{"_id":"68ac3cc25ee39dd80e062207","slug":"anju-first-in-10-km-race-of-ultra-trail-karnpryag-news-c-48-kpg1001-117243-2025-08-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamoli News: अल्ट्रा ट्रेल की 10 किमी दौड़ में अंजू प्रथम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamoli News: अल्ट्रा ट्रेल की 10 किमी दौड़ में अंजू प्रथम
Mon, 25 Aug 2025 04:06 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Mon, 25 Aug 2025 04:06 PM IST
विज्ञापन
फोटो
देवाल। हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी में आयोजित सूर्या स्पीति चैलेंज 2025 की अल्ट्रा ट्रेल दौड़ प्रतियोगिता में विकासखंड के मुंदोली गांव की अंजू (18) ने शानदार प्रदर्शन किया है। अंजू ने 10 किमी दौड़ में प्रथम और 77 किमी की दौड़ में तृतीय स्थान प्राप्त किया।
भारतीय सेना की ओर से 22 से 24 अगस्त तक इस प्रतियोगिता का आयोजन हुआ जिसमें देश-विदेश से आए 1600 से अधिक धावकों ने भाग लिया। अंजू वर्तमान में अटल उत्कृष्ट राइंका मुंदोली की 12वीं की छात्रा हैं। उनकी इस उपलब्धि पर मुंदोली राइडर्स क्लब की अहम भूमिका रही। क्लब के संस्थापक पूर्व सैनिक, अल्ट्रा ट्रेल धावक और पर्वतारोही कलम सिंह बिष्ट ने उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में कठिन और बर्फीले मार्ग, ऑक्सीजन की कमी और तेज हवाओं का सामना करना पड़ा। अंजू की इस सफलता पर उनके पिता अर्जुन सिंह, माता हेमा देवी, दादा बादर सिंह ने खुशी जताई। संवाद
विज्ञापन
देवाल। हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी में आयोजित सूर्या स्पीति चैलेंज 2025 की अल्ट्रा ट्रेल दौड़ प्रतियोगिता में विकासखंड के मुंदोली गांव की अंजू (18) ने शानदार प्रदर्शन किया है। अंजू ने 10 किमी दौड़ में प्रथम और 77 किमी की दौड़ में तृतीय स्थान प्राप्त किया।
भारतीय सेना की ओर से 22 से 24 अगस्त तक इस प्रतियोगिता का आयोजन हुआ जिसमें देश-विदेश से आए 1600 से अधिक धावकों ने भाग लिया। अंजू वर्तमान में अटल उत्कृष्ट राइंका मुंदोली की 12वीं की छात्रा हैं। उनकी इस उपलब्धि पर मुंदोली राइडर्स क्लब की अहम भूमिका रही। क्लब के संस्थापक पूर्व सैनिक, अल्ट्रा ट्रेल धावक और पर्वतारोही कलम सिंह बिष्ट ने उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में कठिन और बर्फीले मार्ग, ऑक्सीजन की कमी और तेज हवाओं का सामना करना पड़ा। अंजू की इस सफलता पर उनके पिता अर्जुन सिंह, माता हेमा देवी, दादा बादर सिंह ने खुशी जताई। संवाद
विज्ञापन