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देवाल-मानमती-पिंडारी ग्लेशर बनेगा नया ट्रेकिंग रूट
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पर्यटन विभाग देवाल-मानमती-पिंडारी ग्लेशियर नया ट्रेकिंग रूट बनाने जा रहा है। सात दिवसीय रूट की पैदल दूरी 65 किलोमीटर होगी। पर्यटन विभाग इसके प्रचार-प्रसार के लिए नीम के मार्गदर्शन में अक्तूबर के दूसरे सप्ताह से 20 सदस्यीय ट्रेकिंग दल भेजेगा।
नीम से प्रशिक्षित युवकों ने मानमती से पिंडारी रूट का सर्वे किया है। इस ट्रेकिंग रूट के संचालन से गढ़वाल व कुमाऊं के 30 गांवों के लोगों को रोजगार मिल सकेगा। इस क्षेत्र में होम स्टे, होटल, लॉज, घोड़े, खच्चर, गाइड, परिवहन व्यवसाय को फायदा होगा। पिंडारी ग्लेश्यिर जाने के लिए देवाल के मानमती गांव से पैदल ट्रेकिंग करनी होगी। यह रूट मानमती, चोटिंग, झलिया, कुंवारी, वदियाकोट, खाती, तीख, वाछम होते पिंडारी ग्लेशर का सात दिन का होगा। नाइट स्टे का किराया दल के जाने के बाद तय होगा। ब्लॉक प्रमुख दर्शन दानू ने कहा कि ट्रेकिंग का बेस कैंप देवाल व मानमती होगा। रूट पर जरूरी सुविधा के लिए पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज से मुलाकात करेंगे।
इस रूट का नीम से प्रशिक्षित विजय रौतेला ने सर्वेक्षण किया है। अक्तूबर में 20 सदस्यीय दल देवाल मानमती से पिंडारी के लिए रवाना होगा। यह रूट वन विभाग के पास है। वन विभाग से समन्वय बनाकर सुविधाएं जुटाई जाएंगी।- बृजेश पांडेय, जिला पर्यटन अधिकारी, चमोली।
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नीम से प्रशिक्षित युवकों ने मानमती से पिंडारी रूट का सर्वे किया है। इस ट्रेकिंग रूट के संचालन से गढ़वाल व कुमाऊं के 30 गांवों के लोगों को रोजगार मिल सकेगा। इस क्षेत्र में होम स्टे, होटल, लॉज, घोड़े, खच्चर, गाइड, परिवहन व्यवसाय को फायदा होगा। पिंडारी ग्लेश्यिर जाने के लिए देवाल के मानमती गांव से पैदल ट्रेकिंग करनी होगी। यह रूट मानमती, चोटिंग, झलिया, कुंवारी, वदियाकोट, खाती, तीख, वाछम होते पिंडारी ग्लेशर का सात दिन का होगा। नाइट स्टे का किराया दल के जाने के बाद तय होगा। ब्लॉक प्रमुख दर्शन दानू ने कहा कि ट्रेकिंग का बेस कैंप देवाल व मानमती होगा। रूट पर जरूरी सुविधा के लिए पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज से मुलाकात करेंगे।
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इस रूट का नीम से प्रशिक्षित विजय रौतेला ने सर्वेक्षण किया है। अक्तूबर में 20 सदस्यीय दल देवाल मानमती से पिंडारी के लिए रवाना होगा। यह रूट वन विभाग के पास है। वन विभाग से समन्वय बनाकर सुविधाएं जुटाई जाएंगी।- बृजेश पांडेय, जिला पर्यटन अधिकारी, चमोली।
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