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बिजनौर से सामान के ट्रक में पहुंचा युवक
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बिजनौर से सामान के एक ट्रक में गोपेश्वर पहुंचे युवक को उसके दोस्तों के साथ पुलिस ने क्वारंटीन सेंटर में भेज दिया।
गोपेश्वर थानाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह नेगी ने बताया कि गोपेश्वर के मंदिर मार्ग पर बारबर की दुकान चलाने वाला एक युवक बिजनौर यूपी से 13 अप्रैल को यहां आया। युवक की तलाश की, लेकिन वह न तो अपनी दुकान में मिला न ही कमरे में। सूचना मिली कि वह अपने दोस्त के कमरे में रह रहा है। संबंधित कमरे की तलाशी ली गई तो वहां बिजनौर निवासी युवक सहित उसके चार अन्य दोस्त मिले। पूछताछ में युवक ने बताया गया कि वह नंदप्रयाग तक सामान के ट्रक में छुपकर आया था और 13 अप्रैल को नंद्रप्रयाग से पैदल ही गोपेश्वर पहुंचा था। पुलिस ने पांचों युवकों को फैसिलिटी क्वारंटीन सेंटर मंडल भेज दिया है।
अभी धर्मशाला में ही रहेंगे क्वारंटीन
लैंसडौन। बाहरी राज्यों के 15 लोग लैंसडौन स्थित धर्मशाला में क्वारंटीन में रखे गए थे, जिनकी क्वारंटीन में रहने की अवधि 14 अप्रैल को खत्म हो रही थी। मंगलवार को प्रधानमंत्री ने लॉकडाउन की समय सीमा 3 मई तक बढ़ाने की घोषणा की। लॉकडाउन की समय सीमा बढ़ने से प्रशासन के सामने इन लोगों को बार्डर पार कराने में दिक्कतें आ रही हैं। एसडीएम अपर्णा ढौंडयिाल ने बताया कि अब जिला प्रशासन के दिशा निर्देशों के बाद ही इनके बारे में निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल ये लोग लैंसडौन में ही क्वारंटीन में रहेंगे। संवाद
गौचर और गैरसैंण में क्वारंटीन किए 15 लोगों को घर भेजा
गौचर/गैरसैंण। कोरोना वायरस से खतरे को देखते हुए 14 दिनों तक गौचर और गैरसैंण के क्वारंटीन में रखे गए 15 लोगों को मंगलवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। क्वारंटीन से जब लोग घर जाने लगे तो उनकी आंखों में खुशी के आंसू आ गए, क्योंकि सभी स्वस्थ थे और किसी में भी कोरोना के कोई लक्षण नहीं दिखाई दिए।
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गौचर के सीएचसी भवन और जीएमवीएन में 60 से अधिक लोग क्वारंटीन किए गए थे, जिसमें थराली, देवाल, पोखरी, गैरसैंण, कर्णप्रयाग, घाट आदि क्षेत्रों के लोग थे और सभी अन्य क्षेत्रों से आए थे। इस दौरान पूर्व पालिका अध्यक्ष मुकेश नेगी टीम सहित अस्पताल पहुंचे और उन्होंने कोरोना वॉरियर्स के तौर पर कोरोना जांच टीम के प्रभारी डा. बीएस भंडारी, डा. प्रकाश भट्ट, पुलिस चौकी प्रभारी नवीन चौहान सहित मेडिकल टीम, पुलिस और पर्यावरण मित्रों की पूरी टीम को विशेष सहयोग के लिए सम्मानित किया। गैरसैंण के पॉलिटेक्नीक भवन के क्वारंटीन केंद्र से भी तीन लोगों को भी छुट्टी दे दी गई। चिकित्सक डा. राजेश गैड़ी ने बताया कि उन्हें 14 दिनों के लिए होम क्वारंटीन में रहने की सलाह दी गई है। अब क्वारंटीन केंद्र में 32 लोग हैं, जिनकी समय-समय पर जांच की जा रही है।
स्क्रीनिंग में स्वस्थ मिले सभी
गैरसैंण। दूरदराज के क्षेत्रों में बाहर से आए लोगों की मंगलवार को स्क्रीनिंग की गई। होम्योपैथिक डा. कमल कुमार ने बताया कि पज्याणा, डुंग्री, खनसर, रोहिड़ा और कोठार आदि गांवों में अन्य क्षेत्रों से आए 30 से अधिक लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई, जो पूरी तरह स्वस्थ मिले।
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गोपेश्वर थानाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह नेगी ने बताया कि गोपेश्वर के मंदिर मार्ग पर बारबर की दुकान चलाने वाला एक युवक बिजनौर यूपी से 13 अप्रैल को यहां आया। युवक की तलाश की, लेकिन वह न तो अपनी दुकान में मिला न ही कमरे में। सूचना मिली कि वह अपने दोस्त के कमरे में रह रहा है। संबंधित कमरे की तलाशी ली गई तो वहां बिजनौर निवासी युवक सहित उसके चार अन्य दोस्त मिले। पूछताछ में युवक ने बताया गया कि वह नंदप्रयाग तक सामान के ट्रक में छुपकर आया था और 13 अप्रैल को नंद्रप्रयाग से पैदल ही गोपेश्वर पहुंचा था। पुलिस ने पांचों युवकों को फैसिलिटी क्वारंटीन सेंटर मंडल भेज दिया है।
अभी धर्मशाला में ही रहेंगे क्वारंटीन
लैंसडौन। बाहरी राज्यों के 15 लोग लैंसडौन स्थित धर्मशाला में क्वारंटीन में रखे गए थे, जिनकी क्वारंटीन में रहने की अवधि 14 अप्रैल को खत्म हो रही थी। मंगलवार को प्रधानमंत्री ने लॉकडाउन की समय सीमा 3 मई तक बढ़ाने की घोषणा की। लॉकडाउन की समय सीमा बढ़ने से प्रशासन के सामने इन लोगों को बार्डर पार कराने में दिक्कतें आ रही हैं। एसडीएम अपर्णा ढौंडयिाल ने बताया कि अब जिला प्रशासन के दिशा निर्देशों के बाद ही इनके बारे में निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल ये लोग लैंसडौन में ही क्वारंटीन में रहेंगे। संवाद
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गौचर और गैरसैंण में क्वारंटीन किए 15 लोगों को घर भेजा
गौचर/गैरसैंण। कोरोना वायरस से खतरे को देखते हुए 14 दिनों तक गौचर और गैरसैंण के क्वारंटीन में रखे गए 15 लोगों को मंगलवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। क्वारंटीन से जब लोग घर जाने लगे तो उनकी आंखों में खुशी के आंसू आ गए, क्योंकि सभी स्वस्थ थे और किसी में भी कोरोना के कोई लक्षण नहीं दिखाई दिए।
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गौचर के सीएचसी भवन और जीएमवीएन में 60 से अधिक लोग क्वारंटीन किए गए थे, जिसमें थराली, देवाल, पोखरी, गैरसैंण, कर्णप्रयाग, घाट आदि क्षेत्रों के लोग थे और सभी अन्य क्षेत्रों से आए थे। इस दौरान पूर्व पालिका अध्यक्ष मुकेश नेगी टीम सहित अस्पताल पहुंचे और उन्होंने कोरोना वॉरियर्स के तौर पर कोरोना जांच टीम के प्रभारी डा. बीएस भंडारी, डा. प्रकाश भट्ट, पुलिस चौकी प्रभारी नवीन चौहान सहित मेडिकल टीम, पुलिस और पर्यावरण मित्रों की पूरी टीम को विशेष सहयोग के लिए सम्मानित किया। गैरसैंण के पॉलिटेक्नीक भवन के क्वारंटीन केंद्र से भी तीन लोगों को भी छुट्टी दे दी गई। चिकित्सक डा. राजेश गैड़ी ने बताया कि उन्हें 14 दिनों के लिए होम क्वारंटीन में रहने की सलाह दी गई है। अब क्वारंटीन केंद्र में 32 लोग हैं, जिनकी समय-समय पर जांच की जा रही है।
स्क्रीनिंग में स्वस्थ मिले सभी
गैरसैंण। दूरदराज के क्षेत्रों में बाहर से आए लोगों की मंगलवार को स्क्रीनिंग की गई। होम्योपैथिक डा. कमल कुमार ने बताया कि पज्याणा, डुंग्री, खनसर, रोहिड़ा और कोठार आदि गांवों में अन्य क्षेत्रों से आए 30 से अधिक लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई, जो पूरी तरह स्वस्थ मिले।