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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंप्यूटर विज्ञान का उन्नत स्वरूप
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प्रौद्योगिक संस्थान गोपेश्वर में ‘आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और डीप लर्निंग’ विषय पर ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन हुआ, जिसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हुए। विशेषज्ञों ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस कंप्यूटर विज्ञान का सबसे उन्नत स्वरूप है। इसे विज्ञान के साथ इंसान की भी प्रगति कहा जा सकता है कि उसने ऐसी मशीनें तैयार कर ली हैं जो सोचने, समझने के साथ ही निर्णय लेने में भी सक्षम हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी विभाग की ओर से आयोजित कार्यशाला में बीटीकेआईटी द्वाराहाट में कार्यरत डा. विशाल कुमार, प्रो. अजीत सिंह, मैनिट भोपाल के डा. मितुल, इक्फाई यूनिवर्सिटी के प्रो. विशाल गुप्ता, साउथ यूरॉल स्टेट यूनिवर्सिटी रसिया के प्रो. सचिन कुमार, डेक्कन यूनिवर्सिटी आस्ट्रेलिया के डाटा साइंटिस्ट डा. अभय कुमार आलोक ने विचार रखे। कार्यशाला संयोजक सहायक प्रो. विश्वनाथ बिजल्वाण ने बताया कि आर्टिफिशियल तकनीकी वह है जिसमें कंप्यूटर मशीन को इस तरह तैयार किया जाता है कि वह इंसानों के बराबर सोचे और उसके आधार पर निर्णय ले। इस दौरान संस्थान के निदेशक डा. केकेएस, प्रशासकीय परिषद आईटी के अध्यक्ष डा. बीएस बिष्ट आदि शामिल रहे।
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इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी विभाग की ओर से आयोजित कार्यशाला में बीटीकेआईटी द्वाराहाट में कार्यरत डा. विशाल कुमार, प्रो. अजीत सिंह, मैनिट भोपाल के डा. मितुल, इक्फाई यूनिवर्सिटी के प्रो. विशाल गुप्ता, साउथ यूरॉल स्टेट यूनिवर्सिटी रसिया के प्रो. सचिन कुमार, डेक्कन यूनिवर्सिटी आस्ट्रेलिया के डाटा साइंटिस्ट डा. अभय कुमार आलोक ने विचार रखे। कार्यशाला संयोजक सहायक प्रो. विश्वनाथ बिजल्वाण ने बताया कि आर्टिफिशियल तकनीकी वह है जिसमें कंप्यूटर मशीन को इस तरह तैयार किया जाता है कि वह इंसानों के बराबर सोचे और उसके आधार पर निर्णय ले। इस दौरान संस्थान के निदेशक डा. केकेएस, प्रशासकीय परिषद आईटी के अध्यक्ष डा. बीएस बिष्ट आदि शामिल रहे।
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