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वार्ड ब्वाय के भरोस सानी उडियार का अस्पताल
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
Updated Tue, 21 Mar 2017 10:52 PM IST
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राजकीय ऐलोपैथिक चिकित्सालय सानीउडियार।
- फोटो : अमर उजाला
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शासन और स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के चलते राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय सानीउडियार वार्ड ब्वाय के भरोसे चल रहा है। अस्पताल में डाक्टर का पद पिछले दो साल से रिक्त पड़ा हुआ है। फार्मेसिस्ट पिछले पांच महीने से अवकाश पर है। लोगों को उपचार के लिए 50 से 55 किमी दूर बागेश्वर आना पड़ रहा है।
बागेश्वर ब्लाक के राजकीय एलोपैथिक अस्पताल सानी उडियार से सानीउडियार गांव के अलावा माणा दिगोली, हवनतोली, गौजाली, गौजानी, भेंटा करड़िया समेत एक दर्जन से भी अधिक गांव जुड़े हैं। इन गांवों में रह रही 12 हजार से अधिक की आबादी स्वास्थ्य सेवा के लिए इसी अस्पताल पर निर्भर हैं। इस अस्पताल में डाक्टर का पद दो साल से खाली है। फार्मेसिस्ट पिछले पांच महीने से अवकाश पर है। वर्तमान में यह अस्पताल वार्ड ब्वाय के भरोसे चल रहा है।
सानी उडियार के प्रधान ख्यालीराम, बैड़ा तलड़ा की प्रधान तुलसी देवी आदि क्षेत्रवासियों का कहना है कि इस राजकीय एलोपैथिक अस्पताल खातीगांव में तैनात चिकित्सक को सप्ताह में तीन दिन यहां भेजा जाता है। लेकिन इससे लोगों को खास राहत नहीं मिल पा रही है। उनका कहना है कि क्षेत्र के लोगों ज्यादातर उपचार के लिए 55 किमी दूर बागेश्वर आना पड़ता है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल में शीघ्र डाक्टर की तैनाती करने की मांग की है।
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मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एसके साह ने बताया कि अस्पतालों में डाक्टरों और फार्मेसिस्टों के रिक्त पदों के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया है। शासन से जैसे ही जिले को डाक्टर मिलेंगे तैनाती कर दी जाएगी।
कपकोट के विधायक बलवंत भौर्याल ने बताया कि अस्पतालों में डाक्टरों, फार्मेसिस्टों और अन्य कार्मिकों के रिक्त पदों के लिए पिछली सरकार की गलत नीतियां जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि रिक्त पदों को भरने के लिए वह शीघ्र ही मुख्यमंत्री से बात करेंगे।
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बागेश्वर ब्लाक के राजकीय एलोपैथिक अस्पताल सानी उडियार से सानीउडियार गांव के अलावा माणा दिगोली, हवनतोली, गौजाली, गौजानी, भेंटा करड़िया समेत एक दर्जन से भी अधिक गांव जुड़े हैं। इन गांवों में रह रही 12 हजार से अधिक की आबादी स्वास्थ्य सेवा के लिए इसी अस्पताल पर निर्भर हैं। इस अस्पताल में डाक्टर का पद दो साल से खाली है। फार्मेसिस्ट पिछले पांच महीने से अवकाश पर है। वर्तमान में यह अस्पताल वार्ड ब्वाय के भरोसे चल रहा है।
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सानी उडियार के प्रधान ख्यालीराम, बैड़ा तलड़ा की प्रधान तुलसी देवी आदि क्षेत्रवासियों का कहना है कि इस राजकीय एलोपैथिक अस्पताल खातीगांव में तैनात चिकित्सक को सप्ताह में तीन दिन यहां भेजा जाता है। लेकिन इससे लोगों को खास राहत नहीं मिल पा रही है। उनका कहना है कि क्षेत्र के लोगों ज्यादातर उपचार के लिए 55 किमी दूर बागेश्वर आना पड़ता है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल में शीघ्र डाक्टर की तैनाती करने की मांग की है।
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मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एसके साह ने बताया कि अस्पतालों में डाक्टरों और फार्मेसिस्टों के रिक्त पदों के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया है। शासन से जैसे ही जिले को डाक्टर मिलेंगे तैनाती कर दी जाएगी।
कपकोट के विधायक बलवंत भौर्याल ने बताया कि अस्पतालों में डाक्टरों, फार्मेसिस्टों और अन्य कार्मिकों के रिक्त पदों के लिए पिछली सरकार की गलत नीतियां जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि रिक्त पदों को भरने के लिए वह शीघ्र ही मुख्यमंत्री से बात करेंगे।