फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Chamoli News ›   Alaknanda river water level reaches near danger mark

खतरे के निशान के करीब पहुंचा अलकनंदा नदी का जलस्त

Sun, 05 Jul 2020 09:36 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 05 Jul 2020 09:36 PM IST
विज्ञापन
Alaknanda river water level reaches near danger mark
चमोली के देवलीबगड़ में लोगों के घरों में घुसा मलबा। - फोटो : GOPESHWAR
गोपेश्वर। चमोली जिले में मूसलाधार बारिश से जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। अलकनंदा, पिंडर और नंदाकिनी के साथ ही सहायक नदियां उफान पर हैं। अलकनंदा नदी का खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। खतरे का निशान 957.42 मीटर पर है, वहीं अलकनंदा का जलस्तर 954.10 मीटर दर्ज किया गया। जिले में भूस्खलन से विभिन्न प्रांतीय खंड की 29 सड़कें बंद हो गई हैं। इससे ग्रामीणों को मीलों की दूरी पैदल तय करनी पड़ रही है। निजमूला घाटी के लगभग 60 गांवों में रविवार तड़के से बिजली सप्लाई ठप है। ऊर्जा निगम के ईई कैलाश कुमार ने बताया कि नंदप्रयाग से गडोरा के बीच लाइन में फाल्ट आने से सप्लाई बाधित हुई है।
विज्ञापन

दिनभर बाधित रही संचार सेवा
चमोली। जिले में शनिवार रात से ही बीएसएनएल के साथ ही निजी कंपनियों की संचार सुविधा ठप है। लोगों का अपने सगे-संबंधियों से संपर्क नहीं आ पा रहा है। गोपेश्वर के साथ ही जोशीमठ, कर्णप्रयाग, गौचर, थराली, देवाल, घाट, पोखरी, गैरसैंण क्षेत्रों में रविवार को भी दिनभर संचार सेवा ठप रही। ब्यूरो
विज्ञापन

सबसे अधिक बारिश पोखरी में
जिले में सबसे अधिक बारिश पोखरी क्षेत्र में दर्ज की गई है। यहां 50 मिमी बारिश हुई। जबकि कर्णप्रयाग में 40, घाट में 45, गैरसैंण में 9.5 और थराली में 17.2 मिमी बारिश रिकार्ड की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

किस खंड में कितनी सड़कें बंद-
खंड बंद मार्ग खोले गए मार्ग
लोनिवि गोपेश्वर 02 01
कर्णप्रयाग 05 07
गैरसैंण 00 03
थराली 01 01
पोखरी 05 06
गौचर 03 01
पीएमजीएसवाई कर्णप्रयाग 05 06
पीएमजीएसवाई पोखरी 05 04
फोटो
-----
कालेश्वर औद्योगिक संस्थान में घुसा मलबा
गोपेश्वर। कालेश्वर औद्योगिक संस्थान में ऑलवेदर रोड परियोजना का मलबा और पानी घुस गया, जिससे यहां लाखों का सामान बर्बाद हो गया। कालेश्वर में औद्योगिक संस्थान के इर्द-गिर्द डंपिंड जोन बनाया गया था। शनिवार को देर रात हुई बारिश से मलबा और पानी यहां स्थित गोदाम में घुस गया। फर्नीचर उद्योग के मालिक ताजबर सिंह का कहना है कि रात करीब एक बजे बारिश से बदरीनाथ हाईवे का मलबा उनके गोदाम में घुस गया, जिससे यहां रखा फर्नीचर बर्बाद हो गया है। वहीं कैरी बैग से जुड़े उद्यम के मालिक प्रदीप पंवार ने बताया कि औद्योगिक संस्थान में पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे बार-बार दिक्कत हो रही है। ब्यूरो

चमोली के औद्योगिक संस्थान कालेश्वर में घुसा मलबा। उद्योगों को हुआ नुकसान।

चमोली के औद्योगिक संस्थान कालेश्वर में घुसा मलबा। उद्योगों को हुआ नुकसान।- फोटो : GOPESHWAR

चमोली के तेफना में गदेरे में फंसी कार। गदेरे का मलबा कई घरों में भी घुसा।

चमोली के तेफना में गदेरे में फंसी कार। गदेरे का मलबा कई घरों में भी घुसा।- फोटो : GOPESHWAR

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed