28 से लग जाएगा सभी शुभ कार्यों में ब्रेक, निपटा लें पहले काम
- पहले शुक्रास्त, फिर हरिशयनी एकादशी में वर्जित रहेंगे शुभ कार्य
- एक कई को अस्त होंगे शुक्र, लेकिन असर 28 अप्रैल से
- 15 जुलाई से 11 नवंबर तक हरिशयनी एकादशी रहेगी
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कोई भी शुभ कार्य हो तो जल्द ही निपटा लें, क्योंकि शुक्रास्त की वजह से 28 अप्रैल से शुभ कार्यों पर ब्रेक लग जाएगा। शुक्रास्त भले ही एक मई को हो रहा हो लेकिन तीन दिन पहले ही इसका दोष मान लिया जाता है।
इसके पश्चात हरिशयनी एकादशी की वजह से चार महीने तक मुहूर्त नहीं मिल सकेगा, फिर नवंबर और दिसंबर में ही 12 शुभ मुहूर्त मिल सकेंगे। एक मई को शुक्र पूर्व में अस्त होगा और 11 जुलाई को पश्चिम में उदय होगा।
शुक्रास्त के तीन दिन पहले एवं शुक्रोदय के तीन दिन बाद तक इसका दोष माना जाता है। यानी 28 अप्रैल से 13 जुलाई तक विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, यज्ञोपवीत संस्कार, मूर्ति प्रतिष्ठा, गृहारंभ आदि कार्य वर्जित रहेंगे।
शुक्रास्त के दौरान नहीं किए जा सकते शुभ कार्य
उत्तराखंड विद्वत सभा के पूर्व उपाध्यक्ष आचार्य भरत राम तिवारी के अनुसार शुक्रास्त के दौरान शुभ कार्य नहीं किए जा सकते हैं। बताया कि 15 जुलाई से 11 नवंबर तक हरिशयनी एकादशी रहेगी इस दौरान भगवान विष्णु जी चार माह के लिए क्षीर सागर में शयन करेंगे। इस बीच भी शुभ कार्य नहीं हो सकेंगे।
11 नवंबर को देवोत्थान एकादशी के मौके पर जब भगवान विष्णु जागेंगे तभी शुभ कार्य हो सकेंगे। डॉ. आचार्य सुशांत राज के अनुसार इस वर्ष 27 अप्रैल के बाद और 16 नवंबर से पहले कोई मुहूर्त नहीं है। नवंबर, दिसंबर में ही 12 मुहूर्त मिल सकेंगे।
यह मिलेंगे शुभ मुहूर्त
नवंबर में- 23, 24, 25, 30
दिसंबर- 1, 3, 4, 8, 9, 10, 12, 13