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महिलाओं का उपार्जन प्रशिक्षण शुरू
ब्यूरो /अमर उजाला, बागेश्वर।
Updated Mon, 02 Nov 2015 10:27 PM IST
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एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना की ओर से यहां तीनों ब्लाकों की सहकारिता से जुड़ी महिलाओं का दो दिवसीय उपार्जन प्रशिक्षण शुरू हो गया है। परियोजना के अधिकारियों ने कहा कि आमदनी बढ़ाने के लिए उपार्जन जरूरी है। इसके लिए पहले किस क्षेत्र में कौन सा उत्पादन लाभकारी होगा इसका चयन करना होगा। उत्पादित चीजों का समय पर बाजार तक पहुंचना भी जरूरी है।
विवेक होटल में एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना के सहायक प्रबंधक धीरेंद्र पांडे ने कहा कि क्षेत्र की आबोहवा शाकभाजी और दालों के विभिन्न किस्मों के लिए अनुकूल है। बेमौसमी सब्जियों का उत्पादन तो लाजवाब है। बाजार में पहाड़ में उत्पादित चीजों की काफी मांग है। कहां कौन सी चीजें उत्पादित हो सकती हैं। इसका पहले पता लगाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि उपार्जन अधिक होगा तो आर्थिक हालात भी सुधरेेंगे। सहायक प्रबंधक प्रदीप नेेगी ने कहा कि शाकभाजी, दलहन और तिलहनी फसलों के साथ ही अच्छी नश्ल के गाय भैंसों को पालने को कहा। दूध, दही और घी भी आजीविका उपार्जन के अच्छे साधन हैं। परियोजना के ऑडिटर रोहित अरोड़ा ने आय व्यय संबंधी नवीनतम जानकारियां दी। प्रशिक्षण लेने वालों में महिला भुवनेश्वरी सहकारिता समिति की बागेश्वर, कपकोट और कपकोट से जुड़ी अध्यक्षों, कोषाध्यक्ष और सचिवों में बसंती रावत, आनंदी देवी, भद्रकाली सहाकारिता समिति की चंद्रमणि उनियाल, कमलाकांत पांडे, रमेश आर्य, प्रवीन दानू, बसंती देवी, गीता देवी, शोभा देवी, हरीश पांडा, जानकी देवी, करम सिंह थे। यहां विरेंद्र सिंह गुंसाई आदि थे।
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विवेक होटल में एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना के सहायक प्रबंधक धीरेंद्र पांडे ने कहा कि क्षेत्र की आबोहवा शाकभाजी और दालों के विभिन्न किस्मों के लिए अनुकूल है। बेमौसमी सब्जियों का उत्पादन तो लाजवाब है। बाजार में पहाड़ में उत्पादित चीजों की काफी मांग है। कहां कौन सी चीजें उत्पादित हो सकती हैं। इसका पहले पता लगाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि उपार्जन अधिक होगा तो आर्थिक हालात भी सुधरेेंगे। सहायक प्रबंधक प्रदीप नेेगी ने कहा कि शाकभाजी, दलहन और तिलहनी फसलों के साथ ही अच्छी नश्ल के गाय भैंसों को पालने को कहा। दूध, दही और घी भी आजीविका उपार्जन के अच्छे साधन हैं। परियोजना के ऑडिटर रोहित अरोड़ा ने आय व्यय संबंधी नवीनतम जानकारियां दी। प्रशिक्षण लेने वालों में महिला भुवनेश्वरी सहकारिता समिति की बागेश्वर, कपकोट और कपकोट से जुड़ी अध्यक्षों, कोषाध्यक्ष और सचिवों में बसंती रावत, आनंदी देवी, भद्रकाली सहाकारिता समिति की चंद्रमणि उनियाल, कमलाकांत पांडे, रमेश आर्य, प्रवीन दानू, बसंती देवी, गीता देवी, शोभा देवी, हरीश पांडा, जानकी देवी, करम सिंह थे। यहां विरेंद्र सिंह गुंसाई आदि थे।
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