सड़क पर पानी की बर्बादी, प्यासी रह रही आबादी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जल संस्थान की सबसे पुरानी पंपिंग योजना बुनियाद से ही लीक होने लगी है। लीकेज से जनता को प्यास बुझाने के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है जबकि सैकड़ों लीटर पानी सड़क पर यूं ही बह जा रहा है।
जल संस्थान ने हिल्ट्रान कैल्ख के समीप करीब 3.50 लाख रुपये से पानी की सप्लाई के लिए पंपिंग योजना बनाई थी। इस योजना से शहर के विभिन्न इलाकों में पानी की आपूर्ति होती है। इधर एक साल में ही यह योजना जवाब दे गई है। पंप के बुनियादी जमीन से ही पानी की लीकेज होने लगी है। दीवारों से लीकेज होने लगी है। इससे रोजाना सैकड़ों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है।
वहीं जनता का गला तर करने के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि चंद कदमों की दूरी पर जल संस्थान का दफ्तर है, रोजाना ईई से लाइनमैन तक गुजरते हैं लेकिन कोई इस ओर ध्यान नहीं देता है। चेतावनी दी कि यदि लीकेज की मरम्मत कर आपूर्ति नहीं की गई तो उग्र आंदोलन होगा।
-
लीकेज पर परिचर्चा
एक साल पहले ही टैंक का निर्माण हुआ है लेकिन निर्माण के दौरान किसी अफसर ने झांका तक नहीं है। घटिया माल लगाकर निर्माण पूरा हो गया अब पानी की लीकेज होने लगी है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए। - रमेश चंद्र
टैंक से पानी लीकेज होकर सड़कों, नालियों में बह जाता है जबकि जनता प्यास बुझाने के लिए रुपये खर्च कर टैंकर मंगाती है। जल संस्थान लीकेज की मरम्मत करा दे इस पानी से ही एक दो मोहल्ले की प्यास बुझ सकती है। - राजा
गर्मी शुरू होने से पहले ही पेयजल लाइनों, योजनाओं की मरम्मत करनी चाहिए ताकि जनता को परेशानी नहीं हो। लीकेज के कारण जनता प्यासी है। लीकेज की मरम्मत कर पानी की आपूर्ति सुचारु करनी चाहिए। - भावना रावत
मंडलसेरा और भिटालगांव में पानी का संकट बरकरार
बागेश्वर। शहर के मंडलसेरा और भिटालगांव में पानी का संकट जस का तस बना हुआ है। क्षेत्रवासी रात भर जाग कर पानी का इंतजार कर रहे है लेकिन गला तर करने के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। वहीं कहीं हालत इतनी बदतर है कि सरकारी नलों से बाल्टियां भरकर रिक्शे पर ढो ढो कर घर तक पहुंचाई जा रही है। वहीं सरयू और गोमती नदी से भी पानी भरने वालों की लाइन लगी हुई है।