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Chamoli News: माता मूर्ति के सानिध्य में रहे उद्धव, पांच घंटे बंद रहे बदरीनाथ के कपाट
Wed, 23 Sep 2026 07:06 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Wed, 23 Sep 2026 07:06 PM IST
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बदरीनाथ मंदिर से उद्धव की डोली को माता मूर्ति मंदिर ले जाते श्रद्धालु। स्रोत: जागरुक पाठक
फोटो
वामन द्वादशी पर मनाया माता मूर्ति उत्सव
उद्धव की डोली के साथ माणा पहुंचे रावल और वेदपाठी आचार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
बदरीनाथ। बदरीनाथ धाम में बुधवार को वामन द्वादशी के अवसर पर माता मूर्ति उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। भगवान बदरी विशाल के बाल भोग के बाद सुबह दस बजे उद्धव की डोली के साथ बदरीनाथ मंदिर के रावल अमरनाथ नंबूदरी, धर्माधिकारी, वेदपाठी आचार्य और मंदिर समिति के अधिकारी माता मूर्ति मंदिर माणा के लिए रवाना हुए। ऐसे में सुबह दस बजे से अपराह्न तीन बजे कुल पांच घंटे तक बदरीनाथ मंदिर के कपाट बंद रहे।
भगवान बदरीविशाल की ओर से माता मूर्ति की कुशलक्षेम जानने के लिए भगवान के प्रतिनिधि और सखा उद्धव हर वर्ष वामन द्वादशी पर माता मूर्ति मंदिर पहुंचते हैं। यात्रा के दौरान माणा गांव की महिला मंडली ने जौ की हरियाली भेंट कर उद्धव की देवडोली, रावल और अन्य श्रद्धालुओं का स्वागत किया। भगवान बदरीनाथ को दिन में लगने वाला भोग भी माता मूर्ति मंदिर में लगा। माता मूर्ति उत्सव के कारण सुबह दस बजे से अपराह्न तीन बजे तक बदरीनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद रहे। वहीं पूजा-अर्चना के बाद अपराह्न तीन बजे उद्धव की डोली वापस बदरीनाथ मंदिर पहुंची और मंदिर में पुन: विराजमान हुई। इसके बाद मंदिर को दर्शन के लिए खोल दिया गया। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने वामन द्वादशी पर श्रद्धालुओं को माता मूर्ति उत्सव की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि माता मूर्ति उत्सव अनादिकाल से चली आ रही पौराणिक परंपरा है। इस मौके पर बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, सलाहकार माधव सेमवाल, सदस्य विनीत पोस्ती, मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़, धर्माधिकारी स्वयंबर सेमवाल, ग्राम प्रधान माणा पीतांबर मोल्फा, वेदपाठी डॉ. रवींद्र भट्ट, माता मूर्ति मंदिर के पुजारी हनुमान प्रसाद डिमरी सहित कई लोग मौजूद रहे।
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वामन द्वादशी पर मनाया माता मूर्ति उत्सव
उद्धव की डोली के साथ माणा पहुंचे रावल और वेदपाठी आचार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
बदरीनाथ। बदरीनाथ धाम में बुधवार को वामन द्वादशी के अवसर पर माता मूर्ति उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। भगवान बदरी विशाल के बाल भोग के बाद सुबह दस बजे उद्धव की डोली के साथ बदरीनाथ मंदिर के रावल अमरनाथ नंबूदरी, धर्माधिकारी, वेदपाठी आचार्य और मंदिर समिति के अधिकारी माता मूर्ति मंदिर माणा के लिए रवाना हुए। ऐसे में सुबह दस बजे से अपराह्न तीन बजे कुल पांच घंटे तक बदरीनाथ मंदिर के कपाट बंद रहे।
भगवान बदरीविशाल की ओर से माता मूर्ति की कुशलक्षेम जानने के लिए भगवान के प्रतिनिधि और सखा उद्धव हर वर्ष वामन द्वादशी पर माता मूर्ति मंदिर पहुंचते हैं। यात्रा के दौरान माणा गांव की महिला मंडली ने जौ की हरियाली भेंट कर उद्धव की देवडोली, रावल और अन्य श्रद्धालुओं का स्वागत किया। भगवान बदरीनाथ को दिन में लगने वाला भोग भी माता मूर्ति मंदिर में लगा। माता मूर्ति उत्सव के कारण सुबह दस बजे से अपराह्न तीन बजे तक बदरीनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद रहे। वहीं पूजा-अर्चना के बाद अपराह्न तीन बजे उद्धव की डोली वापस बदरीनाथ मंदिर पहुंची और मंदिर में पुन: विराजमान हुई। इसके बाद मंदिर को दर्शन के लिए खोल दिया गया। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने वामन द्वादशी पर श्रद्धालुओं को माता मूर्ति उत्सव की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि माता मूर्ति उत्सव अनादिकाल से चली आ रही पौराणिक परंपरा है। इस मौके पर बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, सलाहकार माधव सेमवाल, सदस्य विनीत पोस्ती, मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़, धर्माधिकारी स्वयंबर सेमवाल, ग्राम प्रधान माणा पीतांबर मोल्फा, वेदपाठी डॉ. रवींद्र भट्ट, माता मूर्ति मंदिर के पुजारी हनुमान प्रसाद डिमरी सहित कई लोग मौजूद रहे।

बदरीनाथ मंदिर से उद्धव की डोली को माता मूर्ति मंदिर ले जाते श्रद्धालु। स्रोत: जागरुक पाठक
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