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ईड़ा गांव के लोग बोले, रोड नहीं तो वोट नहीं
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बागेश्वर के जिलाधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन करते ईड़ा के ग्रामीण। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। ईड़ा गांव के लोग लंबे समय से सड़क की मांग करते आ रहे हैं। सोमवार को वे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। उनकी मांग थी कि घिंघारतोला-जौलगांव मार्ग को ईड़ा, उजेड़ा गांव से जोड़ा जाए। ग्रामीणों ने मांग पूरी न होने पर चुनाव का बहिष्कार करने की चेतावनी दी।
घिंघारूतोला से छह किमी की दूरी पर बसे ईड़ा गांव के लिए 15 साल पहले तीन किमी रोड काटी गई थी। तब से सड़क की सुध नहीं ली गई। डामरीकरण न होने की वजह से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बीमारों को डोली के सहारे मुख्य मार्ग तक ले जाया जाता है। पेंशन लेने और अन्य कार्यों के लिए जिला मुख्यालय आने वाले बुजुर्गों को परेशानी होती है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर जल्द से जल्द मार्ग का निर्माण कराने की मांग की है। इस मौके पर खड़क सिंह, महेंद्र सिंह, कुशाल सिंह, विजय सिंह, हिमांशु सिंह, उमेश चंद्र, पुष्कर सिंह, नारायण सिंह आदि थे।
लोगों की बात
जिले के दूरस्थ गांवों तक मोटर मार्ग बन गए, लेकिन ईड़ा गांव आज भी सड़क सुविधा से महरूम है। विकास की बात करने वाली सरकार को ग्रामीणों की परेशानी का संज्ञान लेना चाहिए। - विपिन चंद्र, ग्राम प्रधान इड़ा
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मैं लकवाग्रस्त हूं और मेरे जैसे अन्य मरीजों और बुजुर्गों को सड़क नहीं होने से आने-जाने में काफी दिक्कत होती है। मुख्य मार्ग तक डोली के सहारे जाना पड़ता है। - नंदन सिंह, सेवानिवृत्त सूबेदार
मोटर मार्ग नहीं होने के कारण गांव से पलायन हो रहा है। पूर्व में गांव में 70 से अधिक परिवार थे आज उनकी संख्या सिमटकर 20 रह गई है। - पंकज रौतेला, ग्रामीण युवा
जनप्रतिनिधियों की अनदेखी गांवों के विकास को ठप कर देती है। ग्रामीण स्तर से लेकर विधायक तक सभी जनप्रतिनिधियों को क्षेत्र की समस्याओं को लेकर गंभीर होना होगा। - दीपक खेतवाल, सामाजिक कार्यकर्ता
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घिंघारूतोला से छह किमी की दूरी पर बसे ईड़ा गांव के लिए 15 साल पहले तीन किमी रोड काटी गई थी। तब से सड़क की सुध नहीं ली गई। डामरीकरण न होने की वजह से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बीमारों को डोली के सहारे मुख्य मार्ग तक ले जाया जाता है। पेंशन लेने और अन्य कार्यों के लिए जिला मुख्यालय आने वाले बुजुर्गों को परेशानी होती है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर जल्द से जल्द मार्ग का निर्माण कराने की मांग की है। इस मौके पर खड़क सिंह, महेंद्र सिंह, कुशाल सिंह, विजय सिंह, हिमांशु सिंह, उमेश चंद्र, पुष्कर सिंह, नारायण सिंह आदि थे।
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लोगों की बात
जिले के दूरस्थ गांवों तक मोटर मार्ग बन गए, लेकिन ईड़ा गांव आज भी सड़क सुविधा से महरूम है। विकास की बात करने वाली सरकार को ग्रामीणों की परेशानी का संज्ञान लेना चाहिए। - विपिन चंद्र, ग्राम प्रधान इड़ा
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मैं लकवाग्रस्त हूं और मेरे जैसे अन्य मरीजों और बुजुर्गों को सड़क नहीं होने से आने-जाने में काफी दिक्कत होती है। मुख्य मार्ग तक डोली के सहारे जाना पड़ता है। - नंदन सिंह, सेवानिवृत्त सूबेदार
मोटर मार्ग नहीं होने के कारण गांव से पलायन हो रहा है। पूर्व में गांव में 70 से अधिक परिवार थे आज उनकी संख्या सिमटकर 20 रह गई है। - पंकज रौतेला, ग्रामीण युवा
जनप्रतिनिधियों की अनदेखी गांवों के विकास को ठप कर देती है। ग्रामीण स्तर से लेकर विधायक तक सभी जनप्रतिनिधियों को क्षेत्र की समस्याओं को लेकर गंभीर होना होगा। - दीपक खेतवाल, सामाजिक कार्यकर्ता