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श्रमिकों ने लगाया तय मजदूरी से कम भुगतान का आरोप
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प्रतीकात्मक फोटो।
बागेश्वर। गांसी के ग्रामीणों ने जलागम परियोजना (ग्राम्या) के तहत हुए वनीकरण और चहारदीवारी के काम में कम मजदूरी देने का आरोप लगाया है। जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में श्रमिकों ने बताया कि उन्हें प्रतिदिन की तय मजदूरी से 50 रुपये कम का भुगतान किया गया। ग्रामीणों ने मामले की जांच कर पूरा भुगतान कराने की मांग की है।
गांसी गांव में वर्ष 2019-20 में सात लाख 23 हजार रुपये की लागत से छह हेक्टेयर जमीन में वनीकरण और चहारदीवारी निर्माण कराया गया। ग्रामीणों का कहना है कि पुरुषों की प्रतिदिन 450 और महिलाओं की 300 रुपये की मजदूरी तय हुई थी लेकिन भुगतान के समय प्रतिदिन के 50 रुपये कम कर दिए गए। कई लोगों की हाजिरी भी कम कर दी गई। लोगों ने वनीकरण के तहत विभाग पर अपूर्ण कार्य करने का भी आरोप लगाया। कहा कि पूरे छह हेक्टेयर में काम नहीं हुआ है। केवल छह हजार पौधे रोपे गए थे। देखरेख नहीं होने के कारण करीब चार हजार पौधे सूख चुके हैं। ग्रामीणों ने परियोजना प्रभारी पर भी मजदूरी भुगतान में आनाकानी करने और लोगों को जबरन विभाग के चक्कर कटवाने का आरोप लगाया है। ज्ञापन देने वालों में चंदन गस्याल, मनोज सिंह, खीम सिंह, प्रकाश सिंह, गोविंद सिंह आदि थे।
गांसी गांव में श्रमिकों के भुगतान रोकने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। अगर श्रमिकों को कोई परेशानी है तो उन्हें विभाग में आकर शिकायत करनी चाहिए। मामले की पूरी जांच की जाएगी। अगर कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
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एलएस रावत, उप परियोजना प्रबंधक ग्राम्या बागेश्वर।
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गांसी गांव में वर्ष 2019-20 में सात लाख 23 हजार रुपये की लागत से छह हेक्टेयर जमीन में वनीकरण और चहारदीवारी निर्माण कराया गया। ग्रामीणों का कहना है कि पुरुषों की प्रतिदिन 450 और महिलाओं की 300 रुपये की मजदूरी तय हुई थी लेकिन भुगतान के समय प्रतिदिन के 50 रुपये कम कर दिए गए। कई लोगों की हाजिरी भी कम कर दी गई। लोगों ने वनीकरण के तहत विभाग पर अपूर्ण कार्य करने का भी आरोप लगाया। कहा कि पूरे छह हेक्टेयर में काम नहीं हुआ है। केवल छह हजार पौधे रोपे गए थे। देखरेख नहीं होने के कारण करीब चार हजार पौधे सूख चुके हैं। ग्रामीणों ने परियोजना प्रभारी पर भी मजदूरी भुगतान में आनाकानी करने और लोगों को जबरन विभाग के चक्कर कटवाने का आरोप लगाया है। ज्ञापन देने वालों में चंदन गस्याल, मनोज सिंह, खीम सिंह, प्रकाश सिंह, गोविंद सिंह आदि थे।
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गांसी गांव में श्रमिकों के भुगतान रोकने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। अगर श्रमिकों को कोई परेशानी है तो उन्हें विभाग में आकर शिकायत करनी चाहिए। मामले की पूरी जांच की जाएगी। अगर कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
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एलएस रावत, उप परियोजना प्रबंधक ग्राम्या बागेश्वर।