उत्तराखंडः राजभवन पहुंचे BJP विधायक, टेंशन में आई कांग्रेस
भाजपा की ओर से बुधवार को राजभवन का दरवाजा खटखटाने पर कांग्रेस के कान भी खड़े हो गए हैं। भाजपा ने विवादों में रहे चुनिंदा मामलों में राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग की है।
कांग्रेस के रणनीतिकार इसे भाजपा की प्रोक्सी रूल की कोशिश मान रहे हैं। इस समय सत्ता का केंद्र राजभवन है और ऐसे में कांग्रेस भाजपा के किसी भी कदम को अननोटिस जाने देने की गलती करने के पक्ष में नही है।
बुधवार को भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से भेंट कर 16 बिंदुओं पर ज्ञापन सौंपा। इनमें आबकारी नीति में संशोधन से लेकर लोकायुक्त की नियुक्ति, सर्किल रेट कम करने जैसे मुद्दों को उठाया गया है।
प्रतिनिधिमंडल में पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, रमेश पोखरियाल निशंक, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट आदि के शामिल होने से कांग्रेस की चिंता में इजाफा ही हुआ है।
खनन के मुद्दे पर आक्रामक रही है भाजपा
कोश्यारी बीते दिन भाजपा की सरकार बनाने का की संभावना का संकेत दे ही चुके हैं। भाजपा आबकारी नीति पर पहले से ही कांग्रेस को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश करती रही है। इसके साथ ही खनन के मुद्दे पर भी भाजपा आक्रामक रही है। इस स्थिति को देखते हुए कांग्रेस ने जवाबी हमला करना बेहतर समझा है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के मीडिया प्रभारी सुरेंद्र कुमार का तो साफ कहना है कि भाजपा की ओर से अब कोशिश प्रोक्सी रूल लगाने की है।
इन सारे मुद्दों पर भाजपा बजट सत्र के दौरान सदन में खुलकर चर्चा की मांग भी कर सकती थी। राज्यपाल ने सदन में बहुमत साबित करने के लिए 28 मार्च तक का समय दिया था, लेकिन उससे पहले ही 27 मार्च को प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया।
भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल इससे पहले भी राज्यपाल से मिला था। ऐसे में राज्यपाल से बार-बार मिलने ने भी कांग्रेस की चिंता में इजाफा किया है।