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Chamoli News: 22 बाल साहित्यकारों को सम्मानित किया
Sun, 15 Jun 2025 06:23 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Sun, 15 Jun 2025 06:23 PM IST
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फोटो
गैरसैंण। बाल प्रहरी एवं श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम गैरसैंण की ओर से आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय बालसाहित्य संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह के अंतिम दिन 22 बाल साहित्यकारों को सम्मानित किया गया। समारोह में बालप्रहरी पत्रिका की ओर से आयोजित बाल कहानी प्रतियोगिता के विजेताओं राकेश चक्र, नीना सिंह सोलंकी, आशुतोष सती, तूलिका सेठ, डाॅ. रंजना जायसवाल, कुसुम चौधरी और शिव चरण सरोहा सहित 22 बाल साहित्यकारों को बाल साहित्य सम्मान से सम्मानित किया गया।
श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में बाल साहित्यकार प्रकाश पांडे ने कहा कि अब जरूरी है कि हम वैश्विक समस्याओं को चिह्नित करते हुए बाल साहित्य में वैज्ञानिक दृष्टिकोण का समावेश करें। भुवनेश्वरी महिला आश्रम के सचिव ज्ञान सिंह रावत ने कहा कि बाल साहित्य वही जो बच्चे को मनुष्यता के साथ सक्रिय बना दे। डाॅ. दीपा कांडपाल और किसान दीवान ने विचार रखे। बाल साहित्य संस्थान अल्मोड़ा के सचिव उदय किरौला, डॉ. नीरज पंत, एसबीएमए के गिरीश डिमरी, डाॅ. खेमकरण सोमन, राकेश सेठ, सुभाष चंद्र, नरेंद्र सिंह पाल आदि मौजूद रहे। संवाद
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गैरसैंण। बाल प्रहरी एवं श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम गैरसैंण की ओर से आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय बालसाहित्य संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह के अंतिम दिन 22 बाल साहित्यकारों को सम्मानित किया गया। समारोह में बालप्रहरी पत्रिका की ओर से आयोजित बाल कहानी प्रतियोगिता के विजेताओं राकेश चक्र, नीना सिंह सोलंकी, आशुतोष सती, तूलिका सेठ, डाॅ. रंजना जायसवाल, कुसुम चौधरी और शिव चरण सरोहा सहित 22 बाल साहित्यकारों को बाल साहित्य सम्मान से सम्मानित किया गया।
श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में बाल साहित्यकार प्रकाश पांडे ने कहा कि अब जरूरी है कि हम वैश्विक समस्याओं को चिह्नित करते हुए बाल साहित्य में वैज्ञानिक दृष्टिकोण का समावेश करें। भुवनेश्वरी महिला आश्रम के सचिव ज्ञान सिंह रावत ने कहा कि बाल साहित्य वही जो बच्चे को मनुष्यता के साथ सक्रिय बना दे। डाॅ. दीपा कांडपाल और किसान दीवान ने विचार रखे। बाल साहित्य संस्थान अल्मोड़ा के सचिव उदय किरौला, डॉ. नीरज पंत, एसबीएमए के गिरीश डिमरी, डाॅ. खेमकरण सोमन, राकेश सेठ, सुभाष चंद्र, नरेंद्र सिंह पाल आदि मौजूद रहे। संवाद
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