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बारिश में ‘पेयजल’ को तरसे ग्रामीण
Chamoli
Updated Tue, 18 Jun 2013 05:30 AM IST
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कर्णप्रयाग। लगातार दो दिन से हो रही बारिश ग्रामीणों के लिए आफत बन गई है। पिंडर नदी के उफान में होने के कारण पेजयल लाइन बह गई। जिससे पुजारी गांव, आईटीआई, प्रेमनगर, बहुगुणानगर, राजनगर, शक्तिनगर, गांधीनगर की पेयजल आपूर्ति पूर्ण तरीके से बंद हो गई। भारी बारिश के बीच लोगों को पेयजल संकट से गुजरना पड़ रहा है। इसकी जानकारी प्रशासनिक अमले को होने के बाद भी कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो पा रही है। बदरीनाथ हाईवे पर बसे इन मोहल्लों को घटगाड़ गदेरे से पेयजल आपूर्ति की जाती थी। यह लाइन पूर्व में पिंडर नदी पर बने पुल से होकर गुजरती थी, लेकिन फरवरी माह में नए पुल का निर्माण होने के कारण पाइप लाइन को पिलरों के माध्यम से नदी के आरपार करवाया गया था। बरसात के कारण नदी में पानी बढ़ने से लाइन बह गई। जिससे तीन हजार की आबादी पेयजल संकट की जद में आ गई है।
निचले इलाकों को कैसे मिलेगा पानी
पेयजल लाइन बहने पर जलसंस्थान के अधिकारी टैंकर से आपूर्ति शुरू करने का दावा कर रहे हैं। हकीकत यह है कि सड़क पर केवल 40 फीसदी ही आबादी रहती है। सड़कों पर हैंडपंप लगाए गए हैं। जिनसे लोगों को पेयजल मिल सकता है, लेकिन शक्तिनगर, ऊर्जा निगम कालोनी, आईटीआई, गांधीनगर के बीच और प्रेमनगर का निचला इलाके में आपूर्ति कैसे होगी इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
कोट--
बरसात में पेयजल लाइन बहने की आशंका पहले से ही जताई जा रही थी। बावजूद इसके जलसंस्थान कर्मियों ने वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की। जिसका परिणाम निवासियों को भुगतना पड़ रहा है। वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगार।
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- ईश्वरी मैखुरी स्थानीय निवासी/अनीता नेगी सभासद आईटीआई।
कोट--
दो टैंकर लगवा दिए हैं। मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। निरीक्षण और जांच होने के बाद समय से पैसा मिलेगा तो लाइन का काम शुरू कर दिया जाएगा।
---पीके पांडे सहायक अभियंता जलसंस्थान
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निचले इलाकों को कैसे मिलेगा पानी
पेयजल लाइन बहने पर जलसंस्थान के अधिकारी टैंकर से आपूर्ति शुरू करने का दावा कर रहे हैं। हकीकत यह है कि सड़क पर केवल 40 फीसदी ही आबादी रहती है। सड़कों पर हैंडपंप लगाए गए हैं। जिनसे लोगों को पेयजल मिल सकता है, लेकिन शक्तिनगर, ऊर्जा निगम कालोनी, आईटीआई, गांधीनगर के बीच और प्रेमनगर का निचला इलाके में आपूर्ति कैसे होगी इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
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कोट--
बरसात में पेयजल लाइन बहने की आशंका पहले से ही जताई जा रही थी। बावजूद इसके जलसंस्थान कर्मियों ने वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की। जिसका परिणाम निवासियों को भुगतना पड़ रहा है। वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगार।
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- ईश्वरी मैखुरी स्थानीय निवासी/अनीता नेगी सभासद आईटीआई।
कोट--
दो टैंकर लगवा दिए हैं। मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। निरीक्षण और जांच होने के बाद समय से पैसा मिलेगा तो लाइन का काम शुरू कर दिया जाएगा।
---पीके पांडे सहायक अभियंता जलसंस्थान