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बदरीनाथ हाईवे: क्षेत्रपाल में भूस्खलन से मिली मुक्ति, अलकनंदा से लेकर चट्टान तक ट्रीटमेंट संपन्न
Sun, 29 Mar 2026 08:07 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Sun, 29 Mar 2026 08:07 PM IST
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बदरीनाथ हाईवे पर भूस्खलन एरिया क्षेत्रपाल में पूरा हुआ ट्रीटमेंट कार्य। स्रोत जागरुक पाठक
बदरीनाथ हाईवे: क्षेत्रपाल में भूस्खलन से मिली मुक्ति, अलकनंदा से लेकर चट्टान तक ट्रीटमेंट संपन्न
दो साल से चल रहा भूस्खलन वाली पहाड़ी का ट्रीटमेंट, अलकनंदा साइड मलबा निस्तारण कर पहाड़ी को लोहे की जाली से बांधा
प्रमोद सेमवाल
गोपेश्वर। बदरीनाथ हाईवे पर इस बार तीर्थयात्रियों को भूस्खलन एरिया क्षेत्रपाल में हाईवे बाधित होने और हिचकौले खाकर यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। यहां अब भूस्खलन से मुक्ति मिल जाएगी। एनएचआईडीसीएल (राष्ट्रीय राजमार्ग एवं ढांचागत विकास) की ओर से क्षेत्रपाल में करीब 400 मीटर एरिया में सुधारीकरण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। अलकनंदा साइड मलबे का निस्तारण किया गया है, जबकि भूस्खलन वाली चट्टान को लोहे की जाली से बांध दिया गया है। अंतिम चरण में यहां डामरीकरण कार्य होगा। कार्यदायी संस्था की ओर से इसकी तैयारी भी कर ली गई है।
बदरीनाथ हाईवे पर पिछले सात साल से ऑलवेदर रोड परियोजना के तहत सड़क चौड़ीकरण, सुधारीकरण और डामरीकरण कार्य किया जा रहा है। इसी के तहत कई जगहों पर संकरे और अंधे मोड़ों पर चौड़ीकरण कार्य कर दिया गया है। चारधाम यात्रा के दौरान पिछले पांच साल से क्षेत्रपाल में भूस्खलन परेशानी का सबब बना हुआ था। वर्ष 2022 में यहां भूस्खलन होने से तीन दिनों तक बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा बाधित रही थी। इसके बाद एनएचआईडीसीएल ने इस एरिया के ट्रीटमेंट का खाका तैयार किया। 2024 में इसके ट्रीटमेंट को भारत सरकार की स्वीकृति मिली। तब से यहां सुधारीकरण कार्य चल रहा था।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी का कहना है कि क्षेत्रपाल में सुधारीकरण कार्य कर लिया गया है। यहां चौड़ीकरण के साथ ही चट्टानी भाग को लोेहे की जाली से सुरक्षित कर दिया गया है। ढलानों को मजबूत करने और मिट्टी के स्थिरीकरण के लिए रासायनिक तरल स्टेबलाइजर्स का छिड़काव किया गया है। अब यहां यात्रा सुगम और सुरक्षित हो जाएगी।
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दो साल से चल रहा भूस्खलन वाली पहाड़ी का ट्रीटमेंट, अलकनंदा साइड मलबा निस्तारण कर पहाड़ी को लोहे की जाली से बांधा
प्रमोद सेमवाल
गोपेश्वर। बदरीनाथ हाईवे पर इस बार तीर्थयात्रियों को भूस्खलन एरिया क्षेत्रपाल में हाईवे बाधित होने और हिचकौले खाकर यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। यहां अब भूस्खलन से मुक्ति मिल जाएगी। एनएचआईडीसीएल (राष्ट्रीय राजमार्ग एवं ढांचागत विकास) की ओर से क्षेत्रपाल में करीब 400 मीटर एरिया में सुधारीकरण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। अलकनंदा साइड मलबे का निस्तारण किया गया है, जबकि भूस्खलन वाली चट्टान को लोहे की जाली से बांध दिया गया है। अंतिम चरण में यहां डामरीकरण कार्य होगा। कार्यदायी संस्था की ओर से इसकी तैयारी भी कर ली गई है।
बदरीनाथ हाईवे पर पिछले सात साल से ऑलवेदर रोड परियोजना के तहत सड़क चौड़ीकरण, सुधारीकरण और डामरीकरण कार्य किया जा रहा है। इसी के तहत कई जगहों पर संकरे और अंधे मोड़ों पर चौड़ीकरण कार्य कर दिया गया है। चारधाम यात्रा के दौरान पिछले पांच साल से क्षेत्रपाल में भूस्खलन परेशानी का सबब बना हुआ था। वर्ष 2022 में यहां भूस्खलन होने से तीन दिनों तक बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा बाधित रही थी। इसके बाद एनएचआईडीसीएल ने इस एरिया के ट्रीटमेंट का खाका तैयार किया। 2024 में इसके ट्रीटमेंट को भारत सरकार की स्वीकृति मिली। तब से यहां सुधारीकरण कार्य चल रहा था।
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जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी का कहना है कि क्षेत्रपाल में सुधारीकरण कार्य कर लिया गया है। यहां चौड़ीकरण के साथ ही चट्टानी भाग को लोेहे की जाली से सुरक्षित कर दिया गया है। ढलानों को मजबूत करने और मिट्टी के स्थिरीकरण के लिए रासायनिक तरल स्टेबलाइजर्स का छिड़काव किया गया है। अब यहां यात्रा सुगम और सुरक्षित हो जाएगी।
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