फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Bageshwar News ›   we will change the society

शिक्षित होकर बदलेंगी समाज की तस्वीर

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 10 Oct 2019 11:27 PM IST
विज्ञापन
we will change the society
अपराजिता के तहत जीजीआईसी बागेश्वर में चला जागरूकता अभियान। - फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में जन जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान छात्राओं को विभिन्न जानकारी दी गई। कार्यक्रम में छात्राओं ने शिक्षित होने का संकल्प लिया।
विज्ञापन

बृहस्पतिवार को आयोजित कार्यक्रम में बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेंद्र प्रसाद बिष्ट ने कहा कि वर्तमान में बेटियों का लिंगानुपात लगातार कम होता जा रहा है, जिसे रोकना हम सभी का कर्तव्य है। आईसीडीएस के जिला कार्यक्रम समन्वयक सुरेंद्र कुमार ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और बेटी बचाओ-बेटी-पढ़ाओ योजना की जानकारी दी।
विज्ञापन

शिवानी चौबे, तुलसी, कविता आदि छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। वहां जीजीआईसी की प्रधानाचार्या शोभा टम्टा, पूजा लोहुमी, विनीता अल्मियां, मंजू होलरिया, नीलम रावत, पिंकी गोस्वामी, ममता वर्मा, नीमा पांडे, तुलसी बिष्ट, विद्या आदि थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

----
क्या कहती हैं अपराजिताएं
पुरुष और महिला समाज की रीढ़ है। लोगों को महिलाओं के प्रति अपनी मानसिकता बदलनी होगी। आज कई क्षेत्रों में महिलाएं पुरुषों के मुकाबले अच्छा काम कर रही है। इसे समाज को समझने की जरूरत है। - नेहा रौतेला, छात्रा
-
महिलाएं समाज की नींव है। महिला सशक्तीकरण के लिए देश में जो योजनाएं चलाई जा रही हैं। उनका लाभ प्रत्येक महिला तक पहुंचना चाहिए। गांव के अंतिम छोर तक महिला सशक्तीकरण की गूंज उठनी चाहिए। - रुचि बोरा
--
महिला सशक्तीकरण के बावजूद भी महिलाओं पर होने वाले अत्याचार कम नहीं हो रहे हैं। महिलाओं को अपने अधिकार पाने के लिए शिक्षित होना पड़ेगा। तभी वह समाज में बराबरी का दर्जा हासिल कर पाएंगी। - विनीता पांडे
--
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें शिक्षित होना पड़ेगा। बेटा और बेटी एक समान है किसी मात-पिता को इसमें अंतर नहीं करना चाहिए। समाज से लड़के और लड़की का भेद खत्म करना जरूरी है। - नेहा विश्वकर्मा

बेटी-बचाओ, बेटी-पढ़ाओ योजना के तहत हुई कार्यशाला
बागेश्वर। बेटी-बचाओ, बेटी-पढ़ाओ योजना के तहत बृहस्पतिवार को जीजीआईसी में एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला हुई। इसमें मुख्य अतिथि एसडीएम राकेश चंद्र तिवारी ने समाज को बेटियों के प्रति अपनी विकृत मानसिकता को त्यागकर बेटियों के प्रति सकारात्मक नजरिया अपनाने को कहा। एसडीएम तिवारी एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेंद्र प्रसाद बिष्ट ने एक या अधिक लड़कियों को गोद देने वाले दंपतियों को सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में परियोजना के सुपरवाइजर, विद्यालय में अध्ययनरत 606 छात्रायें, अध्यापक स्टाफ सहित राष्ट्रीय पोषण मिशन, महिला शक्ति केंद्र के स्टाफ, अभिभावक, क्षेत्रीय जनता सहित कुल 700 से अधिक प्रतिभागी थे। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed