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जान बचाने के लिए भिड़ गया भालू से
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जंगल में पशुओं के लिए घास लेने गए धारकुंवरपाटा गांव के एक बुजुर्ग को भालू ने बुरी तरह घायल कर दिया। जान बचाने के लिए बुजुर्ग भालू से भिड़ गया। भालू हमला करता रहा जबकि बुजुर्ग ने दरांती से कई वार किए। इसके बाद भालू भाग गया, लेकिन घायल रातभर जंगल में ही पड़ा रहा। 13 घंटे बाद मौके पर पहुंचे अन्य ग्रामीण उसे 108 एंबुलेंस से पीएचसी देवाल लाए। प्राथमिक उपचार के बाद उसे श्रीनगर बेस अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।
वन दारोगा जमन सिंह रावत ने बताया कि मंगलवार को नेत्र सिंह (60) दोपहर एक बजे पशुओं के लिए घास लेने के लिए गांव से करीब तीन किलोमीटर दूर गया था। वहां भालू ने हमला कर उसे बुरी तरह घायल कर दिया। शाम तक जब वह जंगल से घर नहीं आया तो ग्रामीण रातभर बुजुर्ग की खोज में भटकते रहे। बुधवार सुबह वह गंभीर हालत में जंगल में मिला। घायल नेत्र सिंह ने बताया कि भालू से जान बचाने के लिए उसके और भालू के बीच काफी देर तक संघर्ष हुआ। भालू ने उस पर कई हमले किए और नेत्र सिंह ने दरांती से हमला कर खुद को बचाया। कुछ देर बाद भालू वहां से चला गया। नेत्र सिंह ने बताया कि घायल होने के बाद घर आने के लिए वह करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल चला, लेकिन असहनीय दर्द के कारण जब चल नहीं पाया और रातभर जंगल में ही रुकना पड़ा। इसके बाद ग्रामीण उसे 108 एंबुलेंस से पीएचसी ले गए। डॉ. शहजाद अली ने बताया कि घायल के शरीर और सिर पर कई घाव हैं। प्रमुख दर्शन दानू ने अस्पताल पहुंचकर घायल का हालचाल जाना और वन विभाग से घायल को राहत देने की मांग की।
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वन दारोगा जमन सिंह रावत ने बताया कि मंगलवार को नेत्र सिंह (60) दोपहर एक बजे पशुओं के लिए घास लेने के लिए गांव से करीब तीन किलोमीटर दूर गया था। वहां भालू ने हमला कर उसे बुरी तरह घायल कर दिया। शाम तक जब वह जंगल से घर नहीं आया तो ग्रामीण रातभर बुजुर्ग की खोज में भटकते रहे। बुधवार सुबह वह गंभीर हालत में जंगल में मिला। घायल नेत्र सिंह ने बताया कि भालू से जान बचाने के लिए उसके और भालू के बीच काफी देर तक संघर्ष हुआ। भालू ने उस पर कई हमले किए और नेत्र सिंह ने दरांती से हमला कर खुद को बचाया। कुछ देर बाद भालू वहां से चला गया। नेत्र सिंह ने बताया कि घायल होने के बाद घर आने के लिए वह करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल चला, लेकिन असहनीय दर्द के कारण जब चल नहीं पाया और रातभर जंगल में ही रुकना पड़ा। इसके बाद ग्रामीण उसे 108 एंबुलेंस से पीएचसी ले गए। डॉ. शहजाद अली ने बताया कि घायल के शरीर और सिर पर कई घाव हैं। प्रमुख दर्शन दानू ने अस्पताल पहुंचकर घायल का हालचाल जाना और वन विभाग से घायल को राहत देने की मांग की।
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