आज भी अल्पमत में हैं हरीश रावत: कैलाश विजय वर्गीय
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नैनीताल हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब उत्तराखंड से राष्ट्रपति शासन हट गया है। गुरुवार को आए इस ऐतिहासिक फैसले के बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेता कैलाश विजय वर्गीय ने कहा कि उन्होंने कहा कि हरीश रावत पहले भी अल्पमत में थे और अब भी अल्पमत में हैं।
विजय वर्गीय ने कहा कि बीजेपी के पास पर्याप्त संख्या में विधायक हैं और समय आने पर हम बहुमत साबित कर उत्तराखंड में सरकार बनाएंगे।
गुरुवार को हाईकोर्ट का फैसला आने से पहले उत्तराखंड के बीजेपी प्रभारी श्याम जाजू ने कहा था कि राज्य में किसी भी सूरत में भाजपा बहुमत साबित करेगी और सरकार बनाएगी। राजनीतिक गलियारों में यह भी सुगबुगाहट तेज हुई कि कांग्रेस के सभी विधायकों को देहरादून पहुंचे के निर्देश जारी किए गए हैं। राजभवन में कांग्रेस के विधायकों की परेड होने की संभावना भी जताई जा रही थी।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
कोर्ट का फैसला आने से पहले गुरुवार को श्याम जाजू ने कहा था कि भाजपा जल्द ही उत्तराखंड में सरकार बनाने का दावा पेश करेगी। इस बाबत भाजपा के वरिष्ठ नेता राज्यपाल केके पॉल से मुलाकात करेंगे।
राज्य में राष्ट्रपति शासन लगे होने के बावजूद भाजपा के उत्तराखंड प्रभारी के इस एलान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी थी। श्याम जाजू ने कहा कि कांग्रेस के बागी विधायक अभी भी भाजपा के साथ हैं।
उत्तराखंड के लिए भाजपा का जो दायित्व है उसे निभाया जाएगा। उत्तराखंड की जनता पूर्व मंत्री हरीश रावत के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास चेहरों की कमी नहीं है।
उधर, हाईकोर्ट में आर्टिकल 356 पर सुनवाई पूरी होने के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता दिल्ली से देहरादून के लिए रवाना हो गए थे। बताया गया कि भाजपा ने भगत सिंह कोश्यारी और सपताल महाराज को उत्तराखंड में हो रही सियासी हलचल में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।