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मतदाताओं को रिझाने में लग गए

Tue, 17 Jan 2017 12:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर। Updated Tue, 17 Jan 2017 12:12 AM IST
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Went out to woo voters
elections - फोटो : DEMO PIC

गरुड़ (बागेश्वर)। आचार संहिता लागू होने के बाद राजनीतिक दलों के नेता इस बीच मतदाताओं को रिझाने में लग गए है। राष्ट्रीय दलों के नेता इस बीच मतदाताओं को अपनी पार्टी का जहां इतिहास और पार्टी के कामों को गिनाने में लग गए हैं। युवा और शिक्षित बेरोजगारों में इस बार मतदान के प्रति उत्साह है। अमर उजाला ने युवा मतदाताओं से बेबाक बातचीत की। अधिकांश मतदाताओं का कहना है कि इस बार शिक्षित और बेरोजगारों की हितों की बात करने वाले प्रत्याशी के पक्ष में  मतदान करेंगे। 

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 मटेना गांव निवासी मनोज कुमार खोलिया का कहना है कि अक्सर दिखने को मिलता है कि चुनाव जीतने के बाद क्षेत्र का विधायक क्षेत्र और आम जनता की समस्याओं को भूल जाता है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र की समस्याओं को प्राथमिकता देने वाले और बेरोजगारों के हितों की बात करने वाले प्रत्याशी के पक्ष में वह इस बार मतदान करेंगे। खोलिया का कहना है कि विधायक को शिक्षित होना जरूरी है। शिक्षित का मतलब साक्षर से नहीं कम से कम स्नातक होना चाहिए।
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दर्शानी गांव निवासी युवा सुमित तिवारी का कहना है कि रोजगार उत्तराखंड की सबसे बड़ी समस्या है। उत्तराखंड में रोजगार के सबसे ज्यादा शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग में है। शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग में में हजारों पद खाली हैं। हमने जो भी विधायक चुनकर भेजें उन्होंने युवाओं को रोजगार देने के लिए ठोस कदम नहीं उठाया। तिवारी का कहना है कि युवाओं को रोजगार दिलाने का वादा करने वाले प्रत्याशी के पक्ष में वह इस बार मतदान करेंगे। पुरुड़ा गागरीगोल निवासी आशा बुटोला का कहना है कि विधायक युवाओं के भविष्य की सोच रखने वाला होना चाहिए।
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क्षेत्र के विकास, विधान सभा क्षेत्र में रोजगार का सृजन करने वाले प्रत्याशी को वह विधायक चुनेंगी। विधायक को हर विषय की जानकारी होनी चाहिए। चुनाव के समय कोरी घोषणा करने वाले प्रत्याशी इस बार खुद ही छट जाएंगे। मटेना गांव निवासी रविशंकर बिष्ट का कहना है कि विधायक को मधुर भाषी होने के साथ-साथ शिक्षित होना भी जरूरी है। विधायक चुने जाने जाने के बाद दलगत राजनीति से हटकर काम करने वाले विधायक हमेशा राजनीति में आगे बढ़े है। बेरोजगारों को रोजगार देने की बात करने वाले प्रत्याशी के पक्ष में इस बार मतदान करेंगे।
 

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