{"_id":"6a11a05754406bdc4f098938","slug":"continuous-fires-have-caused-haze-throughout-the-day-with-ash-billowing-onto-rooftops-chamoli-news-c-48-1-kpg1001-123867-2026-05-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamoli News: लगातार आग से दिन भर छा रही धुंध, घरों की छतों पर उड़कर आ रही राख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamoli News: लगातार आग से दिन भर छा रही धुंध, घरों की छतों पर उड़कर आ रही राख
Sat, 23 May 2026 06:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Sat, 23 May 2026 06:10 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लगातार आग से दिन भर छा रही धुंध, घरों की छतों पर उड़कर आ रही राख
कर्णप्रयाग। लगातार जल रहे जंगलों से गांवों और कस्बों में दिन में धुंध छा रही है। यही नहीं जंगलों से आग की राख उड़कर घरों के आंगन और छतों तक पहुंच रही है। साथ ही तापमान में भी वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि शुक्रवार शाम को मौसम के करवट बदलने से और बूंदा बांदी होने से तापमान में कुछ गिरावट आई लेकिन आग से वातावरण में धुंध बरकरार रही।
लगातार आग लगने और मौसम बदलने से बुधवार और बृहस्पतिवार को कर्णप्रयाग में तापमान 35 से 36 डिग्री तक पहुंच गया। शुक्रवार दोपहर को भी तापमान करीब 36 डिग्री रहा लेकिन शाम को मौसम के बदलने से करीब 5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। वहीं शनिवार को दोपहर को तापमान 33 डिग्री के आस पास दर्ज किया गया। लगातार जंगलों में आग लगने से भी तापमान के बढ़ने की बात कही जा रही है।
सांस रोगियों के लिए दिक्कत
उपजिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. सतेंद्र कंडारी का कहना है कि आग से कार्बन मोनो ऑक्साइड और कई अन्य खतरनाक गैस वातावरण में फैलती हैं। जो सांस के साथ फेफड़ों तक पहुंचती है। इससे सांस के रोगियों को दिक्कतें होती हैं। वहीं फेफड़ों को भी नुकसान पहुंचता है। साथ ही आग से आंखों में जलन और लालपन, सूखी खांसी जैसी दिक्कतें भी बढ़ती है।
विज्ञापन
एक माह में प्रदूषण में किए 46 चालान
आग से जहां प्रदूषण बढ़ा है वहीं चारधाम यात्रा में वाहनों की संख्या बढ़ने से भी प्रदूषण में इजाफा हुआ है। यही नहीं प्रदूषण के प्रमाणपत्र न होने पर परिवहन विभाग ने बीते अप्रैल माह में 46 चालान किए हैं जबकि बीते 2025-26 में प्रदूषण के 479 से अधिक चालान हुए हैं।
विज्ञापन
कर्णप्रयाग। लगातार जल रहे जंगलों से गांवों और कस्बों में दिन में धुंध छा रही है। यही नहीं जंगलों से आग की राख उड़कर घरों के आंगन और छतों तक पहुंच रही है। साथ ही तापमान में भी वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि शुक्रवार शाम को मौसम के करवट बदलने से और बूंदा बांदी होने से तापमान में कुछ गिरावट आई लेकिन आग से वातावरण में धुंध बरकरार रही।
लगातार आग लगने और मौसम बदलने से बुधवार और बृहस्पतिवार को कर्णप्रयाग में तापमान 35 से 36 डिग्री तक पहुंच गया। शुक्रवार दोपहर को भी तापमान करीब 36 डिग्री रहा लेकिन शाम को मौसम के बदलने से करीब 5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। वहीं शनिवार को दोपहर को तापमान 33 डिग्री के आस पास दर्ज किया गया। लगातार जंगलों में आग लगने से भी तापमान के बढ़ने की बात कही जा रही है।
विज्ञापन
सांस रोगियों के लिए दिक्कत
उपजिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. सतेंद्र कंडारी का कहना है कि आग से कार्बन मोनो ऑक्साइड और कई अन्य खतरनाक गैस वातावरण में फैलती हैं। जो सांस के साथ फेफड़ों तक पहुंचती है। इससे सांस के रोगियों को दिक्कतें होती हैं। वहीं फेफड़ों को भी नुकसान पहुंचता है। साथ ही आग से आंखों में जलन और लालपन, सूखी खांसी जैसी दिक्कतें भी बढ़ती है।
विज्ञापन
एक माह में प्रदूषण में किए 46 चालान
आग से जहां प्रदूषण बढ़ा है वहीं चारधाम यात्रा में वाहनों की संख्या बढ़ने से भी प्रदूषण में इजाफा हुआ है। यही नहीं प्रदूषण के प्रमाणपत्र न होने पर परिवहन विभाग ने बीते अप्रैल माह में 46 चालान किए हैं जबकि बीते 2025-26 में प्रदूषण के 479 से अधिक चालान हुए हैं।