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बुराई के खिलाफ आवाज है ‘आश्चर्य चूड़ामणि’
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
Updated Mon, 14 Mar 2016 10:39 PM IST
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आश्चर्य चूड़ामड़ि नाटक की झलक
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तराखंड संस्कृत अकादमी, हरिद्वार द्वारा प्रचार प्रसार संवर्द्धन और जनमानस को संस्कृत का ज्ञान कराने के लिए संस्कृत नाट्य यात्रा के तहत यहां आयोजित महाकवि शक्तिभद्र द्वारा विरचित ‘आश्चर्य चूड़ामणि’ संस्कृत नाटक का खूबसूरत मंचन किया गया।
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समाज की बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाने वाले इस नाटक को दर्शकों ने खूब सराहा। श्री शंकराचार्य संस्कृत विश्व विद्यालय केरल के प्रो. एमके सुरेश बाबू के निर्देशन में राज्य के ही छात्र छात्राओं ने नाटक की मनमोहक प्रस्तुति दी।
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नुमाइशखेत स्थित रामलीला भवन में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अध्यक्षता करते हुए नगर पालिकाध्यक्ष गीता रावल ने कहा कि संस्कृत नाटक के प्रदर्शन से लोगों को प्रेरणा मिलेगी। संस्कृत अकादमी के प्रदेश सचिव डा. सुरेश चरण बहुगुणा ने कहा कि संस्कृत जीवन का आधार है।
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जवाहर नवोदय विद्यालय सिमार, राजीव नवोदय विद्यालय सरस्वती शिशु मंदिर हाईस्कूल और छात्र भानु तिवारी ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुति से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। संचालन शोध अधिकारी डा. हरीश चंद्र गुरूर्रानी और डा. गोपाल कृष्ण जोशी ने किया।
इस दौरान स्थानीय संयोजक दीप चंद्र जोशी, वन पंचायत सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष राजेंद्र टंगड़िया, 20 सूत्री कार्यक्रम के जिला उपाध्यक्ष भुवन पाठक, ब्लाक प्रमुख रेखा खेतवाल, पूर्व संस्कृत शिक्षा निदेशक वाचस्पति मैठाणी, विद्या भारती के पूर्व प्रदेश निरीक्षक हरि दत्त जोशी, डीईओ (बेसिक) आकाश सारस्वत, बार ऐसोसिएशन के जिलाध्यक्ष घनानंद जोशी, सुनीता टम्टा, किशन मलड़ा, गोविंद भंडारी, बंशीधर जोशी, डा. रमेश कांडपाल, पीके तेवाड़ी, भुवन जोशी, दुर्गा असवाल और ममता रावल आदि थे।