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Chamoli News: कोर्ट लोगो नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी बरी, पीड़िता को प्रतिकर के आदेश
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। विशेष सत्र न्यायाधीश धर्म सिंह की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। साथ ही राज्य सरकार को आदेश दिया कि पीड़िता को दो लाख रुपये प्रतिकर के रूप में दिया जाए।
मामला गैरसैंण थाना क्षेत्र के अंतर्गत जनवरी 2021 का है। यहां एक गांव की नाबालिग के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया था। पीड़िता गर्भवती हो गई थी। इस मामले में बाल कल्याण समिति के हस्तक्षेप पर मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की सुनवाई विशेष सत्र न्यायाधीश धर्म सिंह की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान पीड़िता बयानों से मुकर गई, उसने बताया कि आरोपी ने उसके साथ कोई गलत काम नहीं किया है। साथ ही डीएनए रिपोर्ट में भी आरोपी को बच्चे का जैविक पिता नहीं बताया गया।
अदालत ने कहा कि सुबूत और गवाहों के आधार पर आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त किया जाता है। लेकिन पीड़िता गर्भवती हुई है, उसने शारीरिक व मानसिक कष्ट सहा है। इसलिए अभियुक्त के दोषमुक्त होने पर भी पीड़िता को प्रतिकर दिया जाना चाहिए। न्यायालय ने राज्य को 30 दिनों के भीतर पीड़िता को दो लाख रुपये प्रतिकर अदा करने का आदेश दिया है।
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गोपेश्वर। विशेष सत्र न्यायाधीश धर्म सिंह की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। साथ ही राज्य सरकार को आदेश दिया कि पीड़िता को दो लाख रुपये प्रतिकर के रूप में दिया जाए।
मामला गैरसैंण थाना क्षेत्र के अंतर्गत जनवरी 2021 का है। यहां एक गांव की नाबालिग के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया था। पीड़िता गर्भवती हो गई थी। इस मामले में बाल कल्याण समिति के हस्तक्षेप पर मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की सुनवाई विशेष सत्र न्यायाधीश धर्म सिंह की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान पीड़िता बयानों से मुकर गई, उसने बताया कि आरोपी ने उसके साथ कोई गलत काम नहीं किया है। साथ ही डीएनए रिपोर्ट में भी आरोपी को बच्चे का जैविक पिता नहीं बताया गया।
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अदालत ने कहा कि सुबूत और गवाहों के आधार पर आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त किया जाता है। लेकिन पीड़िता गर्भवती हुई है, उसने शारीरिक व मानसिक कष्ट सहा है। इसलिए अभियुक्त के दोषमुक्त होने पर भी पीड़िता को प्रतिकर दिया जाना चाहिए। न्यायालय ने राज्य को 30 दिनों के भीतर पीड़िता को दो लाख रुपये प्रतिकर अदा करने का आदेश दिया है।
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