फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Chamoli News ›   Displaced in Didna village, the government forgot to provide facilities

विस्थापित गांव दीदना के लोगों को भूल गई सरकार

Thu, 21 Jul 2022 09:36 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 21 Jul 2022 09:36 PM IST
विज्ञापन
Displaced in Didna village, the government forgot to provide facilities
सड़क, स्कूल समेत मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था नहीं होने से विस्थापित गांव दीदना के लोग भारी परेशानी में जी रहे हैं। वर्ष 2008 में सड़क स्वीकृत होने के बाद भी सड़क नहीं बन पाई है। ऐसे में यहां के लोग छह किलोमीटर पैदल चलकर राशन समेत जरूरी सामग्री पीठ पर ढो रहे हैं। वहीं स्कूल के बच्चे भी दीदना से छह किलोमीटर पैदल चलकर कुलिंग जा रहे हैं।
विज्ञापन

वर्ष 2018 की आपदा में कुलिंग गांव के मकान क्षतिग्रस्त हो गए थे। सरकार ने आपदा प्रभावित 65 परिवारों को दीदना तोक में विस्थापित किया गया था लेकिन उसके बाद विस्थापितों को क्या सुविधा चाहिए सरकार भूल गई। यहां के लोग छह किलोमीटर पैदल चलकर अखोड़ी गदेरे से कुलिंग जा रहे हैं। अखोड़ी गदेरे में बनी आरसीसी पुलिया वर्ष 2018 की आपदा में बह गई थी। यहां ग्रामीण हर बरसात में श्रमदान कर लकड़ी की अस्थायी पुलिया बनाते हैं लेकिन सरकार की ओर से इस गदेरे पर आरसीसी पुलिया नहीं बन पाई है। वर्ष 2008 में कुलिंग-दीदना सड़क को प्रथम चरण की सैद्धांतिक व वित्तीय स्वीकृति मिली लेकिन 14 साल बाद भी सड़क नहीं बन पाई। इस सड़क की फाइल वन विभाग के पास है। दीदना में प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूल नहीं है। ऐसे में स्कूल के बच्चे दीदना से पैदल चलकर कुलिंग जा रहे हैं। पूर्व प्रधान भुवन बिष्ट ने बताया कि कुलिंग का प्राथमिक विद्यालय भी जीर्णशीर्ण स्थिति में है। विद्यालय के भवन में कई दरारें पड़ी है। संवाद
विज्ञापन

आपदा प्रभावित परिवार 2020 से दीदना में रहे रहे हैं लेकिन यहां कोई भी सुविधा नहीं दी गई है। सड़क, स्कूल, पंचायत घर आदि मूलभूत सुविधाओं के लिए कई बार मुख्यमंत्री व जिलाधिकारी को लिखा जा चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

आठ किलोमीटर कुलिंग-दीदना सड़क को वर्ष 2008 में प्रथम चरण की स्वीकृति मिली थी। सड़क के लिए पेड़ काटे जाने हैं और इसके एवज में नए पौधे लगाने हैं। मगर पौधरोण के लिए भूमि नहीं मिल पा रही है। भूमि मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई हो पाएगी। इसके लिए राजस्व व वन विभाग से लगातार संपर्क किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed