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कोर्ट जाने के बाद छह मतों से हारीं दीपा
Chamoli
Updated Fri, 17 Oct 2014 05:32 AM IST
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गोपेश्वर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में क्षेत्र पंचायत सदस्य के पद के लिए एक मत से हारी प्रत्याशी ने जब न्यायालय की शरण ली तो अब चार माह बाद न्यायालय ने उसे छह मतों से पराजित होने का फैसला सुनाया है।
बीते जून माह में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में क्षेत्र पंचायत सदस्य नैल कुडाऊं सीट के लिए सीमा असवाल और दीपा देवी ने नामांकन कराया था। चुनाव में सीमा देवी ने दीपा देवी को एक मत से पराजित किया था। सीमा को 221 और दीपा को 220 मत मिले थे। दीपा देवी के अनुरोध के बाद तत्काल एसडीएम अवधेष कुमार सिंह की देखरेख में ब्लॉक सभागार में दोबारा मतगणना की गई, लेकिन मतों के अंतर में कोई फेरबदल नहीं हुआ। इसके बाद दीपा देवी ने चार जुलाई को मतगणना के फैसले को न्यायालय में चुनौती दी। तीन माह बाद नौ अक्तूबर को जिला जज उत्तम सिंह नबियाल की देखरेख में दोबारा मतगणना होने पर सीमा असवाल के मतों की संख्या 221 से 220 हो गई, जबकि दीपा देवी के मतों की संख्या 220 से घटकर 214 हो गई। इसके बाद उनके हार का अंतर बढ़ गया। जीती प्रत्याशी की ओर से अधिवक्ता मदन मिश्रा ने पैरवी की।
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बीते जून माह में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में क्षेत्र पंचायत सदस्य नैल कुडाऊं सीट के लिए सीमा असवाल और दीपा देवी ने नामांकन कराया था। चुनाव में सीमा देवी ने दीपा देवी को एक मत से पराजित किया था। सीमा को 221 और दीपा को 220 मत मिले थे। दीपा देवी के अनुरोध के बाद तत्काल एसडीएम अवधेष कुमार सिंह की देखरेख में ब्लॉक सभागार में दोबारा मतगणना की गई, लेकिन मतों के अंतर में कोई फेरबदल नहीं हुआ। इसके बाद दीपा देवी ने चार जुलाई को मतगणना के फैसले को न्यायालय में चुनौती दी। तीन माह बाद नौ अक्तूबर को जिला जज उत्तम सिंह नबियाल की देखरेख में दोबारा मतगणना होने पर सीमा असवाल के मतों की संख्या 221 से 220 हो गई, जबकि दीपा देवी के मतों की संख्या 220 से घटकर 214 हो गई। इसके बाद उनके हार का अंतर बढ़ गया। जीती प्रत्याशी की ओर से अधिवक्ता मदन मिश्रा ने पैरवी की।
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