वैक्सीन तैयार होती है तो उसको एक जगह से दूसरी जगह सुरक्षित कैसे ले जाया जा सकता है। गोपेश्वर इंजीनियरिंग के छात्र अक्षय कुमार ने बताया कि वैक्सीन को इस प्रणाली से तैयार मशीन में रखने पर वह वैक्सीन के लिए निर्धारित तापमान को बनाए रखेगी, जिससे वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित रहेगी। उन्होंने इस जीत के लिए विभागीय शिक्षकों अरुण नेगी, दिनेश सिंह चौहान, रविंद्र बोरा, संदीप कंडवाल, गोविंद रावत, भूपेंद्र कुमार और नीरज गुप्ता को श्रेय दिया है।
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एक से पांच जून तक लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) के बैनर तले आईआईएमटी मेरठ की ओर से राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें देश के कई प्रौद्योगिक संस्थानों ने प्रतिभाग किया। प्रौद्योगिक संस्थान गोपेश्वर की ओर से वीपीएटीएस (वैक्सीन संरक्षण और परिवहन प्रणाली) मशीन बनाई गई। जो प्रतियोगिता में दूसरे थान पर रही। संस्थान के मैकेनिकल विभाग के एचओडी हेमंत सिंह चौहान के निर्देशन में मैकेनिकल इंजीनिरिंग के छात्र अक्षय कुमार साहनी ने अपनी सहयोगी रचिता चौधरी के सहयोग से इस नवाचार को तैयार किया है। यह प्रतियोगिता इस उद्देश्य से आयोजित की गई थी कि भविष्य में जब भी कोविड-19 की वैक्सीन तैयार होती है तो उसको एक जगह से दूसरी जगह सुरक्षित कैसे ले जाया जा सकता है। गोपेश्वर इंजीनियरिंग के छात्र अक्षय कुमार ने बताया कि वैक्सीन को इस प्रणाली से तैयार मशीन में रखने पर वह वैक्सीन के लिए निर्धारित तापमान को बनाए रखेगी, जिससे वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित रहेगी। उन्होंने इस जीत के लिए विभागीय शिक्षकों अरुण नेगी, दिनेश सिंह चौहान, रविंद्र बोरा, संदीप कंडवाल, गोविंद रावत, भूपेंद्र कुमार और नीरज गुप्ता को श्रेय दिया है।
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