{"_id":"57333f2b4f1c1ba13091991b","slug":"bureaucracy-active-after-supreme-court-decision","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुप्रीमकोर्ट के फैसले के बाद नौकरशाही हुई एक्टिव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुप्रीमकोर्ट के फैसले के बाद नौकरशाही हुई एक्टिव
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 11 May 2016 07:48 PM IST
विज्ञापन
ऑफिस
- फोटो : demo pics
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुप्रीमकोर्ट में राष्ट्रपति शासन हटाए जाने और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को नए सिरे से बहाल किए जाने संबंधी फैसले के बाद नौकरशाही नए सिरे से सक्रिय नजर आ रही है। मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह ने न्याय, गोपन समेत सभी विभागों के प्रमुख सचिवों, सचिवों के साथ बैठक कर नए दिशा निर्देश जारी किए।
विज्ञापन
फैसलों का अध्ययन करने में जुटे अफसर
प्रमुख सचिवों, सचिवों ने राष्ट्रपति शासन के दौरान लिए गए अहम फैसलों से जुड़ी पत्रावलियों का नए सिरे से अध्ययन किया ताकि मुख्यमंत्री के साथ होने वाली बैठक में सवाल पूछने पर जवाब दिया जा सके।
विज्ञापन
सचिवालय में बुधवार को दिन तमाम विभागों के अफसर उन पत्रावलियों की खोजबीन करते नजर आए जिन पर डेढ़ महीने पहले सरकार द्वारा निर्णय लिया जाना था। लेकिन, प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लग जाने से तमाम पत्रावलियां ठंडे बस्ते में चली गई। इन फैसलों को पलटे जाने के साथ ही आला नौकरशाहों को अपनी कुर्सी गंवाने का भी डर सता रहा है।
विज्ञापन