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Chamoli News: डुंग्री की नैणी देवी देवरा यात्रा से पूर्व नारायण धाम भंगोटा पहुंचीं
Sat, 24 Oct 2026 07:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Sat, 24 Oct 2026 07:14 PM IST
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भारकोटबार में नागिनी देवी का नंदा देवी से हुआ भावपूर्ण मिलन हुआ
नारायणबगड़। जेठूलाबार डुंग्री की नैणी देवी (नागिन माता) अपनी देवरा यात्रा पर जाने से पहले शनिवार को नारायण धाम भंगोटा और नंदाधाम भारकोटबार पहुंची। गांव की महिलाओं ने मांगल गीत गाकर, अक्षत व पुष्प बरसाकर देवी की आगवानी की।
शनिवार सुबह नैणी देवी बाजे-गाजों के साथ भूम्याल देवता की अगुवाई में जेठूलाबार डुंग्री से भंगोटा गांव के लिए रवाना हुई। आलियूं गांव होते हुए तीन किलोमीटर की यात्रा कर वे नारायण मंदिर पहुंची। यहां देव पश्वाओं ने अवतरित होकर नैणी देवी से भेंट की और वचन दिए। नारायण धाम भंगोटा में विश्राम के बाद नैणी देवी पय्यां न्योतने गांव के नारायण स्थान पर गई।
भारकोटबार में दोनों देवियों का भावपूर्ण मिलन हुआ। नैणी देवी अपने ब्रह्मगुरु के सानिध्य में एक बार फिर भंगोटा गांव के नारायण धाम मंदिर में विराजमान हुई। इसके बाद जेठूलाबार डुंग्री से आए देवी भक्तों के लिए ग्रामीणों ने भोज दिया। देरशाम देवी भंगोटा गांव से अपने धाम डुंग्री के लिए रवाना हुई। इस अवसर पर ब्रह्मगुरु हरिबल्लभ सती, देवरा यात्रा के अध्यक्ष अनिल उनियाल और पुजारी प्रकाश सती समेत कई अन्य लोग मौजूद रहे।
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नारायणबगड़। जेठूलाबार डुंग्री की नैणी देवी (नागिन माता) अपनी देवरा यात्रा पर जाने से पहले शनिवार को नारायण धाम भंगोटा और नंदाधाम भारकोटबार पहुंची। गांव की महिलाओं ने मांगल गीत गाकर, अक्षत व पुष्प बरसाकर देवी की आगवानी की।
शनिवार सुबह नैणी देवी बाजे-गाजों के साथ भूम्याल देवता की अगुवाई में जेठूलाबार डुंग्री से भंगोटा गांव के लिए रवाना हुई। आलियूं गांव होते हुए तीन किलोमीटर की यात्रा कर वे नारायण मंदिर पहुंची। यहां देव पश्वाओं ने अवतरित होकर नैणी देवी से भेंट की और वचन दिए। नारायण धाम भंगोटा में विश्राम के बाद नैणी देवी पय्यां न्योतने गांव के नारायण स्थान पर गई।
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भारकोटबार में दोनों देवियों का भावपूर्ण मिलन हुआ। नैणी देवी अपने ब्रह्मगुरु के सानिध्य में एक बार फिर भंगोटा गांव के नारायण धाम मंदिर में विराजमान हुई। इसके बाद जेठूलाबार डुंग्री से आए देवी भक्तों के लिए ग्रामीणों ने भोज दिया। देरशाम देवी भंगोटा गांव से अपने धाम डुंग्री के लिए रवाना हुई। इस अवसर पर ब्रह्मगुरु हरिबल्लभ सती, देवरा यात्रा के अध्यक्ष अनिल उनियाल और पुजारी प्रकाश सती समेत कई अन्य लोग मौजूद रहे।
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