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Chamoli News: मलबे से लग रहा जाम, बोल्डर से जोखिम में जान
Wed, 19 Nov 2025 10:52 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Wed, 19 Nov 2025 10:52 PM IST
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गोपेश्वर। कर्णप्रयाग के पास कालेश्वर में बदरीनाथ हाईवे खस्ताहालत में पहुंच गया है। यहां हिल साइड जमा टनों मलबे से जाम लग रहा है।
हाईवे पर गड्ढे पड़ गए हैं। इससे वाहनों की सुचारु आवाजाही बाधित हो रही है। करीब 15 मीटर क्षेत्र में मलबा और बोल्डर अटके हुए हैं जिससे यहां आवाजाही जान जोखिम में डालकर हो रही है।
बरसात में बदरीश होटल के समीप चट्टान का एक हिस्सा टूटकर हाईवे पर आ गया था। चारधाम यात्रा जब चरम पर थी तब यहां जाम लगने से तीर्थयात्रियों को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ीं।
अभी यहां स्थिति जस की तस बनी है। मलबे के कारण हाईवे संकरा हो गया है।
पिछले चार माह सेे यहां वनवे सिस्टम से वाहनों की आवाजाही करवाई जा रही है। हाईवे से डामर भी उखड़ गया है। कार्यदायी संस्था एनएचआईडीसीएल (राष्ट्रीय राजमार्ग एवं ढांचागत विकास) की ओर से इन दिनों मलबे को पोकलेन मशीन से हटाया जा रहा है। नंदप्रयाग के तेजवीर कंडेरी का कहना है कि यदि समय पर चट्टान का ट्रीटमेंट नहीं हुआ तो बारिश होने पर यहां मलबा हाईवे पर गिरता रहेगा। चट्टान पर अभी मलबा और बोल्डर अटके हुए हैं जिससे आवाजाही में खतरा बना है।
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इधर, एनएचआईडीसीएल के अधिकारियों का कहना है कि भूस्खलन क्षेत्र स मलबा व बोल्डरों का निस्तारण का कार्य शुरू कर दिया गया है। यहां गेविंग वॉल और अन्य सुरक्षात्मक कार्य किए जाएंगे।
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हाईवे पर गड्ढे पड़ गए हैं। इससे वाहनों की सुचारु आवाजाही बाधित हो रही है। करीब 15 मीटर क्षेत्र में मलबा और बोल्डर अटके हुए हैं जिससे यहां आवाजाही जान जोखिम में डालकर हो रही है।
बरसात में बदरीश होटल के समीप चट्टान का एक हिस्सा टूटकर हाईवे पर आ गया था। चारधाम यात्रा जब चरम पर थी तब यहां जाम लगने से तीर्थयात्रियों को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ीं।
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अभी यहां स्थिति जस की तस बनी है। मलबे के कारण हाईवे संकरा हो गया है।
पिछले चार माह सेे यहां वनवे सिस्टम से वाहनों की आवाजाही करवाई जा रही है। हाईवे से डामर भी उखड़ गया है। कार्यदायी संस्था एनएचआईडीसीएल (राष्ट्रीय राजमार्ग एवं ढांचागत विकास) की ओर से इन दिनों मलबे को पोकलेन मशीन से हटाया जा रहा है। नंदप्रयाग के तेजवीर कंडेरी का कहना है कि यदि समय पर चट्टान का ट्रीटमेंट नहीं हुआ तो बारिश होने पर यहां मलबा हाईवे पर गिरता रहेगा। चट्टान पर अभी मलबा और बोल्डर अटके हुए हैं जिससे आवाजाही में खतरा बना है।
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इधर, एनएचआईडीसीएल के अधिकारियों का कहना है कि भूस्खलन क्षेत्र स मलबा व बोल्डरों का निस्तारण का कार्य शुरू कर दिया गया है। यहां गेविंग वॉल और अन्य सुरक्षात्मक कार्य किए जाएंगे।