{"_id":"66c5da50a904b220250fc263","slug":"brahmakapal-and-taptakund-are-in-danger-due-to-the-works-of-river-front-gopeshwar-news-c-47-1-sdrn1001-107687-2024-08-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamoli News: रीवर फ्रंट के कार्यों से ब्रह्मकपाल और तप्तकुंड को खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamoli News: रीवर फ्रंट के कार्यों से ब्रह्मकपाल और तप्तकुंड को खतरा
Wed, 21 Aug 2024 05:45 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Wed, 21 Aug 2024 05:45 PM IST
विज्ञापन
फोटो
मास्टर प्लान : ब्रह्मकपाल पूजा स्थल पर घुस रहा पानी और मलबा
संवाद न्यूज एजेंसी
बदरीनाथ। मास्टर प्लान के तहत चल रहे रीवर फ्रंट के कार्यों से ब्रह्मकपाल क्षेत्र को खतरा बना हुआ है। अलकनंदा का जलस्तर बढ़ने से पानी और मलबा ब्रह्मकपाल पूजा स्थल में घुस रहा है। बदरीनाथ के तीर्थ पुरोहितों ने यहां सुरक्षा के इंतजाम करने और नदी किनारे खोदाई कार्य न करने की मांग की।
इन दिनों अलकनंदा उफान पर बह रही है। भारी बारिश होने पर नदी का पानी ब्रह्मकपाल क्षेत्र में पहुंच रहा है। मास्टर प्लान की कार्यदायी संस्था लोनिवि (पीआईयू) की ओर से नदी किनारे पुल व अन्य निर्माण कार्य किए जा रहे हैं जिससे नदी के तटबंद क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ब्रह्मकपाल से तप्तकुंड तक के हिस्से को नदी से खतरा बना है। ब्रह्मकपाल के तीर्थ पुरोहित आनंद सती और हरीश सती ने कहा कि कार्यदायी संस्था की ओर से बिना जांच परख के नदी किनारे काम किया गया जिससे नदी का जलस्तर बढ़ने पर ब्रह्मकपाल तीर्थ में पानी घुस रहा है और भारी मात्रा में मलबा भी जमा हो गया है। इधर, कार्यदायी संस्था के अधिकारियों का कहना है कि नदी का जलस्तर कम होने पर रीवर फ्रंट के काम किए जाएंगे। नदी से मंदिर क्षेत्र को कोई नुकसान नहीं हो रहा है और न ही यहां कटाव हो रहा है।
विज्ञापन
मास्टर प्लान : ब्रह्मकपाल पूजा स्थल पर घुस रहा पानी और मलबा
संवाद न्यूज एजेंसी
बदरीनाथ। मास्टर प्लान के तहत चल रहे रीवर फ्रंट के कार्यों से ब्रह्मकपाल क्षेत्र को खतरा बना हुआ है। अलकनंदा का जलस्तर बढ़ने से पानी और मलबा ब्रह्मकपाल पूजा स्थल में घुस रहा है। बदरीनाथ के तीर्थ पुरोहितों ने यहां सुरक्षा के इंतजाम करने और नदी किनारे खोदाई कार्य न करने की मांग की।
इन दिनों अलकनंदा उफान पर बह रही है। भारी बारिश होने पर नदी का पानी ब्रह्मकपाल क्षेत्र में पहुंच रहा है। मास्टर प्लान की कार्यदायी संस्था लोनिवि (पीआईयू) की ओर से नदी किनारे पुल व अन्य निर्माण कार्य किए जा रहे हैं जिससे नदी के तटबंद क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ब्रह्मकपाल से तप्तकुंड तक के हिस्से को नदी से खतरा बना है। ब्रह्मकपाल के तीर्थ पुरोहित आनंद सती और हरीश सती ने कहा कि कार्यदायी संस्था की ओर से बिना जांच परख के नदी किनारे काम किया गया जिससे नदी का जलस्तर बढ़ने पर ब्रह्मकपाल तीर्थ में पानी घुस रहा है और भारी मात्रा में मलबा भी जमा हो गया है। इधर, कार्यदायी संस्था के अधिकारियों का कहना है कि नदी का जलस्तर कम होने पर रीवर फ्रंट के काम किए जाएंगे। नदी से मंदिर क्षेत्र को कोई नुकसान नहीं हो रहा है और न ही यहां कटाव हो रहा है।
विज्ञापन