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फोटो-- मुंबई में दस हजार की नौकरी छोड़कर घर पर सब्जी उत्पादन को बनाया कमाई का जरिया
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नौली गांव के देवेंद्र सिंह नेगी सब्जी उत्पादन से हर साल लाखों की कमाई कर रहे हैं। देवेंद्र उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा स्रोत बने हैं, जो रोजगार की तलाश में शहरों में भटक रहे हैं। कई साल तक मुंबई में नौकरी करने के बाद देवेंद्र वर्ष 2005 में घर लौट आए और सब्जी उत्पादन शुरू कर दिया। आज देवेंद्र घर पर ही सब्जी बेचकर लाखों की कमाई कर रहे हैं।
52 वर्षीय देवेंद्र ने कई वर्षों तक मुंबई में नौकरी की लेकिन उनके मन को वहां सुकून नहीं मिला। 17 वर्ष पहले वह नौकरी छोड़कर गांव आए और यहां खेती करने की ठानी। इस पर उन्होंने उद्यान विभाग से सब्जियों-फलों के उत्पादन के बारे में जाना और सरकारी योजनाओं की जानकारी ली। उद्यान विभाग की मदद से सब्जी उत्पादन का प्रशिक्षण लिया और घर के समीप ही 200 वर्ग मीटर पर पॉलीहाउस लगाकर जैविक सब्जी उत्पादन शुरू किया। शुरुआती दिनों में सब्जी उत्पादन कम हुआ, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। सब्जी उत्पादन के दूसरे साल से ही उन्हें 30 से 40 हजार रुपये महीने की कमाई होने लगी। 2012-13 में उन्होंने जैविक उत्पाद को बढ़ावा दिया तो सब्जी उत्पादन तेजी से बढ़ने लगा और देवेंद्र की आय में भी इजाफा होने लगा। वर्तमान में वे सब्जी बेचकर पांच लाख रुपये सालाना कमा रहे हैं। संवाद
इन सब्जियों का कर रहे उत्पादन
देवेंद्र शिमला मिर्च, आलू, टमाटर, गोभी, मटर, खीरा, ब्रोकली, बैंगन, मूली, प्याज आदि सब्जियों के साथ ही संतरा, नारंगी, कीवी, आडू, नाशपाती आदि फलों का उत्पादन भी कर रहे हैं। देवेंद्र ने इसी वर्ष से ट्राउट मछली का उत्पादन भी शुरू कर दिया है।
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कुशल काश्तकारों ने किया भ्रमण
देवेंद्र नेगी के सब्जी उत्पादन को देखने के लिए उद्यान विभाग ने कुशल काश्तकारों को भी भेजा। उद्यान प्रभारी मनोज पुंडीर के नेतृत्व में गुगली, शरणा, सौड़ा और मयूली गांव की 25 महिलाओं ने देवेंद्र नेगी के खेतों में जाकर वहां उगी सब्जियों को देखा। इस दौरान देवेंद्र ने उनको जैविक सब्जी उत्पादन के बारे में भी जानकारी दी।
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52 वर्षीय देवेंद्र ने कई वर्षों तक मुंबई में नौकरी की लेकिन उनके मन को वहां सुकून नहीं मिला। 17 वर्ष पहले वह नौकरी छोड़कर गांव आए और यहां खेती करने की ठानी। इस पर उन्होंने उद्यान विभाग से सब्जियों-फलों के उत्पादन के बारे में जाना और सरकारी योजनाओं की जानकारी ली। उद्यान विभाग की मदद से सब्जी उत्पादन का प्रशिक्षण लिया और घर के समीप ही 200 वर्ग मीटर पर पॉलीहाउस लगाकर जैविक सब्जी उत्पादन शुरू किया। शुरुआती दिनों में सब्जी उत्पादन कम हुआ, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। सब्जी उत्पादन के दूसरे साल से ही उन्हें 30 से 40 हजार रुपये महीने की कमाई होने लगी। 2012-13 में उन्होंने जैविक उत्पाद को बढ़ावा दिया तो सब्जी उत्पादन तेजी से बढ़ने लगा और देवेंद्र की आय में भी इजाफा होने लगा। वर्तमान में वे सब्जी बेचकर पांच लाख रुपये सालाना कमा रहे हैं। संवाद
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इन सब्जियों का कर रहे उत्पादन
देवेंद्र शिमला मिर्च, आलू, टमाटर, गोभी, मटर, खीरा, ब्रोकली, बैंगन, मूली, प्याज आदि सब्जियों के साथ ही संतरा, नारंगी, कीवी, आडू, नाशपाती आदि फलों का उत्पादन भी कर रहे हैं। देवेंद्र ने इसी वर्ष से ट्राउट मछली का उत्पादन भी शुरू कर दिया है।
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कुशल काश्तकारों ने किया भ्रमण
देवेंद्र नेगी के सब्जी उत्पादन को देखने के लिए उद्यान विभाग ने कुशल काश्तकारों को भी भेजा। उद्यान प्रभारी मनोज पुंडीर के नेतृत्व में गुगली, शरणा, सौड़ा और मयूली गांव की 25 महिलाओं ने देवेंद्र नेगी के खेतों में जाकर वहां उगी सब्जियों को देखा। इस दौरान देवेंद्र ने उनको जैविक सब्जी उत्पादन के बारे में भी जानकारी दी।