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Bageshwar News: मौसम चक्र गड़बड़ाने से रजाई ओढ़ने को मजबूर लोग
Sun, 28 May 2023 11:53 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Sun, 28 May 2023 11:53 PM IST
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गरुड़ (बागेश्वर)। तीन दिन बाद जून माह शुरू होने वाला है। पहाड़ी इलाकों में फिलहाल गर्मी बहुत कम पड़ रही है। हिमालय के तलहटी वाले इलाके में पंखे नहीं चल रहे हैं। रात को लोग रजाई ओढ़ रहे हैं। मैदानी इलाके के लोग पहाड़ की सैर करने आए तो गर्म कपड़े लाना न भूलें।
बागेश्वर जिले में कई दिनों से दोपहर बाद तेज बारिश हो रही है। जिले में फिलहाल गर्मी बहुत कम पड़ रही है। हिमालय के तलहटी वाले कस्बों में गत वर्ष अप्रैल माह में लोग गर्मी से बचने के लिए पंखा चलाना शुरू कर देते थे। बैजनाथ का 28 मई का अधिकतम तापमान 28 रात का न्यूनतम तापमान 16 डिग्री रहा। तेज गर्मी नहीं पड़ने से अधिकतर लोग रात को रजाई ओढ़ रहे हैं। 2022 में 28 मई को बैजनाथ का तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री था। नेहरू विज्ञान केंद्र मुंबई के सेवानिवृत्त महानिदेशक गंगा सिंह रौतेला का कहना है कि मौसम चक्र में बदलाव आने से पहाड़ों में फिलहाल गर्मी कम है। उन्होंने बताया कि पहाड़ों में ऐसा मौसम पूर्व में नहीं देखा। वयोवृद्ध साहित्यकार गोपाल दत्त पाठक ने कहा कि मौसम चक्र में बदलाव आने से मई माह में मार्च का जैसा मौसम लग रहा है। सहायक विकास अधिकारी उद्यान एनएस भयेड़ा का कहना है कि गर्मी होने से पहाड़ में आम और नाशपाती, आडू, पुल्लम आदि फलों की ग्रोथ कम है। संवाद
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बागेश्वर जिले में कई दिनों से दोपहर बाद तेज बारिश हो रही है। जिले में फिलहाल गर्मी बहुत कम पड़ रही है। हिमालय के तलहटी वाले कस्बों में गत वर्ष अप्रैल माह में लोग गर्मी से बचने के लिए पंखा चलाना शुरू कर देते थे। बैजनाथ का 28 मई का अधिकतम तापमान 28 रात का न्यूनतम तापमान 16 डिग्री रहा। तेज गर्मी नहीं पड़ने से अधिकतर लोग रात को रजाई ओढ़ रहे हैं। 2022 में 28 मई को बैजनाथ का तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री था। नेहरू विज्ञान केंद्र मुंबई के सेवानिवृत्त महानिदेशक गंगा सिंह रौतेला का कहना है कि मौसम चक्र में बदलाव आने से पहाड़ों में फिलहाल गर्मी कम है। उन्होंने बताया कि पहाड़ों में ऐसा मौसम पूर्व में नहीं देखा। वयोवृद्ध साहित्यकार गोपाल दत्त पाठक ने कहा कि मौसम चक्र में बदलाव आने से मई माह में मार्च का जैसा मौसम लग रहा है। सहायक विकास अधिकारी उद्यान एनएस भयेड़ा का कहना है कि गर्मी होने से पहाड़ में आम और नाशपाती, आडू, पुल्लम आदि फलों की ग्रोथ कम है। संवाद
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