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रोजगार की मांग पर ग्रामीणों ने किया धरना शुरु
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जोशीमठ। परियोजना प्रभावितों को रोजगार देने और क्षेत्र में सामुदायिक विकास के तहत हुए कार्यों में अनियमितता की जांच की मांग के लिए सेलंग गांव के ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। इसके बाद ग्रामीणों ने तपोवन-विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना के टीबीएम साइट पर परियोजना का काम रुकवाया दिया और धरने पर बैठे गए। ग्रामीणों ने ऐलान किया कि जब तक कंपनी की ओर से मांगों पर कार्रवाई नहीं की जाती परियोजना का काम शुरू नहीं होने देंगे।
शुक्रवार को सेलंग गांव के ग्रामीणों ने टीएचडीसी तथा हिंदुस्तान कंपनी के विरोध में प्रदर्शन किया। इसके बाद वह परियोजना की टीबीएम साइट पहुंचे और काम रुकवाकर धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि परियोजना प्रबंधन की ओर से बाहरी लोगों को रोजगार दिया जा रहा है, लेकिन परियोजना प्रभावितों को रोजगार से वंचित रखा जा रहा है। साथ ही क्षेत्र में सामुदायिक विकास कार्य कराए गए हैं, लेकिन इन कार्यों में अनियमितताएं बरती गई हैं। कहा गया कि कई बार परियोजना प्रबंधन से मांगों पर उचित कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन उनकी सुनीं नहीं जा रही है। इस मौके पर आशीष फरस्वाण, शिशुपाल भंडारी, मोहन सिंह फरस्वाण, क्षेत्र पंचायत सदस्य लक्ष्मण सिंह राणा, किशन सिंह, अनुज सिंह, राजेंद्र नेगी, प्रकाश रावत आदि मौजूद थे।
कोट
रोजगार के लिए परियोजना कार्य बंद करवाना सही नहीं है। हाल ही में दस लोगों को रोजगार दिया है। जरूरत के अनुसार अन्य लोगों को भी रोजगार दिया जाएगा। परियोजना में 350 मजदूरों में से लगभग पौने दो सौ मजदूर स्थानीय हैं। कुछ लोग निजी स्वार्थ के कारण बार-बार परियोजना कार्य बंद कर रहे हैं, जो गलत है। - नीरज, परियोजना प्रबंधक, विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना, पीपलकोटी।
शुक्रवार को सेलंग गांव के ग्रामीणों ने टीएचडीसी तथा हिंदुस्तान कंपनी के विरोध में प्रदर्शन किया। इसके बाद वह परियोजना की टीबीएम साइट पहुंचे और काम रुकवाकर धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि परियोजना प्रबंधन की ओर से बाहरी लोगों को रोजगार दिया जा रहा है, लेकिन परियोजना प्रभावितों को रोजगार से वंचित रखा जा रहा है। साथ ही क्षेत्र में सामुदायिक विकास कार्य कराए गए हैं, लेकिन इन कार्यों में अनियमितताएं बरती गई हैं। कहा गया कि कई बार परियोजना प्रबंधन से मांगों पर उचित कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन उनकी सुनीं नहीं जा रही है। इस मौके पर आशीष फरस्वाण, शिशुपाल भंडारी, मोहन सिंह फरस्वाण, क्षेत्र पंचायत सदस्य लक्ष्मण सिंह राणा, किशन सिंह, अनुज सिंह, राजेंद्र नेगी, प्रकाश रावत आदि मौजूद थे।
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रोजगार के लिए परियोजना कार्य बंद करवाना सही नहीं है। हाल ही में दस लोगों को रोजगार दिया है। जरूरत के अनुसार अन्य लोगों को भी रोजगार दिया जाएगा। परियोजना में 350 मजदूरों में से लगभग पौने दो सौ मजदूर स्थानीय हैं। कुछ लोग निजी स्वार्थ के कारण बार-बार परियोजना कार्य बंद कर रहे हैं, जो गलत है। - नीरज, परियोजना प्रबंधक, विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना, पीपलकोटी।
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