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चमोली: आपदाग्रस्त क्षेत्र के बच्चे आए तनाव में
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IIशिक्षा विभाग करवा रहा काउंसिलिंग, स्वास्थ्य विभाग और एनजीओ की मदद से बच्चों से किया जा रहा संपर्कI
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II भू-धंसाव प्रभावित परिवारों के बच्चे और युवा टूटे घर, वहां का माहौल देखकर तनावग्रस्त हैं। खासकर वे बच्चे ज्यादा चिंतित हैं जिनके परिवार शिविरों में रह रहे हैं। बच्चों को इस तनाव से उभारने के लिए शिक्षा विभाग सभी छात्र-छात्राओं से संपर्क कर उनकी काउंसलिंग करवा रहा है।I
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Iजोशीमठ में आपदा के चलते जोशीमठ में 296 परिवारों को घर छोड़ना पड़ा है जिसमें से 243 परिवार विभिन्न जगहों पर बनाए गए राहत शिविरों में ही रह रहे हैं। करीब 150 छात्र-छात्राएं हैं जो आपदा से सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं, वह परिवार के साथ शिविर या किराए के भवन में रह रहे हैं। अचानक उपजी इस स्थिति ने बच्चों को तनावग्रस्त कर दिया है। इससे उनकी पढ़ाई और भविष्य पर दुष्प्रभाव पड़ सकता है। इसको देखते हुए शिक्षा विभाग जोशीमठ में पढ़ने वाले सभी छात्र-छात्राओं की काउंसिलिंग करवा रहा है।
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Iजिला शिक्षा अधिकारी कुलदीप गैरोला ने बीईओ भाष्कर बेवनी के निर्देशन में टीम गठित की गई है जिसमें डायट (जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान) गौचर से सुबोध डिमरी, जीआईसी जोशीमठ के प्रधानाचार्य राजकिशोर, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज सुनील की प्रधानाचार्य उर्मिला बहुगुणा के अलावा स्वास्थ्य विभाग और एनजीओ के सदस्य शामिल हैं।
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Iटीम ने अब तक विभिन्न विद्यालयों के 500 बच्चों से संपर्क किया। बच्चों का तनाव कम हो सके इसके लिए उनकी काउंसलिंग की जा रही है। इसका असर भी उनमें देखने को मिल रहा है।I
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IIशिक्षा विभाग करवा रहा काउंसिलिंग, स्वास्थ्य विभाग और एनजीओ की मदद से बच्चों से किया जा रहा संपर्कI
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II भू-धंसाव प्रभावित परिवारों के बच्चे और युवा टूटे घर, वहां का माहौल देखकर तनावग्रस्त हैं। खासकर वे बच्चे ज्यादा चिंतित हैं जिनके परिवार शिविरों में रह रहे हैं। बच्चों को इस तनाव से उभारने के लिए शिक्षा विभाग सभी छात्र-छात्राओं से संपर्क कर उनकी काउंसलिंग करवा रहा है।I
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Iजोशीमठ में आपदा के चलते जोशीमठ में 296 परिवारों को घर छोड़ना पड़ा है जिसमें से 243 परिवार विभिन्न जगहों पर बनाए गए राहत शिविरों में ही रह रहे हैं। करीब 150 छात्र-छात्राएं हैं जो आपदा से सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं, वह परिवार के साथ शिविर या किराए के भवन में रह रहे हैं। अचानक उपजी इस स्थिति ने बच्चों को तनावग्रस्त कर दिया है। इससे उनकी पढ़ाई और भविष्य पर दुष्प्रभाव पड़ सकता है। इसको देखते हुए शिक्षा विभाग जोशीमठ में पढ़ने वाले सभी छात्र-छात्राओं की काउंसिलिंग करवा रहा है।
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Iजिला शिक्षा अधिकारी कुलदीप गैरोला ने बीईओ भाष्कर बेवनी के निर्देशन में टीम गठित की गई है जिसमें डायट (जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान) गौचर से सुबोध डिमरी, जीआईसी जोशीमठ के प्रधानाचार्य राजकिशोर, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज सुनील की प्रधानाचार्य उर्मिला बहुगुणा के अलावा स्वास्थ्य विभाग और एनजीओ के सदस्य शामिल हैं।
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Iटीम ने अब तक विभिन्न विद्यालयों के 500 बच्चों से संपर्क किया। बच्चों का तनाव कम हो सके इसके लिए उनकी काउंसलिंग की जा रही है। इसका असर भी उनमें देखने को मिल रहा है।I