{"_id":"5f7353b78ebc3e9b8b76f06f","slug":"ganga-symbolizes-our-cultural-splendor-faith-and-heritage-pm-gopeshwar-news-drn3575502174","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा हमारी सांस्कृतिक वैभव, आस्था और विरासत की प्रतीक : पीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा हमारी सांस्कृतिक वैभव, आस्था और विरासत की प्रतीक : पीएम
विज्ञापन
नमामि गंगे के तहत बदरीनाथ धाम में बने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑनलाइन लोकार्पण किया। क्लीन गंगा मिशन के तहत एसटीपी समय पर तैयार होने पर प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार सहित नमामि गंगे की टीम को बधाई दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे गंगा को उद्गम स्थल से ही स्वच्छ रखने में मदद मिलेगी।
बदरीनाथ धाम में 18.23 करोड़ की लागत से आस्था पथ के समीप एक एमएलडी और बदरीनाथ मंदिर के पास 10 केएलडी का प्लांट तैयार किया गया है। ऑनलाइन लोकार्पण के बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि गंगा हमारी सांस्कृतिक वैभव, आस्था और विरासत तीनों का प्रतीक है। इसे स्वच्छ एवं निर्मल रखना हम सभी का दायित्व है। नमामि गंगे के तहत गंगा को स्वच्छ बनाने के लिए वृहद स्तर पर कार्य किए जा रहे है। गंगा में गंदे नालों को गिरने से रोकने के लिए एसटीपी का जाल बिछाया गया है। जीएमवीएन के बदरीनाथ स्थित देवलोक परिसर में आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत, बदरीनाथ विधायक महेंद्र प्रसाद भट्ट, जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया, पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान, नमामि गंगा प्रोजेक्ट के प्रबंधक केके रस्तोगी, भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट आदि मौजूद रहे।
नदी में छोड़ा जाने लगा सीवरेज ट्रीटमेंट का स्वच्छ जल
- एसटीपी बनने से बदरीनाथ धाम में सीवरेज की वर्षों पुरानी समस्या दूर हो गई है। बदरीनाथ में सीवरेज शोधन संयत्र (एसटीपी) बनाकर सीवर-नालों को टेप किया गया है, सीवरेज ट्रीटमेंट के बाद स्वच्छ जल को नदी में छोड़ा जाने लगा है।
विज्ञापन
छह परियोजनाओं का भी लोकार्पण किया
उत्तरकाशी। नमामि गंगे मिशन के तहत बनी छह परियोजनाओं का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीसी के माध्यम से लोकार्पण किया। कार्यक्रम में उत्तरकाशी से भी गंगा विचार मंच से जुडे़ कार्यकर्ता शामिल हुए। गंगा विचार मंच के प्रदेश संयोजक लोकेंद्र बिष्ट ने कहा कि उत्तराखंड में नमामि गंगे के तहत तीस परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। उन्होंने नमामि गंगे परियोजना से उत्तरकाशी में गंगा भागीरथी के किनारे सीवर ट्रीटमेंट योजना से वंचित शहर कस्बों में एसटीपी लगवाने, उत्तरकाशी नगर में आस्था पथ निर्माण आदि की मांग की। यह प्रस्ताव राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है। साथ ही उन्होंने गंगा की सहायक नदियों तथा गाड़ गदेरों में भी स्वच्छता के कार्य कराने की मांग की है। ब्यूरो
विज्ञापन
बदरीनाथ धाम में 18.23 करोड़ की लागत से आस्था पथ के समीप एक एमएलडी और बदरीनाथ मंदिर के पास 10 केएलडी का प्लांट तैयार किया गया है। ऑनलाइन लोकार्पण के बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि गंगा हमारी सांस्कृतिक वैभव, आस्था और विरासत तीनों का प्रतीक है। इसे स्वच्छ एवं निर्मल रखना हम सभी का दायित्व है। नमामि गंगे के तहत गंगा को स्वच्छ बनाने के लिए वृहद स्तर पर कार्य किए जा रहे है। गंगा में गंदे नालों को गिरने से रोकने के लिए एसटीपी का जाल बिछाया गया है। जीएमवीएन के बदरीनाथ स्थित देवलोक परिसर में आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत, बदरीनाथ विधायक महेंद्र प्रसाद भट्ट, जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया, पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान, नमामि गंगा प्रोजेक्ट के प्रबंधक केके रस्तोगी, भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
नदी में छोड़ा जाने लगा सीवरेज ट्रीटमेंट का स्वच्छ जल
- एसटीपी बनने से बदरीनाथ धाम में सीवरेज की वर्षों पुरानी समस्या दूर हो गई है। बदरीनाथ में सीवरेज शोधन संयत्र (एसटीपी) बनाकर सीवर-नालों को टेप किया गया है, सीवरेज ट्रीटमेंट के बाद स्वच्छ जल को नदी में छोड़ा जाने लगा है।
विज्ञापन
छह परियोजनाओं का भी लोकार्पण किया
उत्तरकाशी। नमामि गंगे मिशन के तहत बनी छह परियोजनाओं का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीसी के माध्यम से लोकार्पण किया। कार्यक्रम में उत्तरकाशी से भी गंगा विचार मंच से जुडे़ कार्यकर्ता शामिल हुए। गंगा विचार मंच के प्रदेश संयोजक लोकेंद्र बिष्ट ने कहा कि उत्तराखंड में नमामि गंगे के तहत तीस परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। उन्होंने नमामि गंगे परियोजना से उत्तरकाशी में गंगा भागीरथी के किनारे सीवर ट्रीटमेंट योजना से वंचित शहर कस्बों में एसटीपी लगवाने, उत्तरकाशी नगर में आस्था पथ निर्माण आदि की मांग की। यह प्रस्ताव राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है। साथ ही उन्होंने गंगा की सहायक नदियों तथा गाड़ गदेरों में भी स्वच्छता के कार्य कराने की मांग की है। ब्यूरो