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बंदर के हमले में बुजुर्ग महिला जख्मी
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बागेश्वर। शहर से लेकर गांव तक बंदरों का आतंक बढ़ते जा रहा है। पेड़ों से ज्यादा अब आबादी क्षेत्रों में बंदरों का जमावड़ा लगा रहता है। जिले के घिरौली क्षेत्र में बंदरों का जबरदस्त है। बंदर ने घिरौली निवासी बुजुर्ग महिला को गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। लोगों ने बंदरों से निजात दिलाने की मांग की है।
मंगलवार को घिरौली निवासी बुजुर्ग मोहिनी देवी (70) अपने घर पर बैठी थी। अचानक बंदर उन पर झपट गया। बंदर ने कंधे पर छलांग लगाकर सिर में दांत गढ़ा दिए। महिला की चीख-पुकार सुनने पर परिजनों ने बंदर को भगाया। हमले में बुजुर्ग बुरी तरह जख्मी हो गई। महिला के सर का उपचार चल रहा है। घिरौली के ग्रामीणों ने वन विभाग से बंदरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।
वन विभाग और बागेश्वर नगरपालिका ने एक-दो बार बंदरों को पिंजरे में पकड़कर अन्यत्र भेजा था, लेकिन कोई परिवर्तन देखने को नहीं मिला। साल दर साल इनकी संख्या में इजाफा हो रहा है। बागेश्वर नगर के साथ ही लगभग सभी गांवों में बंदरों का आतंक तेजी से बढ़ रहा है। फसल को उगने से पहले ही ये उसे नष्ट कर देते हैं। किसानों की सालभर की मेहनत पर ये पानी फेर रहे हैं। लोग खेती से विमुख हो रहे हैं।
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मंगलवार को घिरौली निवासी बुजुर्ग मोहिनी देवी (70) अपने घर पर बैठी थी। अचानक बंदर उन पर झपट गया। बंदर ने कंधे पर छलांग लगाकर सिर में दांत गढ़ा दिए। महिला की चीख-पुकार सुनने पर परिजनों ने बंदर को भगाया। हमले में बुजुर्ग बुरी तरह जख्मी हो गई। महिला के सर का उपचार चल रहा है। घिरौली के ग्रामीणों ने वन विभाग से बंदरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।
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वन विभाग और बागेश्वर नगरपालिका ने एक-दो बार बंदरों को पिंजरे में पकड़कर अन्यत्र भेजा था, लेकिन कोई परिवर्तन देखने को नहीं मिला। साल दर साल इनकी संख्या में इजाफा हो रहा है। बागेश्वर नगर के साथ ही लगभग सभी गांवों में बंदरों का आतंक तेजी से बढ़ रहा है। फसल को उगने से पहले ही ये उसे नष्ट कर देते हैं। किसानों की सालभर की मेहनत पर ये पानी फेर रहे हैं। लोग खेती से विमुख हो रहे हैं।
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